एनआरएलएम की दीदियों के उत्पाद को मिली पहचान,”काशी प्रेरणा” का हुआ “ट्रेडमार्क” रजिस्ट्रेशन
उत्तर प्रदेश में पहली बार काशी की एनआरएलएम से जुड़ी समूह की महिलाओं के उत्पादों का हुआ “ट्रेडमार्क” रजिस्ट्रेशन
योगी सरकार की ये पहल ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन और आर्थिक आत्मनिर्भरता की बनेगी नई मिसाल
सेल्फ हेल्प ग्रुप द्वारा निर्मित 100 से अधिक प्रोडक्ट “काशी प्रेरणा” ट्रेडमार्क के अंतर्गत मिलेगा
ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन और आर्थिक आत्मनिर्भरता की बनी नई मिसाल
समूह के उत्पाद फ्लिप कार्ट, ऐमज़ॉन ,मिशो और अन्य ई-प्लेटफार्म पर एक अमरेला के अंदर मिलेगा
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी दीदियों के हुनर को ‘काशी प्रेरणा’ के रूप में मिला नया मुकाम
वाराणसी में 12 हजार से अधिक समूह ,1.5 लाख महिलाएं जुड़ी हैं
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में “काशी प्रेरणा” की 65 दुकानें होती है संचालित हैं

वाराणसी,12 मार्च
वाराणसी की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के उत्पादों को पहली बार अब ब्रांड के नाम से जाना जाएगा। उत्तर प्रदेश में पहली बार काशी की राष्ट्रीय आजीविका मिशन से जुड़ी समूह की महिलाओं के उत्पादों का “ट्रेडमार्क”का रजिस्ट्रेशन हो गया है, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की सेल्फ हेल्प ग्रुप द्वारा निर्मित 100 से अधिक प्रोडक्ट “काशी प्रेरणा” ट्रेडमार्क के अंतर्गत मिलेगा। योगी सरकार की ये पहल न केवल ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन और आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश करेगी,बल्कि उन्हें बड़े बाजारों तक पहुंचाएगी। अब समूह के उत्पादों को आप फ्लिप कार्ट, ऐमज़ॉन और अन्य ई-प्लेटफार्म से एक अमरेला के अंदर ही खरीद पाएंगे।
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुडी दीदियों के हुनर को ‘काशी प्रेरणा’ के रूप में अब नया मुकाम मिलेगा है। दरअसल, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए 100 से अधिक उत्पाद और सेवाएं अब एक ही छतरी के नीचे “काशी प्रेरणा” ट्रेडमार्क के अंतर्गत उपलब्ध होगा । वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से इस ब्रांड को प्राथमिक मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही अंतिम स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। तब तक समूह की महिलाएं अपने उत्पादों को एक मजबूत पहचान के साथ देशभर में बेच सकेंगी।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त पवन कुमार सिंह ने बताया कि योगी सरकार की महिला सशक्तिकरण नीति का असर अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं, जो कभी केवल घरेलू दायित्वों तक सीमित थीं, आज उद्यमी बनकर आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। ई-कॉमर्स प्लेटफार्म पर पहले से मौजूद उत्पाद ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे मेशो ,फ्लिपकार्ट, अमेज़न और अन्य ई-कॉमर्स माध्यमों पर अब काशी प्रेरणा ब्रांड नाम से मिलेंगे। इससे उनकी आय बढ़ने के साथ-साथ बाजार का दायरा भी विस्तृत होगा।
एनआरएलएम उपायुक्त के अनुसार, वाराणसी जिले में करीब 12 हजार से अधिक समूह है, जिसमें 1.5 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। इनके उत्पाद पहले भी ऑफ़ लाइन तथा ऑनलाइन बिक रहे थे, लेकिन अब एक ब्रांड के रूप में पहचान मिलने से विश्वसनीयता और मांग दोनों बढ़ेंगी। वर्तमान में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में “काशी प्रेरणा” की 65 दुकानें संचालित हैं, जिनका संचालन स्वयं समूह की महिलाएं ही करती हैं।
यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही है। योगी सरकार का लक्ष्य है कि महिलाएं केवल रोजगार पाने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बनें। “काशी प्रेरणा” ब्रांड इसी सोच का सशक्त उदाहरण है, जहां हुनर, आत्मविश्वास और सरकारी सहयोग मिलकर सफलता की नई कहानी लिख रहे हैं।






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