वाराणसी को स्वच्छ, हरित एवं प्रदूषण मुक्त बनाने हेतु जिला स्तरीय समितियों की बैठक में डीएम ने दिये आवश्यक दिशा-निर्देश
वायु प्रदूषण नियंत्रण हेतु 11 वाटर स्प्रिंक्लर, एक मिस्ट गन के संचालन तथा धूल नियंत्रण के लिए मैकेनाइज्ड स्वीपिंग व्यवस्था को और सुदृढ़ किए जाने पर दिया जोर
वृक्षारोपण अभियान में पौधों की उत्तरजीविता बढ़ाने हेतु सूखे पौधों के स्थान पर पुनः पौधारोपण के दिए निर्देश

वाराणसी। जनपद में पर्यावरण संरक्षण, गंगा संरक्षण एवं वृक्षारोपण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा हेतु जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पर्यावरण समिति, जिला गंगा समिति एवं जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक हुई। जिसमें नगर निगम द्वारा 4-स्तरीय वेस्ट सेग्रीगेशन व्यवस्था के अंतर्गत 30 हजार डस्टबिन वितरित किए जाने, लिगेसी वेस्ट के निस्तारण, ई-वेस्ट प्रबंधन तथा प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। जिलाधिकारी ने वायु प्रदूषण नियंत्रण हेतु 11 वाटर स्प्रिंक्लर एवं एक मिस्ट गन के संचालन तथा धूल नियंत्रण के लिए मैकेनाइज्ड स्वीपिंग व्यवस्था को और सुदृढ़ किए जाने पर बल दिया गया।
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने जिला गंगा समिति की बैठक में अस्सी घाट पर प्रस्तावित मैकैनाइज़्ड पार्किंग, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क से संबंधित प्रस्तावों तथा वरुणा नदी में चल रहे डिसिल्टिंग कार्यों की समीक्षा के दौरान गंगा एवं उसकी सहायक नदियों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन हेतु आवश्यक निर्देश दिए।
जिला वृक्षारोपण समिति की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के वृक्षारोपण लक्ष्यों, रोपण स्थलों की तैयारी तथा पूर्व वर्षों में लगाए गए पौधों के सत्यापन एवं संरक्षण कार्यों की समीक्षा की गई। पौधों की उत्तरजीविता बढ़ाने हेतु सूखे पौधों के स्थान पर पुनः पौधारोपण के निर्देश दिए गए। बैठक में अधिकारियों ने सभी विभागों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता एवं हरित आवरण बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास करते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी स्वाति सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।








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