संवरेगा शहर का बुनियादी ढांचा, चौराहों से लेकर कुंडों तक दिखेगी हेरिटेज झलक
-नगर निगम ने प्राचीन व ऐतिहासिक पहचान को अक्षुण्ण रखते हुए आधुनिक रूप देने के लिए खींचा 48.88 करोड़ का खाका
-सारनाथ में बनेगी विशाल आधुनिक स्वचालित (स्लाइडिंग/पजल) पार्किंग, मणिकर्णिका घाट के पास भी सुधरेगी व्यवस्था
-2.34 करोड़ से पिशाचमोचन कुंड पर श्रद्धालुओं के लिए जुटेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं, पितृपक्ष में नहीं होगी परेशानी
– मैदागिन से गिरजाघर मार्ग पर दिखेगी हेरिटेज लाइटिंग, वीआईपी रूट पर बनेंगे महाकाल स्तंभ पिलर्स

वाराणसी : नगर निगम ने शहर की प्राचीन और ऐतिहासिक पहचान को अक्षुण्ण रखते हुए इसे आधुनिक रूप देने के लिए 48.88 करोड़ रुपये की एक भव्य कार्ययोजना का खाका खींचा है। इसके तहत शहर के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों पर बुनियादी ढांचे को न केवल मजबूत किया जाएगा, बल्कि सार्वजनिक ढांचे को बनारस की पारंपरिक शैली में विकसित कर इसकी वैश्विक पहचान को नया विस्तार दिया जाएगा।
इस महायोजना के तहत शहर की सबसे बड़ी समस्या यानी यातायात और पार्किंग संकट पर सीधा प्रहार किया गया है। पर्यटकों के प्रमुख केंद्र सारनाथ में एक विशाल आधुनिक स्वचालित (स्लाइडिंग/पजल) पार्किंग स्थल का निर्माण कराया जाएगा, जो तकनीकी रूप से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को रफ्तार देगा। इसके साथ ही महाश्मशान मणिकर्णिका घाट के समीप भी अनियंत्रित भीड़भाड़ को थामने के लिए स्थानीय सब्जी मंडी को व्यवस्थित करने और एक समर्पित टू-व्हीलर पार्किंग बनाने की तैयारी है। धार्मिक आस्था के केंद्र पिशाचमोचन कुंड पर हर साल पितृ पक्ष, त्योहारों और विशेष पूजा-अर्चना के दौरान जुटने वाली भारी भीड़ को देखते हुए निगम यहां 2.34 करोड़ रुपये की लागत से शौचालय, शुद्ध पेयजल और ठहरने की उत्तम व्यवस्था करने जा रहा है।
स्मार्टनेस के साथ दिखेगी विरासत की अनूठी झलक
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि शहर के 15 प्रमुख चौराहों और तिराहों के सुंदरीकरण की शुरुआत मिंट हाउस और नदेसर तिराहे से हो चुकी है, जहां बनारस की प्राचीन वास्तुकला को दर्शाते हुए हेरिटेज स्टाइल ट्रैफिक बूथ और एक बड़ी प्राचीन शैली की घड़ी स्थापित की गई है। प्रथम चरण में 3.10 करोड़ रुपये की लागत से कचहरी, पुलिस लाइन, सुन्दरपुर और भिखारीपुर चौराहों का कायाकल्प किया जा चुका है। इतना ही नहीं, बाबतपुर एयरपोर्ट रोड से शहर की ओर आने वाले वीआईपी मार्गों को स्पिरिचुअल गेटवे के रूप में विकसित किया जाएगा। इस मार्ग पर 2.35 करोड़ रुपये की लागत से भव्य महाकाल स्तंभ पिलर्स राहगीरों का स्वागत करेंगे। वहीं मैदागिन चौराहा से गिरजाघर चौराहा वाया गोदौलिया मार्ग को 3.98 करोड़ रुपये से हेरिटेज लाइटिंग द्वारा दूधिया रोशनी में नहलाया जाएगा, जो रात के समय काशी की भव्यता में चार चांद लगाएगा।








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