जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन परियोजना का किया औचक निरीक्षण
एनआईएफटी दीनदयाल हस्तकला संकुल से नए भवन का हर हाल में 20 नवंबर तक निर्माण कार्यों को पूरा करा लिया जाए
वाराणसी। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बड़ा लालपुर में निर्माणाधीन निफ्ट (नेशनल इंस्टिट्यूट आफ़ फैशन टेक्नोलॉजी) का शुक्रवार को औचक निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति की जानकारी ली और कार्यदायी संस्था के अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एनआईएफटी के निदेशक डॉ. संजय श्रीवास्तव और एनबीसीसी के महाप्रबंधक विवेक सिंह ने जिलाधिकारी को प्रगति के बारे में जानकारी दी। बताया गया कि परियोजना दो चरणों में कार्यान्वित की जा रही है।
चरण 1-टीएफसी, ब्लॉक सी और डी में संशोधन कार्य: 100% पूर्ण। टीएफसी में शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के लिए 3 स्नातक पाठ्यक्रम और 88 छात्र अध्ययनरत हैं। बताया गया कि दूसरे चरण का निर्माण दो भागों में किया जा रहा है। पैकेज-1: छात्रावास (S+6) और आवासीय क्वार्टर (G+1)। स्थिति: बाहरी प्लास्टर और मुखौटा का काम पूरा हो चुका है। तीसरी मंजिल तक आंतरिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और एनआईएफटी द्वारा इसका उपयोग किया जा रहा है।पैकेज-II: शैक्षणिक एवं प्रशासनिक भवन (G+5) स्थिति: बाहरी प्लास्टर और मुखौटा का काम पूरा हो चुका है। पहली मंजिल तक आंतरिक निर्माण कार्य पूरा हो गया है और एनआईएफटी द्वारा आंशिक रूप से उपयोग किया जा रहा है। परियोजना निर्धारित समय पर चल रही है। जिलाधिकारी ने कार्यकारी एजेंसी/एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड को निर्देश दिया है कि नए भवन का निर्माण जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि एनआईएफटी दीनदयाल हस्तकला संकुल से नए भवन में स्थानांतरित हो सके। उन्होंने कहा कि हर हाल में 20 नवंबर तक निर्माण कार्यों को पूरा करा लिया जाए।
इसके अलावा ज़िलाधिकारी ने राजकीय संत रविदास आईएएस-पीसीएस परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण संस्थान पहुंचकर व्यवस्थापक से बच्चों के लिए संचालित व्यवस्थाओं के बारे में जाना।संस्थान के प्रमुख/व्यवस्थापक आर॰एस॰ चौहान ने बताया कि समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित इस संस्थान में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के छात्रों को निःशुल्क आईएएस-पीसीएस के अलावा अन्य विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, कोचिंग तथा हॉस्टल की सुविधा प्रदान की जाती है। उन्होंने विभिन्न परीक्षाओं में सफल अभ्यर्थियों, हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की संख्या, बच्चों के लिए बनाए गए अध्ययन की व मेस में खाने की व्यवस्था, साफ़ सफाई आदि का जायजा लिया।जिलाधिकारी ने एक बच्चे से उसका नाम और पता पूछा। उन्होंने व्यवस्थापक से परिसर के विकास सहित अन्य कार्यों के संबंध में विस्तृत चर्चा की।









Users Today : 99
Users Yesterday : 244