बुनकरों की कला केवल कपड़ा नहीं बुनती, बल्कि हमारी प्राचीन संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखती है
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राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर भाजपा महिला मोर्चा एवं कमल सखी क्लब की सदस्यों ने हथकरघा उत्पादों का अवलोकन कर खरीददारी की
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राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर बुनकरों का हुआ सम्मान

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वाराणसी 7 अगस्त:- राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के उपलक्ष्य में भाजपा महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं एवं कमल सखी क्लब की सदस्यों ने बीएलडबल्यू स्थित त्रीशक्ति क्रिएशन में एकत्रित होकर हथकरघा उत्पादों का अवलोकन किया एवं हाथ से निर्मित वस्त्रों और उत्पादों की खरीदारी कर स्थानीय बुनकरों और कारीगरों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर महिला मोर्चा की क्षेत्रीय अध्यक्ष नम्रता चौरसिया ने कहा कि आज हम सब यहाँ राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के पावन अवसर पर एकत्रित हुए हैं। यह दिन हमारे देश के उन मेहनतकश बुनकरों को समर्पित है जो अपने हाथों और हथकरघा से अद्भुत वस्त्र बनाते हैं। कहा कि 7 अगस्त 1905 को स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी। इसी ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 2015 से इस दिन को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी।
नम्रता चौरसिया ने कहा कि हमारे बुनकरों की कला केवल कपड़ा नहीं बुनती, बल्कि हमारी प्राचीन संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखती है। कहा कि हथकरघा उद्योग पर्यावरण के अनुकूल है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का बड़ा माध्यम है और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देता है। कहा कि इस दिन हम सब मिलकर संकल्प लें कि हम अपने देश के बुनकरों का समर्थन करेंगे और ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र को अपने जीवन में उतारेंगे।
इनकी रही उपस्थिति
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इस अवसर पर सुनीता सिंह, स्वाति चौधरी, डॉ गीता कुमारी, सुमन शर्मा,
अंजू सिंह,देवश्री गुप्ता, कंचन गुप्ता, शालिनी सिंह, अंजली गुप्ता, सुनीता ब्रुघवंशी, निशा श्रीवास्तव, दीक्षा जी
सम्मानित होने वाले बुनकर अम्बरीश कुमार एवं रीता कुमारी, खुशबू कुमारी आदि प्रमुख रुप से उपस्थित रहे।








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