हिंदी हमारी आत्मा और पहचान : फ्लोरेंस स्कूल में हिंदी दिवस पर छात्रों ने बिखेरी प्रतिभा
दुल्हीपुर। दुल्हीपुर स्थित प्रतिष्ठित फ्लोरेंस स्कूल में शनिवार को हिंदी दिवस हर्षोल्लास और गौरव के साथ मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान पूरा विद्यालय परिसर हिंदीमय नजर आया। छात्र-छात्राओं ने भाषण, काव्य पाठ और वाद-विवाद प्रतियोगिता के माध्यम से हिंदी भाषा के महत्व और उसकी समृद्ध विरासत को रेखांकित किया। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से संदेश दिया कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि देश की संस्कृति, संस्कार और पहचान से जुड़ी भाषा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रबंध निदेशक ने कहा कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को भारत की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। इसी ऐतिहासिक दिन की स्मृति में प्रत्येक वर्ष हिंदी दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि हिंदी देश के करोड़ों लोगों के बीच संवाद का सशक्त माध्यम है। यह भाषा देश के विभिन्न क्षेत्रों और संस्कृतियों को एकता के सूत्र में जोड़ने का कार्य करती है।
उन्होंने कहा कि हिंदी केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, संस्कार, परंपरा और अपनी जड़ों से जुड़ने का माध्यम है। अंग्रेजी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में सहायक हो सकती है, लेकिन हिंदी व्यक्ति को अपनी पहचान और अपनी संस्कृति से जोड़ती है। उन्होंने विद्यार्थियों से हिंदी को सम्मान देने और दैनिक जीवन में शुद्ध हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
प्रबंध निदेशक ने कहा कि वर्तमान समय में जेन-जी पीढ़ी मोबाइल, यूट्यूब और इंस्टाग्राम जैसे डिजिटल माध्यमों से जुड़ी हुई है। इसके बावजूद डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हिंदी में बड़ी मात्रा में सामग्री तैयार की और देखी जा रही है। इससे यह स्पष्ट है कि हिंदी आधुनिक तकनीक और डिजिटल युग में भी लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही है।
उन्होंने कहा, “हम बच्चों को अंग्रेजी के साथ-साथ शुद्ध हिंदी बोलना, लिखना और सोचना भी सिखाते हैं, क्योंकि जो बच्चा अपनी मातृभाषा में नहीं सोच सकता, वह मौलिक विचारों को बेहतर ढंग से अभिव्यक्त नहीं कर सकता।”
इस अवसर पर आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता और काव्य पाठ में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। छात्र-छात्राओं ने हिंदी की उपयोगिता, वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता और भारतीय संस्कृति में उसके योगदान पर अपने विचार रखे। विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों को हिंदी के प्रति सम्मान और उसके अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया।








Users Today : 44
Users Yesterday : 78