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कथा के अमृत रस में डूबा नौगढ़, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ अंतरराष्ट्रीय कथा वाचिका राघव प्रिया ओझा ने भक्ति, संस्कार और सत्कर्म का बताया महत्व भजनों और जयकारों से गूंजता रहा कथा पंडाल, भावविभोर होकर श्रद्धालुओं ने किया कथा का श्रवण संवाद सहयोगी, नौगढ़।


कथा के अमृत रस में डूबा नौगढ़, श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

अंतरराष्ट्रीय कथा वाचिका राघव प्रिया ओझा ने भक्ति, संस्कार और सत्कर्म का बताया महत्व

भजनों और जयकारों से गूंजता रहा कथा पंडाल, भावविभोर होकर श्रद्धालुओं ने किया कथा का श्रवण

संवाद सहयोगी, नौगढ़। क्षेत्र में चल रहे धार्मिक कथा आयोजन में श्रद्धा और भक्ति की अनुपम छटा देखने को मिल रही है। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल में पहुंच रहे हैं। मंगलवार को भी कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की खासी भीड़ रही। आकर्षक ढंग से सजाए गए व्यासपीठ पर विराजमान अंतरराष्ट्रीय कथा वाचिका परम पूज्या राघव प्रिया ओझा ने अपने भावपूर्ण अंदाज में कथा का रसपान कराया। कथा के बीच गूंजते भगवान के जयकारों और भजनों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

कथा वाचिका ने धर्म और अध्यात्म के विभिन्न प्रसंगों की व्याख्या करते हुए श्रद्धालुओं को जीवन में प्रेम, करुणा, सेवा और सदाचार अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि कथा का वास्तविक महत्व तभी है, जब उसके संदेश को मनुष्य अपने व्यवहार और जीवन में उतारे। भगवान की भक्ति व्यक्ति के भीतर सकारात्मक विचारों का संचार करने के साथ उसे सत्य और धर्म के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

उन्होंने पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन में संस्कारों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कहा कि परिवार बच्चों की पहली पाठशाला है और अच्छे संस्कार ही बेहतर समाज की नींव रखते हैं। माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान, जरूरतमंदों की सहायता तथा दूसरों के प्रति दया का भाव मनुष्य के व्यक्तित्व को श्रेष्ठ बनाता है। धार्मिक आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं को समझने का अवसर मिलता है।

भजनों पर भक्ति में लीन हुए श्रद्धालु

कथा के दौरान भजनों की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। कथा के भावपूर्ण प्रसंगों को सुन कई श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। समय-समय पर लगने वाले जयकारों से पूरा पंडाल गूंजता रहा। महिलाओं के साथ पुरुषों, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। श्रद्धालु शांत भाव से बैठकर कथा का श्रवण करते दिखाई दिए।

फूलों और झालरों से सजा व्यासपीठ बना आकर्षण

आयोजन के लिए कथा पंडाल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रंग-बिरंगे फूलों, झालरों और पर्दों से सजा व्यासपीठ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। कथा शुरू होने से पहले ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। कथा आगे बढ़ने के साथ पंडाल में भक्तों की संख्या भी बढ़ती गई। कथा समाप्त होने तक श्रद्धालु भक्ति भाव से पंडाल में डटे रहे।

कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने व्यासपीठ को नमन किया। आयोजन के दौरान पूरे परिसर में धार्मिक उल्लास का माहौल बना रहा।

फोटो परिचय: नौगढ़ में आयोजित धार्मिक कथा में व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को कथा का रसपान करातीं अंतरराष्ट्रीय कथा वाचिका परम पूज्या राघव प्रिया ओझा। पंडाल में मौजूद श्रद्धालु।

Varsha Kesari
Author: Varsha Kesari

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