सहारा शहर की जगह नई विधानसभा बनेगी, लखनऊ का व्हाइट हाउस खाली करा रहीं हैं स्वप्ना राय!
चोरी हुआ चांदी का पीकदान, पिस्टल और करोड़ों का कीमती सामान
सहारा सहर की जमीन पर अब किसी तरह का कोई कानूनी विवाद नही:नगर आयुक्त(गौरव कुमार), लखनऊ

लखनऊ। गोमतीनगर स्थित सहारा सिटी अब पूरी तरह खाली होने की प्रक्रिया में है। पिछले करीब पांच दिनों से परिसर के अंदर ट्रकों और अन्य वाहनों की लगातार आवाजाही देखी जा रही है। जानकारी के मुताबिक, सहारा प्रमुख रहे सुब्रत रॉय की पत्नी स्वप्ना रॉय भी अपनी कोठी ‘स्वप्ना कुटी’ (व्हाइट हाउस) से कीमती सामान निकलवा रही हैं। फर्नीचर, गहने, घड़ियां, वाहन, लॉकर और अन्य घरेलू सामग्री तेजी से बाहर भेजी जा रही है।
प्रशासन की ओर से साफ निर्देश दिए गए हैं कि एक बार परिसर से निकाला गया सामान दोबारा अंदर नहीं लाया जा सकेगा। साथ ही सहारा प्रबंधन के लोगों के प्रवेश पर भी रोक लगाई जा रही है। यह कार्रवाई लखनऊ नगर निगम के निर्देश पर की जा रही है, जिसने पूरे परिसर को खाली कराने का आदेश दिया है।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने सहारा सिटी की लीज समाप्त करने के फैसले को सही ठहराते हुए इस जमीन को नगर निगम को सौंपने का आदेश दिया है। इसके बाद अब इस भूमि पर नया विधानसभा भवन बनाने की तैयारी शुरू हो गई है।
इसी बीच, सहारा सिटी में हाल ही में करोड़ों रुपये के सामान की चोरी का मामला भी सामने आया था। चोरी में पिस्टल, कारतूस, महंगी घड़ियां, कैमरे, टीवी, मोबाइल, वाहन और चांदी के बर्तन सहित कई कीमती वस्तुएं शामिल थीं। इस मामले में स्पेशल टास्क फोर्स ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों के गिरोह का खुलासा कर चोरी का सामान बरामद किया है। जांच एजेंसियों को शक है कि अंदरूनी जानकारी के बिना इतनी बड़ी चोरी संभव नहीं थी, क्योंकि 170 एकड़ के विशाल परिसर में सामान की सटीक लोकेशन बाहरी लोगों को पता होना मुश्किल है।
नगर निगम और एसटीएफ की जांच में यह भी सामने आया है कि सील होने के बावजूद कुछ लोग रात में परिसर की रेकी कर रहे थे। हाल ही में अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ऐसे लोगों को फटकार लगाई, जिसके बाद गतिविधियों में कमी आई है, हालांकि अभी भी आशंका बनी हुई है कि कुछ लोग अंदर मौजूद सामान को ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहे हैं।
सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन सतर्क हुआ है। सहायक नगर आयुक्त ने परिसर में गार्डों की संख्या बढ़ाने के लिए पत्र लिखा है, ताकि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
सहारा सिटी की जमीन का विवाद नया नहीं है। नगर निगम ने लीज की शर्तों के उल्लंघन और 30 साल की अवधि पूरी होने के आधार पर 6 अक्टूबर को इस जमीन को अपने कब्जे में ले लिया था। इसके खिलाफ सहारा प्रबंधन पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, लेकिन दोनों जगह से राहत नहीं मिली। 16 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने भी याचिका खारिज कर दी।
गौरतलब है कि 1994 में सहारा इंडिया हाउसिंग लिमिटेड को 170 एकड़ जमीन आवासीय योजना विकसित करने के लिए दी गई थी, जिसमें 130 एकड़ में कॉलोनी और 40 एकड़ ग्रीन बेल्ट विकसित करना था।
अब इस पूरी जमीन पर सरकार की नजर है और यहां नया विधानसभा भवन बनाने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। लखनऊ विकास प्राधिकरण को इस परियोजना का नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो डीपीआर और डिजाइन तैयार करने के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने की प्रक्रिया में जुटा है।








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