कृषि-नवप्रवर्तकों को सशक्त बनाने के लिए क्षितिज -2.0 की शुरुआत
कृषि स्टार्टअप के लिए आईआईवीआर की पहल

वाराणसी, 30 जून 2026: वाराणसी स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान ने राष्ट्रीय कृषि नवाचार निधि योजना के अंतर्गत क्षितिज -2.0 का शुभारंभ किया है। यह एक गतिशील इनक्यूबेशन कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य साहसिक विचारों को पोषित करना, कृषि-व्यवसाय उपक्रमों को गति देना तथा वाराणसी, उत्तर प्रदेश और उससे आगे के अगली पीढ़ी के कृषि-नवप्रवर्तकों और स्टार्टअप्स को सशक्त बनाना है।
संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार के मार्गदर्शन में शुरू किए गए इस कार्यक्रम का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में एक जीवंत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है। इसके अंतर्गत फसल उत्पादन, कटाई-पश्चात प्रबंधन, प्रसंस्करण, आपूर्ति श्रृंखला और संबद्ध कृषि उद्यमों सहित संपूर्ण मूल्य श्रृंखला में नवाचारी समाधानों को समर्थन दिया जाएगा। क्षितिज -2.0 स्थानीय नवप्रवर्तकों, युवा उद्यमियों, छात्रों, शोधकर्ताओं और उभरते स्टार्टअप्स को उनके संभावनाशील विचारों को स्केलेबल, बाजार-तैयार उद्यमों में बदलने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करता है।
ऑनलाइन आवेदन पोर्टल 1 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक खुला रहेगा। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों से संबंधित समाधान रखने वाले नवप्रवर्तकों, उद्यमियों, छात्रों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और कृषि-आधारित उद्यमों से आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं।
चयनित स्टार्टअप्स को विशेषज्ञ मार्गदर्शन, उद्यमिता प्रशिक्षण, उन्नत शोध प्रयोगशालाओं एवं अवसंरचना तक पहुंच, प्रोटोटाइप विकास, सत्यापन, बौद्धिक संपदा अधिकार तथा व्यावसायीकरण में सहायता, साथ ही उद्योग जगत के नेताओं, निवेशकों और पारिस्थितिकी तंत्र के साझेदारों के साथ मूल्यवान नेटवर्किंग अवसरों का लाभ मिलेगा।
अग्रिबिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर, वाराणसी के अनुसार, क्षितिज -2.0 को उच्च संभावनाओं वाले विचारों के लिए एक लॉन्चपैड के रूप में परिकल्पित किया गया है, जो जमीनी स्तर पर प्रभाव उत्पन्न करने के साथ-साथ भारत के कृषि परिवर्तन में भी योगदान दे सकते हैं। यह कार्यक्रम स्थानीय प्रतिभा को प्रेरित करने, नवाचार-आधारित विकास को सुदृढ़ करने और कृषि-स्टार्टअप्स को आत्मविश्वास के साथ विस्तार करने के नए अवसर प्रदान करने का लक्ष्य रखता है।
परियोजना के मुख्य अन्वेषणकर्ता डॉ सुदर्शन मौर्य ने बताया कि पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और दिशानिर्देशों से संबंधित विवरण संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध होंगे। आवेदन पत्र भरने के लिए दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके आवेदन किया जा सकता है।








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