भिक्षावृत्ति प्रतिषेध अधिनियम में संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी
कुष्ठ रोग से जुड़े प्रावधान हटेंगे, भेदभाव खत्म कर गरिमामय जीवन का अधिकार सुनिश्चित करने की पहल

लखनऊ, 10 मार्च। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश भिक्षावृत्ति प्रतिषेध अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के 7 मई 2025 के आदेश के अनुपालन में लिया गया है। प्रस्तावित संशोधन के तहत अधिनियम की धारा 21 से कुष्ठ रोग से संबंधित प्रावधानों को हटाया जा रहा है। साथ ही इन प्रावधानों को मेंटल हेल्थकेयर एक्ट 2017 के अनुरूप बनाया जाएगा, ताकि कानून आधुनिक स्वास्थ्य और मानवाधिकार मानकों के अनुरूप हो सके।
इस संशोधन से कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों के साथ होने वाले भेदभाव को समाप्त करने में मदद मिलेगी और उन्हें समाज में सम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर मिलेगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद प्रस्तावित उत्तर प्रदेश भिक्षावृत्ति प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक, 2026 को आगे की प्रक्रिया के लिए राज्य विधानमंडल में प्रस्तुत किया जाएगा।





Users Today : 10
Users Yesterday : 61