“प्रत्येक घर तक पहुंचे जनगणना का संदेश — आइए, हम सभी स्व-जनगणना कर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनें”
जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि भारत के भविष्य का वैज्ञानिक एवं विकासात्मक आधार है। यह एक ऐसा राष्ट्रीय महाअभियान है, जिसके माध्यम से देश एवं प्रदेश की विकास नीतियों, संसाधनों के न्यायसंगत वितरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आधारभूत संरचना, सामाजिक सुरक्षा एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की दिशा निर्धारित होती है।
जनगणना-2027 के अंतर्गत जनपद वाराणसी में संचालित स्व-जनगणना (Self Enumeration) अभियान को व्यापक जनसहभागिता का स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। यह प्रसन्नता एवं गौरव का विषय है कि जनपद वाराणसी में अब तक लगभग 7000 परिवारों के मुखियाओं द्वारा स्वयं स्व-जनगणना पूर्ण की जा चुकी है।
जिलाधिकारी एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी वाराणसी श्री सत्येंद्र कुमार ने समस्त जनपदवासियों, कार्यालयाध्यक्षों, अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों, व्यापारी वर्ग, युवा वर्ग एवं जनप्रतिनिधियों से भावपूर्ण अपील करते हुए कहा है कि—
“जनगणना एक अति महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसमें सहभागी बनना हम सभी का सौभाग्य है। यह केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी का अवसर है। यदि हम सभी मिलकर इस पुनीत अभियान से जुड़ेंगे और प्रत्येक घर तक जनगणना का संदेश पहुंचाएंगे, तो जनपद वाराणसी पूरे उत्तर प्रदेश में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करेगा। यह हम सभी जनपदवासियों का सामूहिक दायित्व एवं साझा संकल्प है।”
उन्होंने कहा कि जनपद वाराणसी की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय पहचान सदैव अग्रणी रही है और जनगणना-2027 में भी वाराणसी को प्रदेश का आदर्श जनपद बनाने हेतु प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
विशेष रूप से अवगत कराया गया है कि स्व-जनगणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया दिनांक 07 मई 2026 से 21 मई 2026 तक संचालित की जा रही है। इस व्यवस्था के माध्यम से नागरिक स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपने परिवार का विवरण दर्ज कर सकते हैं, जिससे जनगणना प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी, त्वरित एवं त्रुटिरहित (Error Free) बन सकेगी।
नागरिक निर्धारित अवधि में जनगणना पोर्टल se.census.gov.in पर लॉग-इन कर स्वयं एवं अपने परिवार से संबंधित जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत एक स्व-जनगणना आईडी (Self Enumeration ID) प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा तथा घर आने वाले प्रगणक को उपलब्ध कराना होगा।
जिलाधिकारी वाराणसी ने कहा कि स्व-जनगणना केवल सुविधा नहीं, बल्कि “सही जानकारी — सही विकास” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जब नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करेंगे, तब आंकड़ों की शुद्धता, पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता और अधिक सुदृढ़ होगी।
जनपद में “प्रत्येक घर तक पहुंच” को लक्ष्य बनाकर व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अंतर्गत—
समस्त कार्यालयाध्यक्ष अपने विभागों में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करेंगे।
प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी स्वयं स्व-जनगणना कर अन्य लोगों को प्रेरित करेंगे।
ग्राम पंचायतों, वार्डों, मोहल्लों, बाजारों एवं संस्थानों में जागरूकता गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया, कार्यालयी समूहों एवं स्थानीय जनसंपर्क माध्यमों से अभियान को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा।

प्रत्येक अधिकारी/कर्मचारी कम से कम दस परिवारों तक स्व-जनगणना का संदेश पहुंचाने का संकल्प लेगा।
यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जनपद का कोई भी परिवार जनगणना प्रक्रिया से वंचित न रहे।
जिलाधिकारी ने प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, डिजिटल मीडिया एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से भी सक्रिय सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि जनजागरूकता ही इस राष्ट्रीय अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है।
उन्होंने कहा कि जनगणना-2027 केवल प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि “जनभागीदारी से जनविकास” का महाअभियान है। वाराणसी जनपद यदि सामूहिक संकल्प, सक्रिय सहभागिता एवं जागरूकता के साथ आगे बढ़ेगा, तो यह अभियान पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक आदर्श मॉडल सिद्ध होगा।
अंत में समस्त जनपदवासियों से अपील की गई कि वे स्वयं स्व-जनगणना करें, अपने परिवार, पड़ोसियों, परिचितों एवं समाज के अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें तथा विकसित, समावेशी एवं सशक्त भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करें।
“हमारी जनगणना — हमारा विकास”
“सही जनगणना — सशक्त भारत”
(डॉ० सदानन्द गुप्ता)
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व
जिला जनगणना अधिकारी, वाराणसी








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