काशी विश्वनाथ धाम से दशाश्वमेध घाट तक सुगम होगा श्रद्धालुओं का सफर, गंगा घाट पाथवे निर्माण कार्य शुरू

वाराणसी। काशी आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। काशी विश्वनाथ धाम से दशाश्वमेध घाट तक पहुंचने का सफर अब और आसान होने जा रहा है। प्रशासन ने गंगा घाट पाथवे (Pathway) के निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर से सीधे घाट तक सुरक्षित और सुगम मार्ग उपलब्ध होगा।
वाराणसी प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य काशी विश्वनाथ धाम और गंगा घाटों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करना है। हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन के बाद गंगा स्नान के लिए दशाश्वमेध घाट पहुंचते हैं, लेकिन भीड़ और संकरी गलियों के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नई पाथवे परियोजना के तहत श्रद्धालुओं को व्यवस्थित पैदल मार्ग उपलब्ध कराया जाएगा। इससे न केवल आवागमन आसान होगा बल्कि सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी। प्रशासन का दावा है कि परियोजना पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं का अनुभव पहले से कहीं बेहतर होगा।
अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा ताकि स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों को कम से कम असुविधा हो। परियोजना में आधुनिक सुविधाओं, प्रकाश व्यवस्था, सौंदर्यीकरण और सुरक्षा इंतजामों को भी शामिल किया गया है।
काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के निर्माण के बाद से वाराणसी में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। ऐसे में मंदिर और घाटों के बीच बेहतर संपर्क व्यवस्था की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस परियोजना से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और श्रद्धालुओं को विश्वनाथ धाम से गंगा घाट तक पहुंचने में लगने वाला समय भी कम होगा। प्रशासन को उम्मीद है कि यह परियोजना काशी के धार्मिक और पर्यटन विकास में एक और महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
गंगा घाट पाथवे परियोजना को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखा जा रहा है और लोग इसे काशी के बदलते स्वरूप का एक और बड़ा उदाहरण मान रहे हैं।







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