बीएचयू में कार्यरत हज़ारों शिक्षक और कर्मचारी ले सकेंगे वृहद स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ, निजी अस्पतालों में भी सीजीएचएस दरों पर इलाज कराना होगा संभव
• इस माह के अंत तक कुछ चिन्हित अस्पतालों के साथ हो सकते हैं एमओयू पर हस्ताक्षर

वाराणसी, 25.06.2026: अपने हज़ारों शिक्षकों व कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवाओं का वृहद लाभ पंहुचाने की दिशा में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस निर्णय से बीएचयू के कर्मचारी वाराणसी के बाहर भी निजी अस्पतालों में सीजीएचएस दरों पर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। इस विषय पर विश्वविद्यालय द्वारा गठित समिति की अनुशंसाओं पर कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी की स्वीकृति के पश्चात बृहस्पतिवार को आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई।
वर्तमान व्यवस्था के अनुसार विश्वविद्यालय के कर्मियों को निजी अस्पतालों में चिकित्सा हेतु उनकी दरों पर ही भुगतान करना होता है। इस भुगतान के लिए कर्मचारियों को विश्वविद्यालय से सीजीएचएस दरों के अनुसार ही प्रतिपूर्ति हो पाती है तथा शेष राशि का भार कर्मचारी को ही उठाना पड़ता है। ऐसे में अब विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, अन्य राज्यों की राजधानियों तथा वाराणसी में ऐसे निजी अस्पतालों के साथ एमओयू किये जाएंगे, जो बीएचयू के शिक्षकों और कर्मचारियों को सीजीएचएस दरों पर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा सकें। आरंभ में यह व्यवस्था किसी भी अस्पताल के साथ एमओयू की तिथि से तीन वर्ष की अवधि तक के लिए प्रभावी होगी। इस संबंध में विश्वविद्यालय द्वारा निजी अस्पतालों से पहले ही आवेदन आमंत्रित किये जा चुके थे, तथा 40 प्रमुख निजी अस्पतालों को चिह्नित भी किया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा जिन भी अस्पतालों को अपने पैनल में शामिल किया जाएगा उनकी सूची बीएचयू की आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट की जाती रहेगी तथा निजी अस्पतालों के साथ समझौते की प्रक्रिया निरन्तर चलती रहेगी। इस क्रम में कई अस्पतालों के साथ इसी महीने के अंत तक समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।

कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा है कि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कर्मचारियों के परिवार व पेंशनभोगी देश के विभिन्न हिस्सों में वास करते हैं, जिनकी संख्या काफ़ी बड़ी है। विश्वविद्यालय को लंबे समय से इस संबंध में अनुरोध प्राप्त हो रहे थे। हमें ख़ुशी है कि इस दिशा में हम सकारात्मक प्रगति कर रहे हैं। समय के साथ साथ इस व्यवस्था में सुधार भी किये जाते रहेंगे।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के साथ नई व्यवस्था का लाभ लेने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया भी जारी की गई है। इस के तहत लाभार्थियों को चार समूहों में वर्गीकृत किया गया है। मौजूदा कर्मचारी व उनके परिजन, 70 वर्ष तक की आयु के वाराणसी में रहने वाले पेंशनभोगी व परिवार, वाराणसी में रह रहे 70 वर्ष से अधिक की आयु के पेंशनभोगी व परिवार, तथा वाराणसी से बाहर रह रहे पेंशनभोगी व परिवार। वाराणसी में रहने वाले 70 वर्ष से कम आयु के लाभार्थियों को उपचार हेतु बीएचयू से रेफरल आवश्यक होगा, जबकि 70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनर बिना रेफरल सीधे उपचार प्राप्त कर सकेंगे। जांच एवं उपचार के खर्च का प्रतिपूर्ति निर्धारण मुख्यतः सीजीएचएस दरों के अनुसार किया जाएगा। आपातकालीन उपचार, दवा प्रतिपूर्ति तथा अन्य मामलों में विश्वविद्यालय की स्वास्थ्य योजना, सीजीएचएस एवं सीसीएस (मेडिकल अटेंडेंस) नियम लागू होंगे।








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