Home » उत्तर प्रदेश » सपनों के रंगों में बच्चों ने उकेरी विकसित भारत की तस्वीर ‘मेरे सपनों का भारत 2047’ चित्रकला प्रतियोगिता में पूजा ने मारी बाजी, सुनयना द्वितीय व राजनंदिनी तृतीय नौगढ़।

सपनों के रंगों में बच्चों ने उकेरी विकसित भारत की तस्वीर ‘मेरे सपनों का भारत 2047’ चित्रकला प्रतियोगिता में पूजा ने मारी बाजी, सुनयना द्वितीय व राजनंदिनी तृतीय नौगढ़।

सपनों के रंगों में बच्चों ने उकेरी विकसित भारत की तस्वीर

‘मेरे सपनों का भारत 2047’ चित्रकला प्रतियोगिता में पूजा ने मारी बाजी, सुनयना द्वितीय व राजनंदिनी तृतीय

नौगढ़। बच्चों की कल्पनाओं में जब देश के भविष्य की तस्वीर आकार लेने लगी तो कागज पर रंगों के जरिए विकसित और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार हो उठा। किसी ने आधुनिक तकनीक से सशक्त भारत की कल्पना को चित्रों में उतारा तो किसी ने बेहतर शिक्षा, रोजगार, स्वच्छता और विकास के माध्यम से वर्ष 2047 के भारत की तस्वीर प्रस्तुत की। विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा और देश के भविष्य को लेकर उनकी सोच उस समय देखने को मिली, जब ‘मेरे सपनों का भारत 2047 में कैसा रहेगा’ विषय पर चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई।

खंड शिक्षा अधिकारी लालमणि राम के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी कल्पनाशक्ति का प्रयोग करते हुए कागज पर विकसित भारत की अलग-अलग तस्वीरें उकेरीं। प्रतियोगिता में नौगढ़ की कुमारी पूजा ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। उच्च प्राथमिक विद्यालय रिठिया की सुनयना ने द्वितीय तथा प्राथमिक विद्यालय नूनवत की राजनंदिनी ने तृतीय स्थान हासिल किया।

प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने अपने चित्रों के माध्यम से ऐसा भारत दिखाने का प्रयास किया, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार के बेहतर अवसर, स्वच्छ वातावरण और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था हो। बच्चों की कलाकृतियों में देश की प्रगति के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और आमजन के बेहतर जीवन की कल्पना भी दिखाई दी। उनकी रचनात्मकता ने यह संदेश दिया कि विकसित भारत का सपना केवल बड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी भी देश के भविष्य को लेकर अपनी स्पष्ट सोच रखती है।

भाषण में भी दिखी बच्चों की सोच

भाषण प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने प्रभावी ढंग से अपने विचार रखे। कंपोजिट स्कूल नौगढ़ के रवि ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्रा ने द्वितीय स्थान हासिल किया। विद्यार्थियों ने अपने भाषण में वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में देखने की अपनी कल्पनाएं साझा कीं। उन्होंने शिक्षा, विज्ञान एवं तकनीक, आत्मनिर्भरता, रोजगार, स्वच्छता और सामाजिक विकास को देश की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण बताया।

प्रतिभागियों ने कहा कि आने वाला भारत ऐसा होना चाहिए, जहां प्रत्येक बच्चे को बेहतर शिक्षा मिले, युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हों और देश विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़े। विद्यार्थियों के विचारों में देश के प्रति उत्साह और भविष्य को लेकर सकारात्मक सोच साफ दिखाई दी।

निर्णायकों ने की प्रतिभागियों की सराहना

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राहुल सिंह रहे। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में एआरपी संजीव कुमार सिंह, रिंकू यादव एवं संजय राम शामिल रहे। निर्णायकों ने विद्यार्थियों की चित्रकला, प्रस्तुतीकरण, विषय की समझ और रचनात्मक सोच की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताओं से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का अवसर मिलता है।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों ने रंगों और शब्दों के जरिए अपने सपनों का भारत सामने रखा। उनकी प्रस्तुतियों में विकसित, आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत की उम्मीद स्पष्ट नजर आई।

Varsha Kesari
Author: Varsha Kesari

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