काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का कार्यक्रम उत्साहपूर्वक संपन्न
वाराणसी, 21.06.2026। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन रविवार को मालवीय भवन में उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। इस वर्ष की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” के अनुरूप आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। राष्ट्रीय कैडेट कोर के कैडेटों, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों तथा मालवीय भवन में संचालित योग पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों कि भी सहभागीता रही।

कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रातः 6:30 बजे कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी के नेतृत्व में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास से हुआ। प्रतिभागियों ने सेतुबंधासन, पवनमुक्तासन, भुजंगासन सहित विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया। सामूहिक योगाभ्यास के उपरान्त अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य समारोह आयोजित हुआ, जिसमें वक्ताओं ने योग के दार्शनिक, व्यावहारिक तथा समकालीन महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन एक प्रेरणादायी पहल है, जो लोगों को योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। उन्होंने स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन के महत्व पर बल देते हुए सभी से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सप्ताह में कुछ दिन भी नियमित रूप से योग का अभ्यास करने से व्यक्ति के स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. सत्यनारायण संखवार, निदेशक, चिकित्सा विज्ञान संस्थान ने योग को भारत की अमूल्य सभ्यतागत धरोहर बताते हुए कहा कि योग मन, बुद्धि और आत्मा के मध्य सामंजस्य स्थापित करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विश्वभर में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ बढ़ रही हैं, ऐसे में योग की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य की प्राप्ति के लिए योग को जीवन शैली के रूप में अपनाना आवश्यक है।
मुख्य वक्ता प्रो. राजाराम शुक्ल, संकाय प्रमुख, संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय ने योग और प्रकृति के गहरे संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अनेक योगासन प्रकृति से प्रेरित हैं। उन्होंने मर्कटासन और भुजंगासन का उदाहरण देते हुए कहा कि योग मानव द्वारा प्रकृति के सूक्ष्म अवलोकन और उससे प्राप्त ज्ञान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि योग एक समग्र अनुशासन है, जो व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है।
विशिष्ट अतिथि श्री राजन श्रीवास्तव, कुलसचिव ने कहा कि विश्वविद्यालय योग के प्रचार-प्रसार में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है और इस दिशा में निरंतर महत्वपूर्ण प्रयास कर रहा है। विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता का उल्लेख करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारत में योग का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष का थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि बढ़ती आयु के साथ स्वास्थ्य, स्फूर्ति और जीवन की गुणवत्ता बनाए रखने में योग की भूमिका और अधिक आवश्यक हो जाती है।
कार्यक्रम में प्रो. रंजन कुमार सिंह,छात्र अधिष्ठाता, प्रो. पतंजलि मिश्र, मानद निदेशक, मालवीय भवन, श्री मनोज पाण्डेय, वित्त अधिकारी, प्रो. फतेह बहादुर सिंह, उप मुख्य प्रॉक्टर, सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न संस्थानों के निदेशकगण, संकाय प्रमुखगण, विभागाध्यक्ष, अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में प्रो. पतंजलि मिश्र ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया। डॉ. नारायण प्रसाद भट्टराई ने धन्यवाद ज्ञापन किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित भी किया गया।








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