नवरात्रि से पहले मिलावटखोरों पर बड़ा प्रहार, 1.04 करोड़ के खाद्य पदार्थ जब्त
लखनऊ में दो फर्मों से 13.59 टन घी सीज, एटा में 1500 किलो पनीर नष्ट; हापुड़ और एटा में मुकदमा दर्ज
कुट्टू-सिंघाड़े के आटे से लेकर घी और खाद्य तेल तक की जांच तेज, छोटे दुकानदारों को अनावश्यक परेशान न करने के निर्देश
लखनऊ, 9 अक्टूबर। नवरात्रि पर्व पर श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश में मिलावटखोरों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत प्रदेशभर में आठ और नौ अक्टूबर को व्यापक छापेमारी कर संदिग्ध खाद्य पदार्थों की बिक्री और भंडारण पर कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान करीब 1.04 करोड़ रुपये मूल्य के खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जबकि एटा में 1500 किलोग्राम पनीर नष्ट कराया गया। गंभीर अनियमितताएं मिलने पर हापुड़ और एटा में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से चलाए जा रहे अभियान में घी, मिल्क क्रीम, खाद्य तेल, वनस्पति और अन्य खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण तथा बिक्री प्रतिष्ठानों की जांच की गई। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में कुल 22,642 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई। त्योहार के दौरान व्रत में इस्तेमाल होने वाले कुट्टू और सिंघाड़े के आटे सहित अन्य फलाहारी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भी जांच अभियान चलाया जा रहा है।
वनस्पति और रिफाइंड तेल से तैयार हो रही थी मिल्क क्रीम
हापुड़ के लोदीपुर स्थित देव फ्रेश क्रीम प्रतिष्ठान पर जांच के दौरान गंभीर अनियमितता सामने आई। यहां वनस्पति और रिफाइंड तेल मिलाकर मिल्क क्रीम तैयार किए जाने का मामला पकड़ा गया। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके से आठ कुंतल क्रीम, 20 कुंतल रिफाइंड तेल और 10 कुंतल वनस्पति जब्त की। कुल 38 कुंतल यानी 3800 किलोग्राम खाद्य सामग्री सीज की गई। मामले में संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
एटा में 1500 किलो पनीर नष्ट, प्रोपराइटर पर एफआईआर
एटा स्थित सपना डेयरी पर कार्रवाई के दौरान टीम ने स्किम्ड मिल्क पाउडर, सोयाबीन दाल, रैनिपाल, रिफाइंड पामोलिन ऑयल, आरएम ऑयल और घी समेत विभिन्न खाद्य पदार्थ जब्त किए। मौके से सोयाबीन दाल पीसने की मशीन भी बरामद कर जब्त की गई।
जांच के दौरान 1500 किलोग्राम पनीर नष्ट कराया गया, जिसकी कीमत 3,97,500 रुपये बताई गई है। टीम ने पनीर, घी, मिल्क क्रीम, खाद्य तेल और अन्य सामग्रियों के कुल 10 नमूने संग्रहित किए। मामले में प्रतिष्ठान के प्रोपराइटर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
लखनऊ में 85 लाख से अधिक का घी जब्त
राजधानी लखनऊ में घी के कारोबार से जुड़े दो प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई। मैसर्स जैन देसी घी प्रतिष्ठान से गंदगी और मिथ्या छाप संबंधी अनियमितताओं के आधार पर 2548 किलोग्राम घी जब्त किया गया। इसकी कीमत करीब 17.53 लाख रुपये आंकी गई है। यहां से तीन नमूने भी लिए गए।
वहीं, श्यामलाल चुन्नीलाल फर्म से 11,040 किलोग्राम घी जब्त किया गया, जिसकी कीमत करीब 68.44 लाख रुपये बताई गई है। प्रतिष्ठान में स्वच्छता और हाइजीन की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर चार नमूने संग्रहित किए गए। दोनों प्रतिष्ठानों से कुल 13,588 किलोग्राम यानी करीब 13.59 टन घी जब्त किया गया, जिसकी कुल कीमत लगभग 85.97 लाख रुपये है।
जौनपुर में 11.85 क्विंटल खाद्य तेल सीज
जौनपुर में घी, पूजा घी और खाद्य तेल से जुड़े प्रतिष्ठान पर कार्रवाई के दौरान गलत लेबलिंग के आधार पर 1185 किलोग्राम खाद्य तेल जब्त किया गया। इसकी अनुमानित कीमत 2.10 लाख रुपये बताई गई है। टीम ने जांच के लिए चार नमूने भी लिए।
कानपुर में अस्वच्छ परिस्थितियों में रखी खाद्य सामग्री पकड़ी
कानपुर नगर के पुरशाना फूड प्रोडक्ट्स प्रतिष्ठान पर अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य सामग्री रखे जाने के मामले में कार्रवाई की गई। यहां से 780 लीटर खाद्य वसा, 150 किलोग्राम वनस्पति और 133 लीटर सोयाबीन तेल जब्त किया गया। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 2.88 लाख रुपये बताई गई है। टीम ने तीन नमूने भी लिए।
इसी तरह शताक्षी ट्रेडर्स प्रतिष्ठान से रिफाइंड ग्राउंडनट ऑयल की 2496 बोतलें जब्त की गईं। इनकी कीमत करीब 3.35 लाख रुपये आंकी गई है। औरैया में भी गलत लेबलिंग के आधार पर घी के 34 टिन सीज किए गए।
कुट्टू-सिंघाड़े के आटे पर भी विभाग की नजर
नवरात्रि में फलाहारी खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के मद्देनजर विभाग ने सभी जिलों में निगरानी तेज कर दी है। हाथरस और कासगंज में घी तथा पूजा घी के नाम पर बेचे जा रहे उत्पादों की जांच के लिए विशेष कार्रवाई की गई। साथ ही कुट्टू और सिंघाड़े के आटे समेत व्रत में इस्तेमाल होने वाले अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच की जा रही है।
मिलावटखोरों पर सख्ती, छोटे दुकानदारों को राहत
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त ने प्रवर्तन दलों को निर्देश दिया है कि कार्रवाई के नाम पर छोटे दुकानदारों और खुदरा विक्रेताओं का अनावश्यक उत्पीड़न न किया जाए। विभाग का जोर मिलावट करने वालों, मिथ्या छाप वाले खाद्य पदार्थों के निर्माताओं और गंभीर अनियमितताओं में शामिल प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई पर है।
- अधिकारियों को निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का उद्देश्य केवल छापेमारी तक सीमित नहीं है, बल्कि त्योहार के दौरान आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना और खाद्य कारोबार में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करना भी है।






Users Today : 13
Users Yesterday : 115