प्रधानमंत्री ने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ के तहत ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का वितरण किया
प्रधानमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु:
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ (PM-VBRY) के तहत लगभग ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित की।
पीएम विकसित भारत रोजगार योजना पहली बार रोजगार पाने वाले कर्मचारियों को सशक्त बनाने और युवाओं व उद्योग जगत के बीच सेतु निर्माण करने के विषय में है: प्रधानमंत्री
हमारे युवाओं की आकांक्षाएं, कौशल और क्षमताएं ही विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त करेंगी: प्रधानमंत्री
आने वाले वर्षों में वैश्विक विकास, नवाचार और उद्यमिता को आगे बढ़ाने में भारत के युवा सबसे आगे रहेंगे: प्रधानमंत्री
भारत आगे बढ़कर नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है: प्रधानमंत्री
21वीं सदी में अवसर उन राष्ट्रों को मिलेंगे जो कुशल प्रतिभाओं को संवारते हैं, नवाचार को बढ़ावा देते हैं और गुणवत्ता के उच्चतम मानकों को बनाए रखते हैं: प्रधानमंत्री
विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए, हमें उच्चतम गुणवत्ता मानकों को पूरा करना होगा: प्रधानमंत्री
मुख्य कार्यक्रम नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित किया गया, जहां माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश भर के 15 लाख से अधिक लाभार्थियों को ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। प्रधानमंत्री ने लाभार्थियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और हितधारकों को संबोधित करते हुए भारत के युवाओं को सशक्त बनाने और देश भर में रोजगार सृजन को गति देने की सरकार की प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की। यह योजना देश भर में 15 लाख रोजगार के अवसर पैदा करने में सहायक सिद्ध हुई है। राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क प्रयास के तहत, देश भर में 200 स्थानों पर एक साथ क्षेत्रीय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
विज्ञान भवन के मुख्य कार्यक्रम में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे, वरिष्ठ अधिकारी, नियोक्ताओं के प्रतिनिधि, कर्मचारी लाभार्थी और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। माननीय प्रधानमंत्री ने सभा को संबोधित किया और युवाओं का मार्गदर्शन किया।
वाराणसी में आयोजित क्षेत्रीय कार्यक्रम
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा आज वाराणसी के रुद्राक्ष इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर में पीएम-वीबीआरवाई के तहत लाभ वितरण के राष्ट्रीय आयोजन के हिस्से के रूप में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया। इस क्षेत्रीय कार्यक्रम में स्टाम्प, न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) माननीय श्री रवीन्द्र जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस कार्यक्रम में 550 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें लगभग 300 लाभार्थी, 40 नियोक्ता, उद्योग संघों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा ईपीएफओ (EPFO) के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान नियोक्ताओं द्वारा नव-नियुक्त सदस्यों को 20 नियुक्ति पत्र (Employment letters) वितरित किए गए।
क्षेत्रीय कार्यक्रम में नियोक्ताओं और कर्मचारियों के अनुभव
नियोक्ता का वक्तव्य (Employer Speech):
वक्ता ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा लागू की गई नई रोजगार प्रोत्साहन योजना की अत्यंत सराहना की, जो नियोक्ताओं और युवाओं दोनों के लिए एक संजीवनी सिद्ध हो रही है। इस दूरदर्शी योजना के अंतर्गत, पहली बार औपचारिक रोजगार से जुड़ने वाले युवाओं को ₹15,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है, जिससे न केवल युवाओं के भीतर नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है, बल्कि नियोक्ताओं के लिए भी नए अवसर व रोजगार सृजन की राह आसान हुई है। यह पहल कर्मचारियों के बीच संस्था के प्रति विश्वास और स्थायित्व को बढ़ाकर पूर्व में आ रही श्रम व वित्तीय संबंधी कठिनाइयों को सफलतापूर्वक दूर कर रही है। संक्षेप में, यह योजना मात्र एक सरकारी कार्यक्रम न होकर ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने तथा राष्ट्र निर्माण की दिशा में नियोक्ताओं एवं युवाओं को कंधे से कंधा मिलाकर चलने हेतु प्रेरित करने वाला एक सुदृढ़ और आधारभूत स्तंभ है।
कर्मचारी का वक्तव्य (Employee Speech):
अपने करियर की पहली नौकरी की शुरुआत करते हुए, ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY)’ का लाभ पाना मेरे लिए एक अत्यंत सुखद अनुभव रहा, जिसके तहत मुझे पहली किश्त के रूप में ₹7,500/- सीधे मेरे बैंक खाते में प्राप्त हुए हैं। नौकरी के पहले ही दिन से UAN और पीएफ (भविष्य निधि) खाते से जुड़ने की अनिवार्यता ने मुझे सरकार की सामाजिक सुरक्षा के प्रति गंभीरता और एक स्थायी पहचान का अहसास कराया है। यह योजना केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी दूसरी किश्त के माध्यम से हम युवाओं में बचत की आदत डालकर सही वित्तीय प्रबंधन भी सिखाती है। अपनी मेहनत की कमाई को समझदारी से इस्तेमाल करते हुए, वर्ष 2047 तक भारत को एक ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने के इस गौरवशाली विज़न का हिस्सा बनना मेरे लिए सचमुच बड़े गर्व और सौभाग्य की बात है।
पीएम-वीबीआरवाई (PM-VBRY) के बारे में
’प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ (PM-VBRY) भारत सरकार की एक प्रमुख रोजगार-संबद्ध प्रोत्साहन (ELI) योजना है, जिसका उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना, संगठित कार्यबल में पहली बार प्रवेश करने वालों का समर्थन करना और नियोक्ताओं को अतिरिक्त नौकरियां पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत, पहली बार नौकरी पाने वाले पात्र कर्मचारियों को एक महीने का वेतन (₹15,000 तक) मिलता है, जबकि नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजन के लिए दो साल की अवधि हेतु प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है। विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing sector) को अतिरिक्त दो वर्षों के लिए विस्तारित सहायता के लिए पात्र माना गया है, जिससे श्रम-गहन उद्योगों में निरंतर रोजगार सृजन को प्रोत्साहन मिलता है।
मुख्य अतिथि के संबोधन के मुख्य अंश:
देश के प्रधानमंत्री माननीय मोदी जी कहते हैं कि जीवन है तो जीविका चाहिए, और जीविका के लिए तीन साधन हैं: या खेती करें, या नौकरी करें, या व्यापार करें। सबके हाथ में सरकारी नौकरी संभव नहीं है, लेकिन सबके हाथ में रोजगार हो, यह संभव है। इस योजना को ईपीएफओ (EPFO) से जोड़कर सरकार ने रोज़गार सृजन के6 साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित की है।
विज्ञान भवन के मुख्य कार्यक्रम में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे, वरिष्ठ अधिकारी, नियोक्ताओं के प्रतिनिधि, कर्मचारी लाभार्थी और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। माननीय प्रधानमंत्री ने सभा को संबोधित किया और युवाओं का मार्गदर्शन किया।
वाराणसी में आयोजित क्षेत्रीय कार्यक्रम
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा आज वाराणसी के रुद्राक्ष इंटरनेशनल कोऑपरेशन एंड कन्वेंशन सेंटर में पीएम-वीबीआरवाई के तहत लाभ वितरण के राष्ट्रीय आयोजन के हिस्से के रूप में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया। इस क्षेत्रीय कार्यक्रम में स्टाम्प, न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) माननीय श्री रवीन्द्र जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
इस कार्यक्रम में 550 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें लगभग 300 लाभार्थी, 40 नियोक्ता, उद्योग संघों के प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा ईपीएफओ (EPFO) के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान नियोक्ताओं द्वारा नव-नियुक्त सदस्यों को 20 नियुक्ति पत्र (Employment letters) वितरित किए गए।
क्षेत्रीय कार्यक्रम में नियोक्ताओं और कर्मचारियों के अनुभव
नियोक्ता का वक्तव्य (Employer Speech):
वक्ता ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा लागू की गई नई रोजगार प्रोत्साहन योजना की अत्यंत सराहना की, जो नियोक्ताओं और युवाओं दोनों के लिए एक संजीवनी सिद्ध हो रही है। इस दूरदर्शी योजना के अंतर्गत, पहली बार औपचारिक रोजगार से जुड़ने वाले युवाओं को ₹15,000 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है, जिससे न केवल युवाओं के भीतर नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है, बल्कि नियोक्ताओं के लिए भी नए अवसर व रोजगार सृजन की राह आसान हुई है। यह पहल कर्मचारियों के बीच संस्था के प्रति विश्वास और स्थायित्व को बढ़ाकर पूर्व में आ रही श्रम व वित्तीय संबंधी कठिनाइयों को सफलतापूर्वक दूर कर रही है। संक्षेप में, यह योजना मात्र एक सरकारी कार्यक्रम न होकर ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने तथा राष्ट्र निर्माण की दिशा में नियोक्ताओं एवं युवाओं को कंधे से कंधा मिलाकर चलने हेतु प्रेरित करने वाला एक सुदृढ़ और आधारभूत स्तंभ है।
कर्मचारी का वक्तव्य (Employee Speech):
अपने करियर की पहली नौकरी की शुरुआत करते हुए, ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY)’ का लाभ पाना मेरे लिए एक अत्यंत सुखद अनुभव रहा, जिसके तहत मुझे पहली किश्त के रूप में ₹7,500/- सीधे मेरे बैंक खाते में प्राप्त हुए हैं। नौकरी के पहले ही दिन से UAN और पीएफ (भविष्य निधि) खाते से जुड़ने की अनिवार्यता ने मुझे सरकार की सामाजिक सुरक्षा के प्रति गंभीरता और एक स्थायी पहचान का अहसास कराया है। यह योजना केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी दूसरी किश्त के माध्यम से हम युवाओं में बचत की आदत डालकर सही वित्तीय प्रबंधन भी सिखाती है। अपनी मेहनत की कमाई को समझदारी से इस्तेमाल करते हुए, वर्ष 2047 तक भारत को एक ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने के इस गौरवशाली विज़न का हिस्सा बनना मेरे लिए सचमुच बड़े गर्व और सौभाग्य की बात है।
पीएम-वीबीआरवाई (PM-VBRY) के बारे में
’प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ (PM-VBRY) भारत सरकार की एक प्रमुख रोजगार-संबद्ध प्रोत्साहन (ELI) योजना है, जिसका उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना, संगठित कार्यबल में पहली बार प्रवेश करने वालों का समर्थन करना और नियोक्ताओं को अतिरिक्त नौकरियां पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत, पहली बार नौकरी पाने वाले पात्र कर्मचारियों को एक महीने का वेतन (₹15,000 तक) मिलता है, जबकि नियोक्ताओं को अतिरिक्त रोजगार सृजन के लिए दो साल की अवधि हेतु प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है। विनिर्माण क्षेत्र (Manufacturing sector) को अतिरिक्त दो वर्षों के लिए विस्तारित सहायता के लिए पात्र माना गया है, जिससे श्रम-गहन उद्योगों में निरंतर रोजगार सृजन को प्रोत्साहन मिलता है।
देश के प्रधानमंत्री माननीय मोदी जी कहते हैं कि जीवन है तो जीविका चाहिए, और जीविका के लिए तीन साधन हैं: या खेती करें, या नौकरी करें, या व्यापार करें। सबके हाथ में सरकारी नौकरी संभव नहीं है, लेकिन सबके हाथ में रोजगार हो, यह संभव है। इस योजना को ईपीएफओ (EPFO) से जोड़कर सरकार ने रोज़गार सृजन के6 साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा भी सुनिश्चित की है।







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