-योगी सरकार ने दिया असफलता को सफलता में बदलने का मौका, हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा दूसरा अवसर
– हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू
– 6 जून से 27 जून की मध्यरात्रि तक किए जा सकेंगे आवेदन
प्रयागराज/लखनऊ, 04 जून। शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को अधिक अवसर उपलब्ध कराने और किसी एक परीक्षा परिणाम को उनके भविष्य की बाधा न बनने देने की दिशा में योगी सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल इम्प्रूवमेंट/कम्पार्टमेंट तथा इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ करने की घोषणा की है। पात्र परीक्षार्थी 6 जून से 27 जून की मध्यरात्रि तक परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर आवेदन कर सकेंगे।
पारदर्शी, तकनीक आधारित और विद्यार्थी हितैषी व्यवस्था के माध्यम से योगी सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिससे प्रत्येक छात्र को अपनी क्षमता सिद्ध करने का अवसर मिल सके और उसका शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रह सके।
यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) के सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार हाईस्कूल इम्प्रूवमेंट परीक्षा के अंतर्गत एक विषय में अनुत्तीर्ण विद्यार्थी परीक्षा में सम्मिलित हो सकेंगे, जबकि कम्पार्टमेंट परीक्षा के अंतर्गत दो विषयों में अनुत्तीर्ण परीक्षार्थी किसी एक विषय की परीक्षा देने के पात्र होंगे। इसके लिए परीक्षा शुल्क 256.50 रुपये निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट परीक्षा में मानविकी, विज्ञान एवं वाणिज्य वर्ग के ऐसे विद्यार्थी, जो किसी एक विषय के किसी एक प्रश्नपत्र में अनुत्तीर्ण हैं, आवेदन कर सकेंगे। व्यावसायिक वर्ग के ट्रेड विषयों के ऐसे परीक्षार्थी भी पात्र होंगे, जो किसी एक प्रश्नपत्र में अनुत्तीर्ण रहे हैं। इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट परीक्षा का शुल्क 306 रुपये निर्धारित किया गया है।
योगी सरकार की मंशा है कि किसी भी विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति केवल एक परीक्षा परिणाम के कारण बाधित न हो। इसी उद्देश्य से विद्यार्थियों को अपनी त्रुटियों को सुधारने और बेहतर प्रदर्शन का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। यह व्यवस्था उन हजारों छात्र-छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी, जो न्यूनतम अंतर से सफलता से वंचित रह गए हैं। परीक्षार्थियों को निर्धारित शुल्क कोषागार चालान के माध्यम से जमा करना होगा। ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने के बाद उसकी प्रति तथा शुल्क जमा करने के चालान की मूल प्रति डाउनलोड कर अंतिम तिथि के बाद तीन दिनों के भीतर संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को पंजीकृत डाक से भेजना अनिवार्य होगा।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन विषयों में लिखित, प्रायोगिक अथवा प्रोजेक्ट कार्य शामिल हैं, उनके लिए निर्धारित नियमों के अनुसार परीक्षा आयोजित की जाएगी। जो परीक्षार्थी किसी विषय के केवल एक भाग में अनुत्तीर्ण हैं, उन्हें उसी भाग की परीक्षा देने की सुविधा होगी। लिखित, प्रायोगिक एवं प्रोजेक्ट परीक्षाओं की तिथियां अलग से घोषित की जाएंगी।
लेखा परीक्षक भर्ती में आरक्षण नियमों के उल्लंघन के दावों को आयोग ने बताया भ्रामक और तथ्यहीन
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सोशल मीडिया पर चल रहे दुष्प्रचार का किया खंडन, कहा- नियमों का पूरी तरह किया गया पालन
लेखा परीक्षक एवं सहायक लेखाकार के 1829 पदों के लिए जारी हुआ है विज्ञापन, 609 पदों के आरक्षण निर्धारण की विभाग ने स्वयं की थी पुष्टि
आयोग ने कहा, तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का किया जा रहा प्रयास
आयोग की अभ्यर्थियों से अपील, भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें
लखनऊ, 4 जून। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने लेखा परीक्षक एवं सहायक लेखाकार के 1829 पदों पर भर्ती को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों में प्रसारित किए जा रहे दावों को भ्रामक और तथ्यहीन बताया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण संबंधी सभी प्रावधानों का पूर्ण अनुपालन किया गया है तथा पदों का विज्ञापन संबंधित विभागों से प्राप्त अधियाचन और उनकी पुष्टि के आधार पर जारी किया गया है।
आयोग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार विभिन्न विभागों के नियंत्रणाधीन लेखा परीक्षक एवं सहायक लेखाकार के 1829 रिक्त पदों पर चयन के लिए विज्ञापन प्रकाशित किया गया है। विज्ञापन जारी होने के बाद कुछ व्यक्तियों द्वारा सोशल मीडिया पर आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय के सहायक लेखाकार के आरक्षित पदों को लेकर आरक्षण नीति के उल्लंघन के आरोप लगाए जा रहे हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि उसे आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय से सहायक लेखाकार के 609 पदों का अधियाचन प्राप्त हुआ था। इन पदों के संबंध में आरक्षण की गणना और श्रेणीवार वर्गीकरण शासन के प्रचलित नियमों एवं आरक्षण व्यवस्था के अनुरूप किए जाने की पुष्टि स्वयं निदेशालय द्वारा की गई थी। विभाग ने यह भी अवगत कराया था कि पदों की श्रेणीवार गणना संवर्ग में सृजित कुल पदों के आधार पर की गई है, जो पूरी तरह नियमसम्मत है।
आयोग ने बताया कि कुल 22 अधियाचनों के आधार पर 1829 पदों का विज्ञापन जारी किया गया है, जिसमें आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय के 609 पद भी शामिल हैं। आयोग को प्राप्त प्रत्येक अधियाचन में आरक्षण संबंधी गणना की पुष्टि संबंधित विभागों और निदेशालयों से प्राप्त होने के बाद ही विज्ञापन प्रकाशित किया जाता है। आयोग ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमबद्ध है तथा आरक्षण नीति के उल्लंघन संबंधी दावे निराधार हैं। आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।








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