प्रत्येक गौ आश्रय स्थल स्थल पर भूसा बैंक बनाये तथा सभी गौ आश्रय स्थल में कम से कम 10 कुंतल भूसा की उपलब्धता हो-धर्मपाल सिंह
गौ आश्रय स्थल में पशुओं को प्रत्येक दशा में गर्मी के दुष्प्रभाव से बचाया जाए-पशुधन मंत्री
गौ आश्रय स्थलों में गोवंशों को स्वच्छ पानी, हरा चारा, साइलेज, भूसा आदि को समुचित मात्रा में उपलब्ध कराया जाए
पशुधन मंत्री ने हरे चारे के उत्पादन हेतु चारागाह/गोचर भूमि को कब्जा मुक्त करते हुए वहां हरा चारा बोने के निर्देश दिए
पशुधन मंत्री ने विभागीय अधिकारियों के साथ गौवंश संरक्षण, भूसा संग्रहण आदि प्रकरणों पर मंडलीय समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए

वाराणसी। प्रदेश के पशुधन, दुग्ध विकास एवं राजनैतिक पेंशन मंत्री धर्मपाल सिंह ने मंगलवार को जनपद भ्रमण के दौरान सर्किट हाउस सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ गौवंश संरक्षण, भूसा संग्रहण आदि प्रकरणों पर मंडलीय समीक्षा बैठक किया। उन्होंने भूसा टेंडर में सस्ते रेट पर भूसा क्रय करने के निर्देश दिए तथा गौ आश्रय स्थल स्थल पर भूसा बैंक बनाने पर विशेष जोर देते हुए प्रत्येक गौ आश्रय स्थल में कम से कम 10 कुंतल भूसा अवश्य रहने की हिदायत दी। गौ आश्रय स्थलों में भरण पोषण के लिए जारी धनराशि का दुरुपयोग न हो इसके लिए अधिकारियों को सख्त हिदायत दी।
पशुधन मंत्री ने राज्य वित्त आयोग की धनराशि के लिए खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि उसे गौ आश्रय स्थलों पर भी लगाया जाए। गौ आश्रय
स्थलों में ग्रीष्म ऋतु के दृष्टिगत लू से बचाव के उपाय किए जाएं, पशुओं के शेड पर पर्दे लगाए। उन पर जल का छिड़काव करने आदि के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुओं को प्रत्येक दशा में गर्मी के दुष्प्रभाव से बचाया जाए। गौ आश्रय स्थलों में गोवंशों को सदैव स्वच्छ पानी, हरा चारा, साइलेज, भूसा आदि को समुचित मात्रा में उपलब्ध कराया जाए। नस्ल सुधार के लिए कृत्रिम गर्भाधान पर फोकस किया जाए तथा सेक्स सॉर्टेड सीमेन जिसके द्वारा 90 प्रतिशत बछिया उत्पन्न होती है, का प्रचार प्रसार भी किया जाए, इसके द्वारा अच्छी नस्ल के बछड़े भी तैयार किए जाए। गौ आश्रय स्थलों में गोबर गैस के प्लांट, गोबर कास्ट बनाना, वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन आदि को बढ़ावा दिया जाए। गौ आश्रय स्थल हेतु शासन द्वारा सभी 6 विभागों यथा राजस्व, पुलिस, पशुधन, पंचायती राज, ग्राम्य विकास आदि के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए गोवंशों की दशा में सुधार लाने के निर्देश दिए। हरे चारे के उत्पादन हेतु चारागाह/गोचर भूमि को कब्जा मुक्त करते हुए वहां हरा चारा बोने के निर्देश दिए। बिना पशुपालन किये किसानों की आय दोगुनी करने में सफलता नहीं मिलेगी, इसलिए अधिक से अधिक किसानों को पशुपालन विभाग की लाभकारी योजनाओं से जोड़ा जाए तथा किसानों को पशुपालन से जोड़ने का कार्य किया जाए। समस्त नोडल जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों के निरीक्षण की संख्या बढ़ाई जाए तथा उनके द्वारा प्राप्त फीडबैक पर त्वरित कर रही कार्रवाई किया जाए। मंत्री धर्मपाल सिंह ने जनपद के उद्यमियों एवं व्यापारियों से भूसा दान के सम्बन्ध में चर्चा की तथा उनसे गौ आश्रय स्थलों के लिए अधिक से अधिक भूसा दान करने की अपील की।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह सहित अन्य लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।








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