March 26, 2026 4:04 am

Home » उत्तर प्रदेश » योगी सरकार के 9 वर्षों में यूपी टूरिज्म ने तय किया ‘ग्रेवयार्ड इकोनॉमी’ से ‘टेंपल इकोनॉमी’ का सफर

योगी सरकार के 9 वर्षों में यूपी टूरिज्म ने तय किया ‘ग्रेवयार्ड इकोनॉमी’ से ‘टेंपल इकोनॉमी’ का सफर

योगी सरकार के 9 वर्षों में यूपी टूरिज्म ने तय किया ‘ग्रेवयार्ड इकोनॉमी’ से ‘टेंपल इकोनॉमी’ का सफर

योगी सरकार में बदली यूपी टूरिज्म की पहचान, वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरा उत्तर प्रदेश

तीर्थ स्थलों का विकास और धार्मिक उत्सवों का भव्य आयोजन, यूपी बना देश में पर्यटन का सिरमौर

लखनऊ, 25 मार्च। उत्तर प्रदेश में पिछले 9 वर्षों के दौरान योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पर्यटन क्षेत्र ‘ग्रेवयार्ड इकोनॉमी’ से निकलकर ‘टेंपल इकोनॉमी’ में बदल चुका है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने लोकभवन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान योगी सरकार की 9 वर्षों की उपलब्धियों के बारे में बताते हुए कहा कि यह परिवर्तन केवल सोच का नहीं, बल्कि शासन की प्राथमिकताओं का भी प्रतीक बनकर उभरा है। जहां वर्ष 2017 के पहले राज्य सरकार के बजट का बड़ा हिस्सा कब्रिस्तानों की दीवारें बनाने में खर्च होता था, वहीं अब योगी सरकार में प्रदेश के तीर्थ स्थलों, धार्मिक गलियारों, सांस्कृतिक मार्गों और पर्यटन अवसंरचना के विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इस बदलाव ने उत्तर प्रदेश में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्द्धन को पर्यटन के विकास से जोड़ा है।

यूपी के आस्था के केंद्र,  तीर्थस्थल बने पर्यटन अर्थव्यवस्था की रीढ़

पर्यटन मंत्री ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप पिछले 9 वर्षों में राज्य में आस्था, संस्कृति और पर्यटन का संगम अब आर्थिक विकास का मजबूत आधार बन चुका है। योगी सरकार में तीर्थ विकास परिषदों का निर्माण कर प्रदेश के तीर्थों में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विकास किया गया है। अयोध्या, काशी, प्रयागराज, मथुरा के साथ ही मीरजापुर, चित्रकूट, नैमिषारण्य और सहारनपुर स्थित मां शाकुंभरी देवी शक्तिपीठ जैसे प्रमुख तीर्थ स्थल आज प्रदेश के पर्यटन की नई पहचान बन चुके हैं। इस क्रम में विशेष रूप से काशी विश्वनाथ धाम के कॉरिडोर निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में 4-5 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं राम मंदिर अयोध्या में वर्ष 2025 के दौरान लगभग 30 करोड़ श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।

सांस्कृतिक उत्सव और आयोजन से बढ़ा यूपी में धार्मिक पर्यटन

उत्तर प्रदेश में आयोजित सांस्कृतिक आयोजनों ने भी वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई है। दीपोत्सव अयोध्या ने 2025 में 26 लाख से अधिक दीप जलाकर विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया। वहीं देव दीपावली वाराणसी को प्रांतीय मेले का दर्जा दिया गया है। 2017 में दीपोत्सव की शुरुआत, प्रयागराज में आयोजित होने वाला माघ, कुंभ और महाकुंभ मेला, ब्रज का रंगोत्सव जैसे आयोजनों ने पर्यटन को तेज गति से बढ़ावा दिया है। महाकुंभ-2025 का आयोजन इस यात्रा का ऐतिहासिक शिखर माना जा रहा है, जिसमें रिकॉर्ड 66 करोड़ पर्यटकों का आगमन हुआ। उत्तर प्रदेश की ये सांस्कृतिक परंपराएं और उत्सव अब आर्थिक गतिविधियों का बड़ा स्रोत बन रहीं हैं। इन आयोजनों से स्थानीय व्यापार, होटल, परिवहन, प्रसाद, फूल, हस्तशिल्प और लघु उद्यमों को व्यापक लाभ मिला है।

पर्यटन नीति-2022 का सफल क्रियान्वयन, हुआ 5 लाख रोजगार का सृजन

उत्तर प्रदेश में पर्यटन का नीतिगत विस्तार करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पर्यटन नीति-2022 को लागू किया गया। इसका परिणाम है कि अब तक उत्तर प्रदेश में ₹36,681 करोड़ से अधिक निवेश धरातल पर उतर चुका है, जिससे करीब 5 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है। 1,757 पर्यटन इकाइयों का पंजीकरण भी किया गया है। युवाओं को पर्यटन से जोड़ने के लिए शोध, प्रचार और मॉनिटरिंग कार्यों में ₹40,000 मासिक स्टाइपेंड देने की व्यवस्था की गई है।

 

प्रदेश में पर्यटक सुरक्षा और सुविधाएं हुईं सुदृढ़, मिला पर्यटन को बढ़ावा

मंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्रमुख शहरों—आगरा, वाराणसी, प्रयागराज, मथुरा, झांसी और लखनऊ में पर्यटन पुलिस तैनात की गई है। साथ ही 850 प्रशिक्षित गाइडों की नियुक्ति की गई है, जिससे पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके। इसके साथ ही ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 234 गांवों का चयन किया गया है और 2026-27 तक 50,000 होम-स्टे कमरे विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा 16 वन्यजीव क्षेत्रों में इको-टूरिज्म को विकसित किया जा रहा है। साथ ही तीर्थ यात्रियों के लिए सुविधाओं का विस्तार करते हुए कैलाश मानसरोवर यात्रा हेतु ₹1 लाख तथा सिंधु दर्शन यात्रियों को ₹20 हजार का अनुदान प्रदान किया जा रहा है।

पर्यटक आगमन में रिकॉर्ड वृद्धि, घरेलू पर्यटन में यूपी बना प्रथम

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि एक पर्यटक कम से कम 6 लोगों की आय का माध्यम बनता है। प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन पर विशेष ध्यान का ही परिणाम है कि उत्तर प्रदेश देश में घरेलू पर्यटक आगमन के मामले में प्रथम स्थान पर पहुंच चुका है। वर्ष 2025 में प्रदेश में कुल 1 अरब 56 करोड़ से अधिक पर्यटक आए, जिनमें लगभग 36 लाख विदेशी पर्यटक शामिल रहे। केवल अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज में ही वर्ष 2025 के दौरान लगभग 116 करोड़ श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आगमन हुआ, जो राज्य के कुल पर्यटन का करीब 90 प्रतिशत है।

 

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने पत्रकार वार्ता में कहा कि योगी सरकार के 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने यह सिद्ध कर दिया है कि सांस्कृतिक विरासत और आस्था को आर्थिक शक्ति में बदला जा सकता है। उत्तर प्रदेश अब तीर्थ, पर्यटन और परंपरा के समन्वय से विकास का एक नया मॉडल बनकर देश और दुनिया के सामने आध्यात्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनकर उभरा है।
[5:30 PM, 3/25/2026] +91 99997 88076: योगी सरकार में वन स्टॉप सेंटर बने महिलाओं के लिए सबसे बड़ा सहारा, वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 55,134 प्रकरणों में मदद

पुलिस से लेकर खुद पीड़िता तक पहुंच, हर स्तर पर सक्रिय दिखा सिस्टम

लखनऊ, 25 मार्च उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा को लेकर योगी सरकार का वन स्टॉप सेंटर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 55,134 प्रकरणों में महिलाओं को सहायता प्रदान की गई है, जो इस व्यवस्था की व्यापक पहुंच और प्रभाव को दिखाता है। यह उन हजारों महिलाओं की कहानी है जिन्हें संकट की घड़ी में तुरंत सहारा मिला है। इसके अंतर्गत 26,450 मामले पुलिस के माध्यम से आए, जबकि 7,551 महिलाएं खुद सहायता के लिए आगे आईं यानी सिस्टम तक पहुंच और उस पर भरोसा दोनों तेजी से बढ़ा है।

हर चैनल से जुड़ा सिस्टम, हर पीड़िता तक पहुंच
वन स्टॉप सेंटर अब एकीकृत व्यवस्था के रूप में काम कर रहे हैं। महिला हेल्पलाइन से 8,506, बाल कल्याण समिति से 6,433 और अन्य माध्यमों से 5,560 मामले सामने आए। इसके अलावा विभिन्न विभागों के जरिए भी महिलाओं को सहायता मिली। यह दिखाता है कि अब व्यवस्था अलग-अलग हिस्सों में बंटी नहीं है, बल्कि एक प्लेटफॉर्म पर आकर पीड़ित महिला को हर जरूरी मदद उपलब्ध करा रही है।

हर तरह की समस्या का एक ही समाधान केंद्र
इन प्रकरणों में सबसे अधिक 34,565 मामले सिविल विवादों से जुड़े हैं, जबकि 14,268 मामले घरेलू हिंसा के हैं। इसके अलावा यौन हिंसा, जेंडर आधारित हिंसा और साइबर अपराध से जुड़े मामले भी हैं। साफ है कि वन स्टॉप सेंटर अब केवल एक सेवा नहीं, बल्कि महिलाओं से जुड़ी हर समस्या के समाधान का केंद्र बन चुके हैं।

हर उम्र की महिलाओं तक पहुंचता सुरक्षा तंत्र
इन केंद्रों की पहुंच हर आयु वर्ग तक है। 18 से 30 वर्ष की 26,565 महिलाएं, 31 से 45 वर्ष की 7,888 महिलाएं इन सेवाओं से लाभान्वित हुई हैं। इसके अलावा आयु वर्ग की महिलाओं को भी सहायता पहुंचाई गई है। यह बताता है कि यह व्यवस्था समाज के हर वर्ग तक समान रूप से पहुंच बना रही है और जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिल रही है।

जमीनी स्तर पर सक्रिय, भरोसे का मजबूत आधार
प्रदेश में इस समय 96 वन स्टॉप सेंटर संचालित हैं और अगले महीने अप्रैल में 25 और नए वन स्टॉप सेंटक संचालित हो जाएंगे। इनके माध्यम से लगातार सेवाएं दी जा रही हैं। सीमित स्टाफ के बावजूद बड़ी संख्या में मामलों में सहायता यह दर्शाती है कि सिस्टम जमीन पर काम कर रहा है। कुल मिलाकर, वन स्टॉप सेंटर अब महिला सुरक्षा का मजबूत स्तंभ बन चुके हैं। योगी सरकार ने यह साबित किया है कि सुरक्षा का मतलब सिर्फ नीतियां बनाना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है और यही इस मॉडल की असली ताकत है।

Liveupweb
Author: Liveupweb

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *