बच्चों को डेंगू-मलेरिया से बचाव के उपायों की दी गई जानकारी, सप्ताह में एक बार जलपात्र खाली करने की अपीलबुखार होने पर तत्काल जांच और उपचार कराने की सलाह, मच्छरों के पनपने के स्थानों को खत्म करने पर जोर
वाराणसी,20 अगस्त 2026 विश्व मच्छर दिवस के अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.पी. सिंह के नेतृत्व में वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग एवं पी.एस.आई. इंडिया द्वारा संचालित एम्बेड परियोजना के संयुक्त तत्वावधान में प्राथमिक विद्यालय, दुर्गाकुंड में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसकी जानकारी जिला मलेरिया अधिकारी शरदचन्द्र पांडे ने दी।
जिला मलेरिया अधिकारी शरत चंद्र पांडे ने बताया कि कार्यक्रम में विद्यार्थियों को डेंगू एवं मलेरिया से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। पी.एस.आई. इंडिया की टीम ने मॉड्यूल एवं चित्रों के माध्यम से बच्चों को मच्छर जनित रोगों के कारण, लक्षण एवं बचाव के बारे में जागरूक किया।
उन्होंने ने कहा कि डेंगू का प्रसार एडीज एजिप्टी तथा मलेरिया का प्रसार मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से होता है। मच्छर के अंडे से वयस्क बनने की प्रक्रिया लगभग एक सप्ताह में पूरी हो सकती है, इसलिए घरों एवं आसपास जमा पानी को सप्ताह में कम से कम एक बार अवश्य खाली एवं साफ करना चाहिए। कूलर, गमले, टीन के डिब्बे, नारियल के खोल तथा फ्रिज की डीफ्रॉस्ट ट्रे आदि में पानी जमा न होने दें।
उन्होंने कहा कि डेंगू-मलेरिया से बचाव के लिए पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, मच्छरदानी का प्रयोग करें, खिड़कियों एवं वेंटिलेटर में जाली लगाएं तथा घर के आसपास साफ-सफाई रखें। बुखार होने पर लापरवाही न करें और तत्काल आशा कार्यकर्ता अथवा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक जांच कराएं।
इस अवसर पर पी.एस.आई. इंडिया के समन्वयक वाई.पी. सिंह, पाथ संस्था के अंजनी कुमार, सहायक मलेरिया अधिकारी के.के. राय, सीनियर मलेरिया इंस्पेक्टर अजय कुमार मिश्रा सहित स्वास्थ्य विभाग एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।








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