योगी सरकार की किसान हितैषी पहल, अनाज खरीद में रिकॉर्ड भुगतान से जीता भरोसा
51 लाख किसानों को 45 हजार करोड़ से अधिक का सीधा लाभ
यूपी में 5,837 गेहूं क्रय केंद्र, खरीद व्यवस्था मजबूत
धान-बाजरा-ज्वार खरीद से किसानों की आय में इजाफा
लखनऊ, 28 मई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में खाद्य तथा रसद विभाग ने किसानों और गरीब परिवारों के लिए मजबूत सुरक्षा कवच का काम किया है। रबी विपणन वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक प्रदेश में गेहूं खरीद अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया गया। इस दौरान कुल 51,70,117 किसानों को लाभ मिला। योगी सरकार की ओर से किसानों को 45,935.46 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। प्रदेश में गेहूं खरीद को सुचारु बनाने के लिए 5,837 गेहूं क्रय केंद्र संचालित किए गए, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में सहूलियत मिल रही है।
योगी सरकार की प्राथमिकता रही कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ समय पर मिले और उन्हें बिचौलियों पर निर्भर न रहना पड़े। यही वजह रही कि खरीद प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है।
विभिन्न फसलों की खरीद से लाखों किसानों को मिला सीधा फायदा
खाद्य तथा रसद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि धान खरीद के क्षेत्र में प्रदेश ने बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक धान खरीद से 80,39,539 किसानों को लाभ पहुंचाया गया। किसानों को इसके बदले 1,03,694.71 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है।इसी प्रकार खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 एवं 2025-26 के अंतर्गत ज्वार खरीद से 26,972 किसान लाभान्वित हुए हैं, जिन्हें 363.35 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वहीं बाजरा खरीद से 1,48,718 किसानों को फायदा पहुंचा और उन्हें 1,854 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
किसानों के विश्वास को योगी सरकार ने किया मजबूत
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि योगी सरकार केवल गेहूं और धान तक सीमित नहीं रही, बल्कि अन्य फसलों की खरीद को भी बढ़ावा दिया गया। खाद्य तथा रसद विभाग की सक्रिय कार्यप्रणाली ने प्रदेश में किसानों के विश्वास को मजबूत किया है। समय पर भुगतान, खरीद केंद्रों का विस्तार और पारदर्शी व्यवस्था ने यह साबित किया है कि योगी सरकार किसानों और गरीबों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
किसान हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही योगी सरकार: सूर्य प्रताप शाही
कृषि मंत्री शाही ने कहा कि सपा सरकार की नीतियों से किसान हुए थे निराश, योगी सरकार ने दिया सम्मान और राहत
कृषि मंत्री बोले, योगी सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में 86 लाख किसानों का किया कृषि ऋण माफ

लखनऊ, 28 मई। योगी सरकार में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। गुरुवार को उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों की गलत नीतियों के कारण प्रदेश का किसान निराश, हताश और आत्महत्या के लिए मजबूर हो गया था। योगी आदित्यनाथ सरकार ने सत्ता में आते ही किसानों को आर्थिक संकट से बाहर निकालने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और ऐतिहासिक फैसलों के जरिए किसानों को लाभ पहुंचाने का कार्य किया।
सीएम योगी ने पहली कैबिनेट में लिया कृषि ऋण माफ करने का ऐतिहासिक फैसला
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पहली कैबिनेट बैठक में ही 86 लाख किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये के कृषि ऋण माफ करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि यह फैसला केवल आर्थिक सहायता का नहीं था, बल्कि किसानों को सम्मान और आत्मविश्वास लौटाने का माध्यम था। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान, समर्थन मूल्य पर खरीद और उर्वरकों की उपलब्धता जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया। प्राकृतिक आपदाओं के समय भी किसानों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया, जिसके कारण किसान आर्थिक रूप से टूट चुके थे।
योगी सरकार ने किया गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान
मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि जब योगी सरकार सत्ता में आई, तब गन्ना किसानों का लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का बकाया भुगतान लंबित था। योगी सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर किसानों का भुगतान सुनिश्चित कराया। उन्होंने बताया कि योगी सरकार ने अपने कार्यकाल में गन्ना किसानों को रिकॉर्ड 3 लाख 27 हजार करोड़ रुपये का भुगतान कराया, जिसमें पूर्ववर्ती सरकार के समय का बकाया भी शामिल है। उन्होंने कहा कि पहले गन्ना किसानों को 3 से 4 वर्षों तक भुगतान के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते थे। दलालों, बिचौलियों और भ्रष्टाचार के कारण किसान परेशान रहते थे लेकिन योगी सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था लागू कर किसानों को समय पर भुगतान दिलाने का काम किया।







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