April 13, 2026 7:10 pm

वाराणसी के ग्रामीण क्षेत्रो में झोलाछाप डाक्टरों की भरमार

गर्मी में धुंआधार चलता है कारोबार

स्वास्थ्य विभाग कान में डाल के बैठा है तेल

वाराणसी में झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानें दिनों दिन बढ़ती जा रहीं हैं। इन फर्जी डॉक्टरों द्वारा मरीजों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है। शहर से लगायत ग्रामीण क्षेत्रो में जगह-जगह बिना रजिस्ट्रेशन वाले डॉक्टर क्लीनिक चला रहे हैं। इतना ही नहीं क्लीनिकों के नाम बड़े शहरों के क्लीनिकों की तर्ज पर रखते है, जिससे लोग आसानी से प्रभावित हो जाते है। मरीज अच्छा डॉक्टर समझकर इलाज करवाते हैं, लेकिन उन्हें इस बात का पता नहीं रहता है कि उनका इलाज भगवान भरोसे किया जा रहा है।

फर्जी डॉक्टरों के लिए यह धंधा काफी लाभदायक है। मरीजों को लुभाने के लिए बड़े डॉक्टरों की तर्ज पर जांच करवाते हैं और जांच के आधार पर मरीज का इलाज करते हैं, जिससे मरीज को लगे कि डॉक्टर सही हैं एवं उनका इलाज सही तरीके से किया जा रहा है।

शहर की लगभग हर गली में एक-दो फर्जी क्लीनिक चल रहे हैं। फर्जी डाक्टरों ने इस धंधे को और लाभदायक बनाने के लिए शहर के कुछ निजी अस्पतालों से भी सांठगांठ कर रखी है। मरीज की हालत ज्यादा गंभीर होने पर उन्हें इन्ही प्राइवेट अस्पतालों में भेज देते हैं, जहां से उन्हें कमीशन के तौर पर फायदा होता है।

इस भीषण गर्मी में ग्रामीण क्षेत्रो में मरीजो की बाढ़ आ जाती है और सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी भीड़ और सरकारी कर्मचारियों की उपेक्षा के चलते लोग इन फर्जी डॉक्टरों के चंगुल में फंस माल से तो हाथ धो ही रहे है, कभी कभी जान भी गंवा दे रहे है

 

ग्रामीण क्षेत्रों में ये धंधा तो विशेष रूप से फल-फूल रहा है। फर्जी डॉक्टर ग्राम स्तर पर शाखाएं जमाए हुए हैं और बड़े डॉक्टरों की तर्ज पर सप्ताह में चार दिन बिना संसाधनों के क्लीनिक चलाते हैं। फर्जी डॉक्टर वहीं दवा लिखते है जिनमें उन्हें कमीशन मिलता है। अक्सर ऐसे मामले देखने को मिलते है कि फर्जी डॉक्टरों के इलाज से मरीज की जान पर आफत आ जाती है और फर्जी डॉक्टर अपने बचाव के लिये मरीज को प्राईवेट अस्पताल रेफर कर देते है, जहां उनका मोटा कमीशन पहले से ही तय होता है। स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन को इनकी भनक तक नहीं है कि क्षेत्र में फर्जी डॉक्टरों द्वारा कितने बिना पंजीकरण के क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं। यदि शीघ्र ही फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई तो इनकी संख्या बड़ी तादाद में बढ़ जाएगी और मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ होता रहेगा।

स्वास्थ्य विभाग एवं प्रशासन को उचित कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे आम जनमानस को फर्जी डॉक्टर के चुंगल में फंसने से बचाया जा सके।

Liveupweb
Author: Liveupweb

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *