प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मन की बात’ में खादी एवं ग्रामोद्योग की उपलब्धियों का उल्लेख कर कारीगरों का उत्साह बढ़ाया।
केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने खादी परिवार के लाखों कारीगरों की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया।
‘मन की बात’ के 12 वर्ष पूर्ण; प्रधानमंत्री की अपील से खादी को मिली नई पहचान, स्वदेशी उत्पादों के प्रति बढ़ा जनविश्वास.
खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार के अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने रविवार को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 139वीं कड़ी में खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की बढ़ती बिक्री का उल्लेख करने तथा आगामी त्योहारों के दौरान स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील करने के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह प्रोत्साहन देशभर में खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़े लाखों कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए सम्मान, प्रोत्साहन और नई ऊर्जा का स्रोत है।
श्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा खादी एवं ग्रामोद्योग को निरंतर प्रोत्साहित किए जाने से यह क्षेत्र पारंपरिक पहचान से आगे बढ़कर रोजगार सृजन, महिला सशक्तीकरण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना है। प्रधानमंत्री की प्रेरणा से खादी आज देश की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ आधुनिक भारत के आत्मविश्वास, स्वदेशी भावना और आर्थिक सशक्तीकरण का प्रतीक बनकर उभरी है।
प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने कहा, “‘मन की बात’ के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आज की कड़ी में खादी और ग्रामोद्योग का उल्लेख हमारे लिए अत्यंत गौरव का क्षण है। प्रधानमंत्री जी ने इसी मंच से 3 अक्तूबर 2014 को खादी खरीदने का आह्वान कर खादी को नई पहचान दी थी। तब से वे बार-बार खादी और स्वदेशी अपनाने का संदेश देते रहे हैं। गांधी जयंती पर एक दिन में 28 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री का उल्लेख कर उन्होंने खादी के लाखों कारीगरों, विशेषकर महिलाओं, का मनोबल बढ़ाया है। केवीआईसी और देश के सभी खादी कारीगर माननीय प्रधानमंत्री जी के प्रति हृदय से आभारी हैं। हम संकल्प लेते हैं कि गुणवत्ता, नवाचार और नई पीढ़ी से जुड़ाव के जरिए ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के उनके विजन को और मजबूत करेंगे।” यह कड़ी इसलिए भी विशेष रही कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम को इसी माह 12 वर्ष पूरे हुए हैं। इस कार्यक्रम की शुरुआत 3 अक्तूबर 2014 को विजयादशमी के अवसर पर हुई थी।
श्री गोयल ने स्मरण कराया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मन की बात’ के माध्यम से कई अवसरों पर खादी की उपलब्धियों की चर्चा की और देशवासियों से खादी खरीदने की अपील की है। 3 अक्तूबर 2014 की पहली कड़ी में गांधी जयंती पर खादी का कम से कम एक उत्पाद खरीदने की अपील के अगले ही दिन, 4 अक्तूबर 2014 को, केवीआईसी के प्रमुख आउटलेट पर रिकॉर्ड बिक्री दर्ज हुई। इसके बाद 26 सितंबर 2021 (81वीं कड़ी), 25 सितंबर 2022 और 24 सितंबर 2023 को की गई अपीलों के क्रम में कनॉट प्लेस स्थित खादी भवन में 2 अक्तूबर 2022 को लगभग 1.34 करोड़ रुपये तथा 2 अक्तूबर 2023 को 1.52 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री का कीर्तिमान बना। 28 सितंबर 2025 (126वीं कड़ी) में प्रधानमंत्री ने 2 अक्तूबर को कोई एक खादी उत्पाद खरीदने और उसे गर्व से स्वदेशी बताने का आह्वान किया। अब 25 अक्तूबर 2026 की 139वीं कड़ी में उन्होंने गांधी जयंती पर एक दिन में खादी ग्रामोद्योग उत्पादों की 28 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री का उल्लेख करते हुए त्योहारों पर स्थानीय उत्पाद खरीदने की अपील की है।
केवीआईसी अध्यक्ष श्री मनोज गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और नीतियों के परिणामस्वरूप खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र ने भी अभूतपूर्व प्रगति की है। वित्त वर्ष 2025-26 में खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र का कारोबार 1.87 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जबकि इस क्षेत्र के माध्यम से 2.04 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त हो रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में यह क्षेत्र 2.51 लाख करोड़ रुपये के कारोबार के लक्ष्य को भी प्राप्त करेगा।








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