पैमाइश के नाम पर 10 हजार घूस लेते कानूनगो रंगेहाथ गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम ने बिछाया था जाल
- सदर तहसील परिसर से हुई राजस्व निरीक्षक अशर्फीलाल की गिरफ्तारी
- महीनों से चक्कर काट रहे पीड़ित किसान ने एंटी करप्शन से की थी शिकायत
- धोती-कुर्ता और सफाईकर्मी के भेष में पहले से तैनात थे टीम के सदस्य
बस्ती 04जून :उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एंटी करप्शन (भ्रष्टाचार निवारण) की टीम ने बुधवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने जमीन की पैमाइश और पत्थरनसब करने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए कुसौरा सर्किल के राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) अशर्फीलाल को सदर तहसील परिसर से रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। कोतवाली पुलिस ने एंटी करप्शन टीम के प्रभारी की तहरीर पर आरोपी कानूनगो के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महीनों से परेशान था पीड़ित किसान
मिली जानकारी के अनुसार, कलवारी थाना क्षेत्र के सैफाबाद निवासी किसान आसमान सिंह की जमीन की पैमाइश होनी थी। इसके लिए उन्होंने धारा 24 के तहत न्यायालय में मुकदमा कर रखा था। कोर्ट का आदेश होने के बावजूद कुसौरा सर्किल के कानूनगो अशर्फीलाल पैमाइश करने और पत्थरनसब (सीमांकन) के लिए किसान को पिछले कई महीनों से दौड़ा रहे थे। बार-बार गुहार लगाने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो कानूनगो ने पैमाइश के बदले 10 हजार रुपये की घूस मांगी। कानूनगो की इस डिमांड से अजीज आकर पीड़ित किसान आसमान सिंह ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क कर अपनी आपबीती सुनाई।
लखनऊ मुख्यालय से मिली हरी झंडी, ऐसे बना ‘ट्रैप प्लान’
किसान की शिकायत मिलते ही एंटी करप्शन टीम तुरंत एक्टिव हो गई। टीम ने पहले मामले की प्रारंभिक जांच की, जिसमें शिकायत सही पाई गई। इसके बाद स्थानीय टीम ने लखनऊ मुख्यालय को बेसिक रिपोर्ट भेजकर आरोपी को रंगेहाथ पकड़ने (ट्रैप) की अनुमति मांगी।

डीएम से मांगे गए दो गवाह मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद एंटी करप्शन की टीम ने जिलाधिकारी (DM) को पूरे मामले से अवगत कराया और पारदर्शी कार्रवाई के लिए दो सरकारी प्रतिनिधियों (गवाहों) की मांग की। प्रतिनिधि मिलते ही बुधवार को टीम ने जाल बिछाया।
भेष बदलकर तैनात थी टीम, रिश्वत लेते ही दबोचा
बुधवार को योजना के मुताबिक, शिकायतकर्ता आसमान सिंह केमिकल लगे 10 हजार रुपये लेकर सदर तहसील परिसर स्थित पुराने कानूनगो कार्यालय भवन में पहुंचे। वहाँ कानूनगो अशर्फीलाल अपने कक्ष में मौजूद थे।
कानूनगो को भनक भी नहीं थी कि एंटी करप्शन टीम के सदस्य पहले से ही वहाँ कुर्ता-धोती पहनकर आम जनता और सफाईकर्मी के भेष में जाल बिछाए बैठे हैं। जैसे ही आसमान सिंह ने आरोपी कानूनगो को ₹10,000 की रकम थमाई, वैसे ही भेष बदलकर खड़े टीम के सदस्यों ने उन्हें चारों तरफ से दबोच लिया।
गाड़ी में बैठाकर ले गई टीम, मुकदमा दर्ज
अचानक हुई इस कार्रवाई से तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। एंटी करप्शन की टीम आरोपी कानूनगो को पकड़कर सीधे परिसर में खड़ी अपनी गाड़ी में बैठाकर कोतवाली ले गई। कोतवाली पुलिस ने एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक उदयप्रताप सिंह की तहरीर पर राजस्व निरीक्षक अशर्फीलाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत संगीन धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।








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