यूपी कॉलेज छात्र हत्याकांड: सह-अभियुक्त अनुज सिंह की जमानत अर्जी कोर्ट से खारिज, ‘ओवरकिल’ और ‘दुस्साहस’ पर सख्त हुई अदालत
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के चर्चित उदय प्रताप (यूपी) कॉलेज परिसर में दिनदहाड़े हुए छात्र सूर्यप्रताप सिंह हत्याकांड के मामले में वाराणसी की जिला अदालत से बड़ी खबर सामने आ रही है। न्यायालय ने मामले की गंभीरता, चश्मदीदों के बयान और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की भयावहता को देखते हुए सह-अभियुक्त अनुज सिंह की प्रथम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है।
प्रभारी सत्र न्यायाधीश संध्या श्रीवास्तव ने अपने आदेश में इस वारदात को ‘दुस्साहस की चरम सीमा’ करार दिया है।
कोर्ट में सरकारी और वादी पक्ष के वकीलों की जोरदार पैरवी

जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान अदालत में अभियोजन और पीड़ित पक्ष के अधिवक्ताओं ने अभियुक्त की जमानत का अत्यंत कड़ा और पुरजोर विरोध किया। जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) मुनीर सिंह चौहान ने सरकार की ओर से कड़ा रुख अपनाते हुए दलील दी कि कॉलेज परिसर जैसी शैक्षणिक जगह पर सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर राहत नहीं मिलनी चाहिए। वही वादी पक्ष के विद्वान अधिवक्ता विवेक शंकर तिवारी ने अदालत के सामने चश्मदीदों के बयान और मेडिकल साक्ष्य रखते हुए साफ किया कि यह पूरी वारदात सुनियोजित साजिश और समान आशय के साथ की गई जघन्य हत्या थी, जिसमें अभियुक्त अनुज सिंह की भूमिका मुख्य शूटर के साथ कदम-कदम पर बराबर की थी।
ज्ञातव्य है कि आपसी विवाद में 20 मार्च 2026 को कालेज के ही छात्रों मंजीत चौहान व अनुज सिंह ने मिलकर अनेक छात्र-छात्राओं के सामने घर के एकलौते पुत्र सूर्या प्रताप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना की सूचना वादी उत्कर्ष सिंह ने थाना शिवपुर वाराणसी में देकर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराया था। मामले में विवेचना पूरी होने के बाद आरोप पत्र प्रेषित कर दिया गया है और विचारण शुरु हो चुका है।








Users Today : 28
Users Yesterday : 55