प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के 10 वर्ष पूर्ण होने पर जनपद में विशेष आयोजन
गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु समस्त स्वास्थ्य संस्थानों पर विशेष शिविर आयोजित
कुल 3987 गर्भवती महिलाओं की गई प्रसव पूर्व जांच

वाराणसी। गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच एवं सुरक्षित मातृत्व सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के सफल 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आज जनपद के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं शहरी स्वास्थ्य इकाइयों पर विशेष प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, आवश्यक परामर्श, प्रयोगशाला जांच एवं उच्च जोखिम गर्भावस्था (High Risk Pregnancy) की पहचान कर उचित प्रबंधन की व्यवस्था की गई।
कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में कुल 3987 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (ANC) की गई, जबकि 488 गर्भवती महिलाओं को उच्च जोखिम गर्भावस्था (HRP) के रूप में चिन्हित किया गया। चिन्हित उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष निगरानी, समयबद्ध उपचार एवं आवश्यकतानुसार रेफरल सेवाएं सुनिश्चित की गईं। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा उन्हें संतुलित आहार, नियमित प्रसव पूर्व जांच, संस्थागत प्रसव एवं नवजात शिशु देखभाल के संबंध में जागरूक किया गया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान ने पिछले 10 वर्षों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। अभियान के माध्यम से प्रत्येक माह की 1, 9, 16 एवं 24 तारीख को गर्भवती महिलाओं को विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय रहते पहचान एवं उपचार संभव हो पाता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व प्रत्येक महिला का अधिकार है और स्वास्थ्य विभाग इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि आज आयोजित विशेष अभियान में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त किया। उन्होंने जनपद की सभी गर्भवती महिलाओं से अपील की कि वे नियमित रूप से प्रसव पूर्व जांच कराएं तथा स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध निःशुल्क सेवाओं का लाभ उठाएं, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में और अधिक कमी लाई जा सके।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों, एएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके सतत प्रयासों से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सूचकांकों में निरंतर सुधार हो रहा है। अभियान के 10 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सभी स्वास्थ्य संस्थानों में गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व संबंधी जानकारी प्रदान की गई तथा सभी पात्र लाभार्थियों को नियमित जांच एवं संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया गया। उपमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ हरिश्चंद्र मौर्य के द्वारा इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं को फल का वितरण भी किया गया








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