यूपी ने लगाई विकास की बड़ी छलांग: सीएम योगी
सीएम ने कहा- रिन्यूएबल एनर्जी के प्रस्ताव दें, मिलेगा भारी निवेश और लोगों को रोजगार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी मंडल में की लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा
झांसी मंडल के तीन जनपदों से ₹7,000 करोड़ की परियोजनाओं के प्रस्ताव प्रस्तुत

झांसी, 20 जून। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को आयुक्त सभागार में लोक निर्माण विभाग की बैठक ली। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा की तथा झांसी मंडल के जनप्रतिनिधियों से विकास संबंधी प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में झांसी, ललितपुर एवं जालौन जनपदों के जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की विकास आवश्यकताओं से संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की भौगोलिक, सामाजिक एवं विकासगत आवश्यकताओं की गहन जानकारी होती है। ऐसे में उनके सुझावों एवं प्रस्तावों को प्राथमिकता के आधार पर संकलित कर शासन को शीघ्र कार्ययोजना प्रेषित की जाए, जिससे आवश्यक स्वीकृतियां प्रदान कर समयबद्ध रूप से कार्य प्रारंभ कराया जा सके।
मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए कि लोक निर्माण विभाग की सड़कों को क्षति पहुंचाने वाले व्यक्तियों अथवा संस्थाओं से नियमानुसार क्षतिपूर्ति की वसूली की जाए और उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित हो। सड़कों की गुणवत्ता एवं उपयोगिता बनाए रखने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति देने तथा उन्हें समयबद्ध ढंग से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, राज्य राजमार्गों, दीर्घ एवं लघु सेतु, आरओबी, आरयूबी, धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों, फ्लाईओवरों तथा सड़क सुरक्षा से संबंधित प्रस्तावों पर जनप्रतिनिधियों द्वारा निर्धारित वरीयता क्रम के अनुसार त्वरित कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सभी बिंदुओं पर समयबद्ध, समन्वित एवं पारदर्शी कार्रवाई हो। विकास परियोजनाओं के भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रमों में संबंधित जनप्रतिनिधियों की सहभागिता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की देरी अथवा शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। प्रत्येक परियोजना को उच्च गुणवत्ता के साथ समय सीमा के भीतर पूर्ण किया जाए।
प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “विकास की पहली शर्त भूमि (लैंड) है और बुंदेलखंड में लैंड बैंक काफी अच्छा है।” उन्होंने सुझाव दिया कि क्षेत्र में ऊर्जा (विशेषकर रिन्यूएबल एनर्जी) के प्रस्ताव तैयार किए जाएं। जहां सुरक्षा का माहौल अच्छा होता है, वहां निवेश स्वतः आता है और इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं। उत्तर प्रदेश ने विकास के मामले में एक बड़ी छलांग लगाई है।
बैठक में प्रमुख सचिव (लोक निर्माण विभाग) अजय कुमार ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि मंडल से कुल 7,000 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं के प्रस्ताव मिले हैं। इनमें अकेले झांसी जिले के 3,774.34 करोड़ रुपये के 450 प्रस्ताव सम्मिलित हैं।
मुख्यमंत्री ने गत वित्तीय वर्ष में स्वीकृत परियोजनाओं की भी समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि पिछले वर्ष झांसी मंडल में 2,400 करोड़ रुपये की लागत की 1,500 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई थी, जिनमें से 940 परियोजनाएं पूर्ण की जा चुकी हैं तथा शेष पर कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं में निविदा (टेंडर) प्रक्रिया पूर्ण होने के बावजूद कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, उन मामलों में संबंधित फर्मों को चिह्नित कर सख्त कार्रवाई की जाए।
इस अवसर पर बैठक में सांसद अनुराग शर्मा, राज्यमंत्री मनोहर लाल पंत उर्फ मन्नू कोरी, मेयर बिहारी लाल आर्य, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम, सदर विधायक रवि शर्मा, बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा, विधायक डॉ. रश्मि आर्य, गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत, ललितपुर विधायक रामरतन कुशवाहा, माधोगढ़ विधायक मूलचन्द्र, उरई विधायक गौरीशंकर वर्मा, विधान परिषद सदस्य बाबूलाल तिवारी, रामतीर्थ सिंघल व रमा निरंजन, गौ सेवा संस्थान के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप पटेल तथा महानगर अध्यक्ष सुधीर सिंह सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।








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