अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कुशीनगर जिले के कप्तानगंज जंक्शन स्टेशन सहित उत्तर प्रदेश के 157 रेलवे स्टेशनों का हो रहा पुनर्विकास: रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा को सूचित किया कि रेल मंत्रालय ने दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना शुरू की है। उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत रेलवे स्टेशनों के लिए मास्टर प्लान तैयार कर चरणबद्ध तरीके से आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस योजना में भारतीय रेल के रेलवे स्टेशनों में सुधार लाने के लिए मास्टर योजना तैयार करना और उनका चरणबद्ध कार्यान्वयन शामिल हैं। प्रत्येक स्टेशन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मास्टर योजना में निम्नानुसार शामिल हैं:
• स्टेशन और परिचलन क्षेत्रों तक पहुंच में सुधार
• स्टेशन का शहर के दोनों भागों के साथ एकीकरण
• स्टेशन भवन में सुधार
• प्रतीक्षालय, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, पेयजल बूथों में सुधार
• यात्री यातायात के अनुरूप अधिक चौड़े ऊपरी पैदल पुल/सबवे की व्यवस्था
• लिफ्ट/स्वचालित सीढ़ियों/रैंप की व्यवस्था
• प्लेटफॉर्म की सतह का सुधार/प्लेटफॉर्म शेल्टर की व्यवस्था
• ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय उत्पादों के लिए कियोस्क की व्यवस्था
• पार्किंग क्षेत्र का विकास
• दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं
• बेहतर यात्री सूचना प्रणाली
• एयर कॉनकोर्स, एक्जीक्यूटिव लाउंज, मल्टी मोडाल एकीकरण, भूसुदर्शनीकरण आदि का प्रावधान

श्री वैष्णव ने कहा कि इस योजना में आवश्यकतानुसार, चरणबद्ध और व्यवहार्य रूप से दीर्घकालिक और पर्यावरण अनुकूल समाधान आदि और दीर्घावधि में स्टेशन पर सिटी सेंटर के निर्माण की भी परिकल्पना की गई है।
उन्होंने कहा कि अब तक, इस योजना के तहत विकास के लिए 1340 स्टेशनों की पहचान की गई है, जिसमें कुशीनगर जिले के कप्तानगंज जंक्शन स्टेशन सहित 157 स्टेशन उत्तर प्रदेश में स्थित हैं।
अमृत भारत स्टेशन योजना के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश में विकास के लिए चिह्नित किए गए स्टेशनों के नाम निम्नानुसार है:
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राज्य |
स्टेशनों की संख्या |
स्टेशनों के नाम |
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उत्तर प्रदेश |
157 |
अछनेरा, आगरा कैंट, आगरा फोर्ट, ऐशबाग, अकबरपुर जंक्शन, अलीगढ, अमेठी, अमरोहा, आनन्द नगर जंक्शन, अनोला, अयोध्या धाम जंक्शन, आज़मगढ़, बाबतपुर, बछरावां, बदायूँ, बादशाहनगर, बादशाहपुर, बहेड़ी, बहराइच, बालामऊ जंक्शन, बलिया, बलरामपुर, बनारस, बांदा, बाराबंकी जंक्शन, बरेली, बरेली सिटी, बढ़नी, बस्ती, बेल्थरा रोड, भदोही, भरतकुंड, भटनी, भूतेश्वर, बिजनौर बुलन्दशहर, चंदौली मझवार, चंदौसी, चिलबिला, चित्रकूट धाम, कर्वी, चोपन, चुनार जं., डालीगंज, दर्शननगर, देवरिया सदर, धामपुर, दिलदारनगर, इटावा जं., फर्रुखाबाद, फतेहाबाद, फ़तेहपुर, फ़तेहपुर सीकरी, फ़िरोज़ाबाद, गजरौला, गढ़मुक्तेश्वर, गौरीगंज, घाटमपुर, ग़ाज़ियाबाद, ग़ाज़ीपुर सिटी, गोला गोकरननाथ, गोमतीनगर, गोंडा, गोरखपुर, गोवर्धन, गोविंदपुरी, गुरसहायगंज, हैदरगढ़, हापुड, हरदोई, हाथरस सिटी, ईदगाह, इज्जतनगर, जंघई जंक्शन, जौनपुर सिटी, जौनपुर जंक्शन, कन्नौज, कानपुर अनवरगंज, कानपुर ब्रिज लेफ्ट बैंक, कानपुर सेंट्रल, कप्तानगंज, कासगंज, काशी, खलीलाबाद, खोरासन रोड़, खुर्जा जंक्शन, कोसी कलां, कुंडा हरनामगंज, लखीमपुर, लालगंज, ललितपुर, लंभुआ, लोहता, लखनऊ (चारबाग एवं जंक्शन), लखनऊ सिटी, मां बेल्हा देवी धाम, प्रतापगढ़ जंक्शन, मगहर, महाराजगंज बिजली पासी, महोबा, मैलानी, मैनपुरी जं., मल्हौर जं., मानकनगर जं., मानिकपुर जं., मरियाहू, मथुरा, मऊ, मेरठ सिटी, मिर्ज़ापुर, मोदीनगर, मोहनलालगंज, मुरादाबाद, मुज्जफरनगर नगीना, नजीबाबाद जं., उरई, पनकी धाम, फाफामऊ जं., फूलपुर, पीलीभीत, पोखरायां, प्रयाग जंक्शन, प्रयागराज जं., पं. दीन दयाल उपाध्याय, रायबरेली जं., राजा की मंडी, रामघाट हॉल्ट, रामपुर, रेनुकूट, सहारनपुर जं., सलेमपुर, स्योहारा, शाहगंज जं., शाहजहाँपुर, शामली, शिकोहाबाद जं., शिवपुर, सिद्धार्थ नगर, सीतापुर जं., सोनभद्र, श्री कृष्णा नगर, सुल्तानपुर जं., सुरेमनपुर, स्वामीनारायण छपिया, तकिया, तुलसीपुर, टूंडला जं., उझानी, ऊंचाहार, उन्नाव जं., उतरेटिया जं., वाराणसी कैंट. वाराणसी सिटी, विंध्याचल, वीरांगना लक्ष्मीबाई, व्यासनगर, जाफराबाद |
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों पर विकास कार्य अच्छी गति से किए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में पूरे किये गए स्टेशनों का ब्यौरा निम्नानुसार है:
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राज्य |
स्टेशनों की संख्या |
स्टेशनों के नाम |
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उत्तर प्रदेश |
38 |
ऐशबाग जंक्शन, अयोध्या धाम जंक्शन, बछरावां, बहेरी, बलरामपुर, बरेली सिटी, बिजनौर, चुनार जंक्शन, डालीगंज, धामपुर, फतेहाबाद, फतेहपुर, गौरीगंज, गोला गोकरननाथ, गोमतीनगर, गोवर्धन, गोविंदपुरी, हाथरस सिटी, ईदगाह आगरा जंक्शन, इज्जतनगर, खलीलाबाद, मैलानी जंक्शन, मोदीनगर, मोहनलालगंज, उरई, पनकी धाम, फाफामऊ जंक्शन, पुखरायां, प्रयाग जंक्शन, रामघाट हॉल्ट, सहारनपुर जंक्शन सलेमपुर, शामली, सिद्धार्थनगर, सुरेमनपुर, स्वामीनारायण छपिया, उझानी, विंध्याचल |
श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अन्य स्टेशनों पर विकास की गतिविधियां भी अच्छी गति से शुरू की गई हैं और कुछ स्टेशनों की प्रगति निम्नानुसार है:
• कप्तानगंज जंक्शन स्टेशन: प्लेटफॉर्म को ऊंचा करने और बढ़ाने, प्लेटफॉर्म की सतह को बेहतर बनाने, प्लेटफॉर्म शेल्टर, परिचलन क्षेत्र को बेहतर बनाने, पार्किंग क्षेत्र और 3 मीटर चौड़े पैदलपार पुल का कार्य पूरा हो चुका है। नए स्टेशन बिल्डिंग, मौजूदा स्टेशन बिल्डिंग को बेहतर बनाने, लिफ्ट, साइनेज, दिव्यांगजनों के लिए सुविधाएं और 6 मीटर चौड़े पैदलपार पुल का कार्य शुरू हो गया है।
• गोरखपुर स्टेशन: मल्टी-लेवल कार पार्किंग, वाणिज्यिक ब्लॉक, नई लॉन्ड्री और विद्युत सब-स्टेशन का संरचनात्मक कार्य पूरा हो चुका है। मुख्य स्टेशन भवन, दूसरा प्रवेश स्टेशन बिल्डिंग और पैदलपार पुल का संरचनात्मक कार्य, और मल्टी-लेवल कार पार्किंग क्षेत्र, वाणिज्यिक ब्लॉक, नई लॉन्ड्री और विद्युत सब-स्टेशन के फिनिशिंग का कार्य शुरू हो गया है।
• देवरिया सदर स्टेशन: प्रतीक्षालय, रिटायरिंग रूम, डॉरमेट्री, पार्किंग क्षेत्र, परिचलन क्षेत्र को बेहतर बनाने, प्रवेश/निकास द्वार और प्लेटफॉर्म शेल्टर को बेहतर बनाने का काम पूरा हो चुका है। नई स्टेशन बिल्डिंग, प्रवेशद्वार पोर्च, 12 मीटर चौड़े पैदलपार पुल, लिफ्ट, एस्केलेटर, ‘पे एंड यूज़’ टॉयलेट को बेहतर बनाने और दिव्यांगजनों के लिए सुविधाओं का कार्य शुरू हो गया है।
• भटनी स्टेशन: स्टेशन बिल्डिंग को बेहतर बनाने, प्रवेश द्वार पोर्च, परिचलन क्षेत्र और पार्किंग क्षेत्र को बेहतर बनाने का काम पूरा हो चुका है। प्लेटफॉर्म की सतह, प्लेटफॉर्म शेल्टर को बेहतर बनाने और दिव्यांगजनों के लिए सुविधाओं का कार्य शुरू हो गया है।
• बस्ती स्टेशन: स्टेशन बिल्डिंग को बेहतर बनाने, परिचलन क्षेत्र को बेहतर बनाने, पार्किंग क्षेत्र, प्रतिक्षालय, टॉयलेट, प्लेटफॉर्म की सतह को बेहतर बनाने, प्लेटफॉर्म शेल्टर, नए प्रवेश द्वार प्रांगण, नए ‘पे एंड यूज़’ टॉयलेट ब्लॉक और लैंडस्केपिंग का कार्य पूरा हो चुका है। प्रकाश व्यवस्था और साइनेज का कार्य शुरू हो गया है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा, भारतीय रेल में स्टेशनों का विकास/पुनर्विकास/उन्नयन/आधुनिकीकरण एक सतत और निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और इस संबंध में निर्माण कार्य परस्पर प्राथमिकता और निधियों की उपलब्धता के अध्यधीन आवश्यकतानुसार किए जाते हैं। स्टेशन का विकास/पुनर्विकास/उन्नयन/आधुनिकीकरण स्टेशन की कोटि/अवस्था/संभाले जाने वाले यातायात आदि के आधार पर किया जाता है।
केंद्रीय रेल मंत्री ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत, स्टेशनों को उनके क्षेत्र, ऐतिहासिक महत्व आदि के अनुसार वास्तुशिल्प थीम पर भी विकसित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में गोला गोकरननाथ, गोवर्धन, सहारनपुर जंक्शन, सिद्दार्थ नगर, स्वामीनारायण छपिया आदि स्टेशनों को संबंधित वास्तुशिल्प थीम पर विकसित किया गया है।
उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय द्वारा ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ (ओएसओपी) योजना शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य भारत सरकार के ‘वोकल फॉर लोकल’ दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना, स्थानीय/स्वदेशी उत्पादों के लिए बाजार प्रदान करना और रेल यात्रियों को इन उत्पादों को खरीदने का अवसर देना है, जिससे वे भारत की समृद्ध धरोहर का अनुभव कर सकें। ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ योजना का लक्ष्य स्वदेशी/स्थानीय उत्पादों जैसे शिल्पकला, हस्तशिल्प, वस्त्र और हथकरघा, खिलौने, चमड़े के उत्पाद, पारंपरिक उपकरण/औजार, परिधान, रत्न और आभूषण, प्रसंस्कृत/अर्ध-प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों आदि को प्रदर्शित करना, बेचना और उन्हें अधिकतम दृश्यता प्रदान करना है।
श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह योजना देशभर में रेलवे स्टेशनों पर बिक्री केंद्रों के माध्यम से स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों, कुम्हारों, बुनकरों, हथकरघा बुनकरों आदि को आजीविका के बेहतर अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसके अलावा, इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए इस योजना के अंतर्गत सबसे निचले स्तर के व्यक्तियों, वंचितों और कमजोर वर्गों तथा स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने की भी परिकल्पना की गई है।
उन्होंने कहा कि दिनांक 30.06.2026 की स्थिति के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत 29 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 1740 स्टेशनों पर कुल 2055 ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ आउटलेट संचालित किए जा रहे हैं और इस योजना के तहत कुल 1,51,181 प्रत्यक्ष लाभार्थियों ने इसका लाभ उठाया है।
केंद्रीय रेल मंत्री ने बताया कि कुशीनगर जिले में स्थित तीन स्टेशनों नामतः (i) कप्तानगंज जंक्शन- केला फाइबर के लिए स्टॉल और मोटा अनाज उत्पादों के लिए ट्रॉली, (ii) पडरौना- मौसमी फलों और मोटा अनाज उत्पादों के लिए स्टॉल और (iii) पनियहवा – मोटा अनाज उत्पादों के लिए ट्रॉली को ‘एक स्टेशन एक उत्पाद’ योजना के तहत कवर किया गया है।
उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशनों का विकास/उन्नयन जटिल स्वरूप का होता है जिसमें यात्रियों और रेलगाड़ियों की संरक्षा अंतर्ग्रस्त होती है और इसके लिए पेड़ों की कटाई, धरोहर, दमकल विभाग की स्वीकृति, विमानपत्तन संबंधी स्वीकृति इत्यादि जैसी विभिन्न सांविधिक स्वीकृतियों की आवश्यकता होती है। ये स्टेशन काफी समय से परिचालित हैं, इसलिए जनोपयोगी सेवाओं (जिनमें जल/सीवेज लाइन, ऑप्टिकल फाइबर केबल, गैस पाइप लाइन, पावर/सिगनल केबल इत्यादि शामिल हैं) अतिलंघनों को स्थानांतरित करने, यात्री संचलन को बाधित किए बिना रेलगाड़ियों के परिचालन, रेलपथ एवं उच्च वोल्टेज बिजली लाइनों के नजदीक किए जाने वाले कार्यों के कारण गति प्रतिबंध आदि जैसी ब्राउनफील्ड कार्य संबंधी चुनौतियां सामने आ रही हैं और ये कारक कार्य की प्रगति और कार्य के पूरा होने के समय को प्रभावित करते हैं।
श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सामान्यतः अमृत भारत स्टेशन योजना सहित अन्य योजनाओं के अंतर्गत रेलवे स्टेशनों के विकास/उन्नयन/आधुनिकीकरण का वित्तपोषण योजना शीर्ष-53 ‘ग्राहक सुविधाएँ’ के अंतर्गत किया जाता है। योजना शीर्ष-53 के अंतर्गत आबंटन और व्यय का ब्यौरा क्षेत्रीय रेल-वार रखा जाता है, न कि रेलवे स्टेशन-वार या राज्य-वार।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य पांच क्षेत्रीय रेलों अर्थात् पूर्व मध्य रेलवे, उत्तर मध्य रेलवे, उत्तर रेलवे, पूर्वोत्तर रेलवे और पश्चिम मध्य रेलवे के क्षेत्राधिकार में आता है। इन क्षेत्रीय रेलों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 4,118 करोड़ रुपए का आबंटन किया गया है, जिसमें से अब तक 1,256 करोड़ रुपए (जून, 2026 तक) का व्यय उपगत किया गया है।
केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी राज्यसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।








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