: मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना: अनाथ और असहाय बच्चों के भविष्य की मजबूत आधारशिला
योगी सरकार में एक लाख से अधिक बच्चों तक पहुंच रहा योजना का लाभ
पढ़ाई जारी रखने पर 23 वर्ष की आयु तक मिलती है आर्थिक सहायता
लखनऊ, 02 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संचालित मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) माता-पिता को खो चुके और असहाय परिस्थितियों में रह रहे बच्चों के लिए बड़ा सहारा है। संवेदनशील शासन और सामाजिक सुरक्षा की सोच के साथ शुरू की गई यह योजना ऐसे बच्चों को आर्थिक मदद देने के साथ उनकी शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित करने का काम कर रही है। योगी सरकार का उद्देश्य है कि उत्तर प्रदेश में किसी भी बच्चे की पढ़ाई आर्थिक अभाव के कारण बाधित न हो। यही कारण है कि योजना के माध्यम से बचपन से लेकर उच्च शिक्षा तक आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई है।
12वीं के बाद भी नहीं रुकती मदद
इस योजना को केवल बचपन तक सीमित नहीं रखा गया है। ऐसे छात्र-छात्राएं, जिन्होंने माता-पिता दोनों अथवा उनमें से किसी एक को खो दिया है और कक्षा 12 के बाद स्नातक या डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया है, उन्हें 18 से 23 वर्ष की आयु तक प्रतिमाह 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। यह सहायता 23 वर्ष की आयु पूरी होने अथवा पाठ्यक्रम समाप्त होने तक, जो पहले हो, जारी रहती है।
एक लाख से अधिक बच्चों तक पहुंचा योजना का लाभ
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) का दायरा लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में प्रदेश के 1,09,539 बच्चे इस योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि सरकार जरूरतमंद बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा, पोषण और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल रही है। साथ ही उनके संरक्षक परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम हुआ है।
[6:27 PM, 8/2/2026] +91 99997 88076: योगी सरकार ने महिला कावड़ियों के लिए किए विशेष प्रबंध, जलाभिषेक करने उमड़ पड़ी नारीशक्ति
प्रयागराज में महिला शिवभक्तों के लिए संगम और गंगा के प्रमुख घाटों पर चेंजिंग रूम और महिला सहायता केंद्र बनाए गए
सुविधा और सुरक्षा के वातावरण में नदियों का पवित्र जल लेकर काशी के लिए प्रस्थान कर रहीं हैं महिला शिवभक्त
महिला शिव भक्तों के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम, महिला पुलिस फोर्स की हुई तैनाती
आपदा सखियों ने भी महिला शिव भक्तों की मदद के लिए घाटों और मार्गों पर संभाला मोर्चा
प्रयागराज, 02 अगस्त। कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा, उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की प्राथमिकता है। इसका असर श्रावण मास में चल रही कांवड़ यात्रा पर भी दिख रहा है। कांवड़ यात्रा कर रहे शिवभक्तों में महिला शिवभक्तों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। इन महिला शिव भक्तों की सुरक्षा और सुविधाओं को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
घाटों में महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती
पवित्र श्रावण मास में शिवभक्त कावड़ियों की कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं सकुशल संपन्न कराने के योगी सरकार के निर्देश के क्रम में प्रयागराज में भी यात्रा मार्ग, कांवड शिविरों, भंडारों एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के दृष्टिगत व्यवस्था की गई है। संगम नगरी प्रयागराज में कांवड़ लेकर चलने वाली शिवभक्त महिला कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने महिला शिवभक्तों के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
प्रयागराज में दशाश्वमेध और संगम घाट से सबसे अधिक महिला कांवड़ियां जल लेकर काशी के लिए निकलती हैं। डीएम प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा बताते हैं कि महिला शिव भक्तों के लिए संगम और गंगा नदी के प्रमुख घाटों पर चेंजिंग रूम और महिला सहायता केंद्र बनाए गए हैं। घाटों पर महिला पुलिस कर्मियों के दस्ते तैनात हैं। आजीविका मिशन की 44 आपदा सखियां भी महिला कांवड़ियों की मदद के लिए मुस्तैद हैं। इसके अलावा प्रयागराज से वाराणसी के बीच बनाए गए कांवड़ पथ में भी प्रमुख स्थानों में जगह-जगह महिला पुलिस एवं वॉलिंटियर्स मुस्तैद हैं। मनकामेश्वर, सोमेश्वर महादेव , ब्रह्मेश्वर महादेव सहित शहर के सभी प्रमुख शिव मंदिरों में महिला सुरक्षा कर्मी मुस्तैद हैं।
नारी शक्ति ने उठाई कांवड़, निर्भय होकर कर रहीं जलाभिषेक
भगवान शंकर की आराधना के लिए श्रावण मास में महिलाओं की जितनी लंबी कतारें शिवालयों में लगती थीं, अब उतनी ही उनकी भागीदारी अब कांवड़ यात्रा में भी दिख रही है। छोटे कस्बों और गांवों से बड़ी संख्या में महिला शिवभक्त घरों से निकल कर कांवड़ यात्रा पर जा रही हैं। प्रयागराज के दारागंज के दशाश्वमेध घाट में गंगा जी से जल लेकर काशी के लिए कांवड़ यात्रा पर निकली ज्योति कहती हैं कि अब महिलाएं रास्ते में सुरक्षित हैं, किसी तरह का भय नहीं है इसलिए उनके कस्बे भरवारी से कई महिलाएं कांवड़ यात्रा में जा रही हैं।

सदियापुर की मीरा देवी भी परिवार के आठ सदस्यों के साथ प्रयागराज के दशाश्वमेध घाट से जल लेकर बैजनाथ धाम कांवड़ यात्रा के लिए निकली हैं। मीरा देवी बताती हैं कि उनके साथ उनकी तीन पीढ़ियां इस बार यात्रा में जा रही है। उनके साथ उनकी दो बहुएं, एक बेटी और तीन नातिन भी जा रहीं हैं। इसके अलावा उनका बेटा भी साथ है। मीरा बताती हैं कि अब कांवड़ मार्गों में किसी तरह की असुरक्षा और असुविधा नहीं दिखती। योगी जी की सरकार आने के बाद महिला शिवभक्त हर स्थान पर सुरक्षित हैं। कांवड़ मार्ग में जगह -जगह महिला शिवभक्तों के विश्राम शिविर बनाए गए हैं। सामूहिक यात्रा में भोले बाबा का भजन और कीर्तन करते हुए पूरी उत्साह और हर्ष के साथ महिलाएं कांवड़ यात्रा में निकल रही हैं।








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