रेलवे के विकास में बाधा बनी मस्जिद को भारी पुलिस बल के साथ जिला प्रशासन ने किया जमीन दोज
‘वाराणसी में आधी रात बड़ा एक्शन: 1000 जवानों के पहरे में राजघाट की 200 साल पुरानी “अजगैब शहीद मस्जिद” ध्वस्त; 5 बुलडोजरों ने ढहाया ढांचा, छावनी बना इलाका!’
वाराणसी: राजघाट में रेलवे मॉडल स्टेशन परियोजना के तहत करीब 200 वर्ष पुरानी ‘अजगैब शहीद मस्जिद’ पर चला प्रशासन का बुलडोजर। आधी रात को 5 बुलडोजरों और 1000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में हुई बड़ी कार्रवाई। जेसीपी शिवहरी मीणा और डीसीपी गौरव बंसवाल समेत आला अफसरों ने मौके पर संभाला मोर्चा, पूरे राजघाट क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात। पढ़ें LIVEUP KI ग्राउंड रिपोर्ट।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी (काशी) से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबर सामने आ रही है। वाराणसी के राजघाट क्षेत्र में मंगलवार देर रात प्रशासनिक अमले और भारी सुरक्षा बलों की मौजूदगी में एक बेहद संवेदनशील अभियान चलाया गया। प्रस्तावित मॉडल स्टेशन विकास परियोजना के आड़े आ रही करीब 200 वर्ष पुरानी ‘अजगैब शहीद मस्जिद’ को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। आधी रात को शुरू हुई इस औचक और बड़ी कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरे राजघाट और आसपास के इलाकों को अभेद्य किले (छावनी) में तब्दील कर दिया गया था
1000 सुरक्षाकर्मियों का कड़ा पहरा, सभी प्रमुख रास्ते किए गए सील
धार्मिक नगरी में शांति व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नरेट ने बेहद पुख्ता और रणनीतिक योजना तैयार की थी:
- सुरक्षा बलों का महाजाल: कार्रवाई शुरू होने से ठीक पहले पुलिस, प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) और केंद्रीय सुरक्षा बलों के करीब 1000 से अधिक जवानों को राजघाट के चप्पे-चप्पे पर तैनात कर दिया गया।
- रास्ते किए गए बंद: किसी भी बाहरी व्यक्ति या उपद्रवी को मौके पर पहुंचने से रोकने के लिए पूरे राजघाट क्षेत्र की कड़ाई से बैरिकेडिंग कर दी गई और क्षेत्र को जोड़ने वाले सभी प्रमुख संपर्क मार्गों को पूरी तरह से ब्लॉक (बंद) कर दिया गया।
एक साथ गरजे 5 बुलडोजर, अफसरों ने रात भर संभाला मोर्चा
मस्जिद के ढांचे को हटाने की यह कार्रवाई इतनी त्वरित और गोपनीय थी कि स्थानीय लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला:
- आधी रात चला अभियान: मध्य रात्रि के बाद जैसे ही सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को अपनी निगरानी में लिया, वैसे ही एक साथ 5 बड़े बुलडोजर (ध्वस्तीकरण मशीनें) मौके पर उतार दिए गए और ढांचे को गिराने का काम युद्धस्तर पर शुरू हुआ।
- मौके पर डटे रहे आला अफसर: इस हाई-प्रोफाइल अभियान की संवेदनशीलता को देखते हुए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के कई शीर्ष अधिकारी रात भर घटना स्थल पर ही डेरा जमाए रहे। कार्रवाई की शुरुआत से पहले ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (JCP) शिवहरी मीणा ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पूरे स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और सुरक्षा संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अभियान के दौरान डीसीपी काशी गौरव बंसवाल, एडीसीपी वैभव बांगर और एसीपी विजय प्रताप समेत कई थानों की पुलिस फोर्स और प्रशासनिक अधिकारी पल-पल की गतिविधियों की निगरानी करते रहे।
रेलवे की ‘मॉडल स्टेशन परियोजना’ के तहत हटाया गया ढांचा
प्रशासनिक सूत्रों और अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह कोई सामान्य या अचानक की गई कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह राजघाट क्षेत्र में प्रस्तावित रेलवे की महात्वाकांक्षी ‘प्रस्तावित मॉडल स्टेशन परियोजना’ का हिस्सा है। इस वैश्विक स्तर के स्टेशन कॉरिडोर और बुनियादी ढांचे के निर्माण की राह में यह ढांचा लंबे समय से आ रहा था, जिसे विधिक प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद हटा दिया गया है।
वर्तमान स्थिति: मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद सुबह तक मलबे को हटाने और स्थिति को सामान्य करने का काम जारी रहा। प्रशासन का दावा है कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई है और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना या विरोध की कोई सूचना नहीं है। एहतियातन और सुरक्षा के मद्देनजर वर्तमान में भी पूरे राजघाट और संवेदनशील चौराहों पर भारी पुलिस बल मुस्तैद है। सोशल मीडिया पर भी पुलिस की साइबर सेल पैनी नजर बनाए हुए है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
,मस्जिद पक्ष का नजरिया
इस मामले में मस्जिद पक्ष से किसी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया अभी नही आई है, प्रतिक्रिया आने के बाद खबर अपडेट होगी







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