April 14, 2026 10:03 am

Home » उत्तर प्रदेश » मालगोदाम की जमीन पर विकसित होगा नमो: बनारस केंद्र

मालगोदाम की जमीन पर विकसित होगा नमो: बनारस केंद्र

मालगोदाम की जमीन पर विकसित होगा नमो: बनारस केंद्र

-145 करोड़ की लागत से जी-प्लस सिक्स कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनेंगे छोटे-बड़े 844 दुकान

-यह केंद्र बनारसी साड़ी उद्योग और सप्तसागर दवा मंडी के व्यवसायियों को होगा आवंटित

-दूसरे चरण में ट्रामा सेंटर और कैंसर अस्पताल परिसर में मिलेगी मुफ्त वाई-फाई की सुविधा

-सलरपुर और पहाड़िया में नए बिजली उपकेन्द्रों के निर्माण का रास्ता साफ

 

वाराणसी : काशी अब आधुनिक व्यापारिक सुविधाओं और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के एक नए युग में प्रवेश कर रही है। वहीं नगर निगम भी शहरी क्षेत्र के खाली भू-भागों का व्यावसायिक उपयोग कर अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ शहर को नई पहचान देने में जुटा हुआ है। इस क्रम में निगम कैंट स्थित मालगोदाम की बेशकीमती भूमि पर नमो: बनारस केंद्र विकसित करते का निर्णय लिया है । यह केंद्र न केवल वाराणसी के पारंपरिक बुनकरों और व्यापारियों के लिए वरदान साबित होगा, बल्कि शहर के आर्थिक ढांचे को भी मजबूती प्रदान करेगा।

 


महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में सोमवार को निगम के सभागार में हुई कार्यकारिणी की बैठक में नमो: बनारस केंद्र प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी मिल गई । नगर निगम की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत कुल 0.82 हेक्टेयर भू-भाग पर 145.36 करोड़ रुपये की लागत से जी-प्लस 6 मल्टीस्टोरी कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। इस कॉम्प्लेक्स का कुल निर्माण क्षेत्रफल 48365.10 वर्ग मीटर होगा, जिसमें छोटे-बड़े कुल 844 आधुनिक दुकानों के निर्माण का प्रस्ताव है। व्यापारियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसमें 155 वर्ग फीट से लेकर 655 वर्ग फीट तक की दुकानें उपलब्ध होंगी। परियोजना के वित्तपोषण के लिए निगम ने एक मॉडल तैयार किया है, जिसके तहत व्यापारियों के माध्यम से करीब 100 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि शेष 45.36 करोड़ रुपये की धनराशि निगम राज्य वित्त आयोग से प्राप्त अनुदान की बचत से खर्च करेगा। यह केंद्र बनारसी साड़ी उद्योग और सप्तसागर दवा मंडी के व्यवसायियों को आवंटित किया जाएगा।
काशी को स्मार्ट सिटी के मानकों पर खरा उतारने के लिए डिजिटल कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस क्रम में  दशाश्वमेघ और अस्सी जैसे प्रमुख घाटों के बाद निगम अब दूसरे चरण में शहर के महत्वपूर्ण चिकित्सा केंद्रों को मुफ्त वाई-फाई की सुविधा से जोड़ा जाएगा। इसके तहत ट्रॉमा सेंटर, बीएचयू अस्पताल और कैंसर अस्पताल परिसर में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को मुफ्त वाई-फाई सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। यह कदम उन हजारों लोगों के लिए राहत भरा होगा जो दूर-दराज से इलाज के लिए यहां आते हैं।
प्रवर्तन दल को और प्रभावी बनाने का लिया निर्णय
वहीं दूसरी ओर, शहर की यातायात व्यवस्था और सुंदरता को बिगाड़ने वाले अतिक्रमणकारियों पर लगाम कसने के लिए प्रवर्तन दल को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया गया है। आउटसोर्सिंग के माध्यम से 19 नए जवानों की नियुक्ति की जाएगी, जिससे प्रवर्तन दल के जवानों की संख्या 21 से बढ़कर 40 हो जाएगी। इसके साथ ही श्रमिकों की संख्या भी 25 से बढ़ाकर 40 करने का निर्णय लिया गया है। अब शहर के हर जोन में कम से कम चार श्रमिक तैनात रहेंगे जो प्रवर्तन दल के साथ मिलकर अतिक्रमण हटाने और अन्य कार्यों में सहयोग करेंगे। इसके अलावा, कार्यकारिणी ने मैदागिन स्थित पेट्रोल पंप के पट्टे का नवीनीकरण करते हुए 55,000 रुपये मासिक किराया निर्धारित कर दिया है और होम स्टे, पेईंग गेस्ट हाउस के लिए 1500 रुपये वार्षिक लाइसेंस शुल्क को भी हरी झंडी दी है। साथ ही विभिन्न श्रेणियों के भवनों और केंद्रों के नियमावली सरलीकरण को भी मंजूरी दी गई है।
 अनुपयोगी 83 वाहन होंगे नीलाम
बैठक में उप सभापति नरसिंह दास की अध्यक्षता वाली समिति की संस्तुति पर 83 अनुपयोगी वाहनों की नीलामी को भी हरी झंडी दी गई। हालांकि, चार साल पहले सीएसआर फंड से मिले ई-गार्बेज वाहनों सहित 31 वाहनों की नीलामी पर फिलहाल रोक लगा दी गई है, जिनकी विस्तृत जांच के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
अब टेंडर के एक सप्ताह के भीतर होगा अनुबंध
बैठक के दौरान विकास कार्यों की जमीनी हकीकत को लेकर महापौर काफी सख्त नजर आए। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद गलियों, सड़कों, सीवर और पेयजल पाइप लाइन बिछाने के कार्यों में हो रही देरी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ने स्पष्ट किया कि जनता की सुविधाओं से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लेट-लतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यकारिणी ने आदेश दिया कि अब से टेंडर जारी होने के ठीक एक सप्ताह के भीतर संबंधित ठेकेदार के साथ अनिवार्य रूप से अनुबंध की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि कार्य तत्काल शुरू हो सके। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि निर्माण कार्य केवल समय सीमा के भीतर ही नहीं, बल्कि पूरी तरह से गुणवत्तापूर्ण होने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में कार्यों की गुणवत्ता में कमी पाई गई तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
निगम ने दी सलरपुर और पहाड़िया में बिजली उपकेन्द्रों के लिए भूमि
बैठक में अधिनियम-1959 की धारा-91 (1) के तहत राजस्व विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर विचार करते हुए कार्यकारिणी ने सलरपुर और पहाड़िया क्षेत्र में नए विद्युत उपकेन्द्रों (पावर हाउस) के निर्माण हेतु भूमि आवंटन को मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण विकास कार्य के पीछे पार्षद हनुमान प्रसाद के निरंतर प्रयासों की बड़ी भूमिका रही है । प्रस्ताव के अनुसार, सलरपुर वार्ड संख्या-5 के पार्षद हनुमान प्रसाद ने स्थानीय जनता की बिजली संबंधी समस्याओं को देखते हुए नगर आयुक्त को प्रार्थना-पत्र दिया था। उन्होंने मौजा सलरपुर (परगना-शिवपुर, तहसील सदर) की आराजी संख्या 612 की नवीन परती भूमि, जिसका क्षेत्रफल लगभग 0.040 हेक्टेयर है, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था। इसी प्रकार पार्षद राजकपूर चौधरी द्वारा भी पहाड़िया स्थित आराजी संख्या 288/6 की खुली भूमि पर विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना और अनापत्ति प्रमाण पत्र दिए जाने की मांग की गई थी। नगर निगम प्रशासन ने दोनों प्रस्तावित स्थलों का गहन तकनीकी परीक्षण कराया गया, जिसमें निर्माण की व्यवहार्यता को सही पाया गया । कार्यकारिणी ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृत किया गया। इन नए उपकेन्द्रों के बनने से सलरपुर, शिवपुर और पहाड़िया सहित आसपास के बड़े रिहायशी इलाकों को लो-वोल्टेज और बिजली कटौती जैसी समस्याओं से बड़ी राहत मिलेगी। पार्षद हनुमान प्रसाद ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह विकास कार्य क्षेत्र की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगा।
स्थगित हुई बैठक, नहीं हो सकी जनहित मुद्दों पर चर्चा
चर्चा के दौरान बिना अनुमति के कुछ अधिकारियों के बार-बार सभागार में आने-जाने से नाराज महापौर बैठक अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दी।  बैठक स्थगित होने के कारण नगर निगम अधिनियम की धारा 91 (2) के तहत होने वाली महत्वपूर्ण चर्चा नहीं हो सकी। इस धारा के अंतर्गत जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों और विकास की नई योजनाओं पर सदस्यों के बीच संवाद होना था। कुछ अधिकारियों की तैयारी पूरी न होने और व्यवस्था संबंधी कारणों से कई अहम विषयों पर चर्चा अधूरी रह गई।
बैठक में इनकी रही उपस्थिति
बैठक में उपसभापति नरसिंह दास, कार्यकारिणी सदस्य अमरदेव यादव, प्रमोद राय, मदन मोहन, हनुमान प्रसाद, सुशील गुप्ता योगी, प्रवीन राय, अशोक मौर्या, माधुरी सिंह, सुशीला देवी और राजकुमार चौधरी उपस्थित रहे। इसके अलावा नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल, अपर नगर आयुक्त सविता यादव, अमित कुमार, संगम लाल, , विनोद कुमार गुप्ता, संयुक्ती नगर आयुक्तय कृष्ण  चंद्र, सहायक नगर आयुक्तम अनिल कुमार यादव, नगर स्वारस्य्संय अधिकारी डा. एसके चौधरी, मुख्य नगर लेखा परीक्षक संजय प्रताप सिंह, मुख्य  अभियंता रवींद्र कुमार सिंह,, जलकल के महाप्रबंधक अनूप सिंह, उद्यान अधीक्षक डा. वीके सिंह, पशु चिकित्साधिकारी डा. संतोष पाल, विभागाध्क्षल  शिखा मौर्या सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।

Liveupweb
Author: Liveupweb

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *