Home » liveup » योगी कैबिनेट का निर्णय:-मथुरा में छाता चीनी मिल में 3.96 करोड़ लीटर क्षमता का लगेगा एथेनॉल प्लांट

योगी कैबिनेट का निर्णय:-मथुरा में छाता चीनी मिल में 3.96 करोड़ लीटर क्षमता का लगेगा एथेनॉल प्लांट

योगी कैबिनेट का निर्णय:-मथुरा में छाता चीनी मिल में 3.96 करोड़ लीटर क्षमता का लगेगा एथेनॉल प्लांट

200 करोड़ से अधिक की लागत, गन्ने के बाद मक्का-धान से भी होगा उत्पादन, हजारों को मिलेगा रोजगार

लखनऊ, 15 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मथुरा की बंद छाता चीनी मिल में एथेनॉल प्लांट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने बताया कि 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाला यह एक्सटेंशन प्लांट साल में 11 महीने संचालित होगा।

योगी कैबिनेट का निर्णय:-मथुरा में छाता चीनी मिल में 3.96 करोड़ लीटर क्षमता का लगेगा एथेनॉल प्लांट

200 करोड़ से अधिक की लागत, गन्ने के बाद मक्का-धान से भी होगा उत्पादन, हजारों को मिलेगा रोजगार

लखनऊ, 15 सितंबर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मथुरा की बंद छाता चीनी मिल में एथेनॉल प्लांट स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। गन्ना विकास मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी ने बताया कि 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनने वाला यह एक्सटेंशन प्लांट साल में 11 महीने संचालित होगा।

उन्होंने बताया कि यह मिल 19 साल पहले बंद हो गई थी। समाजवादी पार्टी के सरकार के दौरान इसको एक रुपए का भुगतान नहीं किया गया। प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 3.96 करोड़ लीटर होगी। गन्ना पेराई का सीजन समाप्त होने के बाद मक्का और धान से भी एथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा।

छाता चीनी मिल की नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से करीब 40 मिनट की दूरी को भी परियोजना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां गोदाम और अन्य सुविधाएं विकसित करने की संभावनाएं हैं। परियोजना से क्षेत्र में हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि यह मिल 19 साल पहले बंद हो गई थी। समाजवादी पार्टी के सरकार के दौरान इसको एक रुपए का भुगतान नहीं किया गया। प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 3.96 करोड़ लीटर होगी। गन्ना पेराई का सीजन समाप्त होने के बाद मक्का और धान से भी एथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा।

छाता चीनी मिल की नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से करीब 40 मिनट की दूरी को भी परियोजना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां गोदाम और अन्य सुविधाएं विकसित करने की संभावनाएं हैं। परियोजना से क्षेत्र में हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।

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Author: Liveupweb

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