BHU में शुरू होगी ऐप-आधारित ई-बाइक और साइकिल सेवा, वाराणसी स्मार्ट सिटी के साथ हुआ समझौता
वाराणसी, 23 जून 2026। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) ने स्वच्छ और सतत परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने वाराणसी स्मार्ट सिटी के साथ साझेदारी करते हुए परिसर में ऐप-आधारित सार्वजनिक साइकिल और ई-बाइक शेयरिंग नेटवर्क शुरू करने का निर्णय लिया है। इस सुविधा के अगस्त 2026 के अंत तक शुरू होने की संभावना है।
नई व्यवस्था के तहत छात्र, शिक्षक, कर्मचारी और आगंतुक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से जीपीएस-आधारित साइकिल और ई-बाइक किराये पर ले सकेंगे। उपयोगकर्ता ऐप के जरिए वाहन बुक कर सकेंगे और डिजिटल भुगतान प्रणाली के माध्यम से शुल्क जमा कर आसानी से इनका उपयोग कर सकेंगे।
परियोजना के अंतर्गत बीएचयू परिसर के विभिन्न प्रमुख और अधिक आवागमन वाले स्थानों पर विशेष डॉकिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। शुरुआती चरण में पारंपरिक पैडल साइकिलों के साथ आधुनिक ई-बाइक भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे लोगों को सुविधाजनक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन का विकल्प मिलेगा।
सुरक्षा और बेहतर संचालन सुनिश्चित करने के लिए सभी साइकिलों और ई-बाइक में लाइव जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा। यह प्रणाली वाराणसी स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) से जुड़ी होगी, जिससे वाहनों की निगरानी और प्रबंधन किया जा सकेगा।
बीएचयू के कुलपति प्रोफेसर अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं बल्कि सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वाराणसी स्मार्ट सिटी के साथ यह साझेदारी परिसर में आवागमन को अधिक सरल, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल बनाएगी।
इस पहल का उद्देश्य मोटर चालित वाहनों पर निर्भरता कम करना, कार्बन उत्सर्जन घटाना और विद्यार्थियों एवं नागरिकों के बीच स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना भविष्य में वाराणसी के व्यापक शहरी परिवहन नेटवर्क से भी जुड़ सकेगी।
गौरतलब है कि हाल ही में बीएचयू और वाराणसी नगर निगम के बीच शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर सहमति बनी है। ई-बाइक और साइकिल शेयरिंग नेटवर्क उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से न केवल परिसर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्मार्ट मोबिलिटी को भी बढ़ावा मिलेगा।








Users Today : 0
Users Yesterday : 7