उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग-2026 का आयोजन बुधवार को बेंगलुरु में
निवेशकों को यूपी में आमंत्रित करेगा इन्वेस्टर रोडशो, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे अध्यक्षता
यूपी के विकास, उद्योग समर्थित वातावरण तथा विभिन्न सेक्टर्स में निवेश की अपार संभावनाओं पर होगी चर्चा
देश के कई दिग्गज उद्योगपति शामिल होंगे इन्वेस्टर रोडशो में

लखनऊ, 23 जून। योगी सरकार उत्तर प्रदेश को निवेशकों की पहली पसंद बनाने की दिशा में लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में बुधवार 24 जून को बेंगलुरु में ‘उत्तर प्रदेश ग्लोबल ग्रोथ डायलॉग 2026’ के तहत इन्वेस्टर्स रोडशो का आयोजन किया जा रहा है। रोडशो की अध्यक्षता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इस आयोजन में देश के कई दिग्गज उद्योगपति भी शामिल होंगे।
इस आयोजन में इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी एंड आईटी इनेबल्ड सर्विसेज, ग्लोबल कैपैसिटी सेंटर्स व एफडीआई पर आधारित तीन सत्र होंगे। इन सत्रों में संबंधित क्षेत्रों के दिग्गज उद्यमी अपने विचार प्रकट करेंगे। इस दौरान उत्तर प्रदेश में निवेश और व्यापार के अवसरों पर एक लघु फिल्म की स्क्रीनिंग भी होगी।
रोडशो का उद्देश्य सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले बेंगलुरु में निवेशकों व उद्योगपतियों के सामने उत्तर प्रदेश की विकास गाथा, निवेश अनुकूल नीतियों तथा विभिन्न सेक्टर्स में उभरते अपार व्यावसायिक अवसरों को प्रस्तुत करना है। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, सेक्टोरल पॉलिसीज, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर पार्क, इलेक्ट्रिक व्हीकल व मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर आदि में यूपी की प्रगति से अवगत कराते हुए निवेशकों को आमंत्रित किया जाएगा। गौरतलब है कि सिंगल विंडो सिस्टम, विशाल भूमि बैंक, स्किल्ड मैनपावर और इन्सेंटिव पॉलिसी के चलते गत 9 वर्षो में यूपी निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बनकर उभरा है।
मौत पर राजनीति न करें अखिलेश, अलीगंज की घटना उनके कुकृत्यों का नतीजा : ब्रजेश पाठक
– डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव को दी मौत पर सियासत न करने की सलाह
– कहा- 15 लोगों की जान गई और अखिलेश एसी कमरे में बैठकर कर रहे राजनीति
– प्लॉट आवंटन से लेकर बिल्डिंग निर्माण और नक्शा पास कराने में शामिल रही अखिलेश की मशीनरी
– सील होने के बावजूद आखिर किस दबाव में अखिलेश सरकार ने ध्वस्तीकरण का आदेश रद करने का काम किया
– सीएम योगी हर पल ले रहे घटना पर अपडेट, चार अफसर हो चुके हैं सस्पेंड, एसआईटी जांच में दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
लखनऊ। अलीगंज अग्निकांड पर विपक्ष द्वारा राजनीति किए जाने पर यूपी के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने तीखा हमला बोला। उन्होंने अखिलेश यादव को निशाने पर लेते हुए कहा है कि यह हादसा आपकी सरकार के कुकृत्यों का नमूना है। उन्होंने कहा कि इस हृदयविदारक घटना में 15 लोगों की जान गई है और आप एसी कमरे में बैठकर राजनीति कर रहे हैं।
ब्रजेश पाठक ने अलीगंज अग्निकांड को अखिलेश सरकार के भ्रष्टाचार का नमूना बताते हुए कहा कि प्लॉट आवंटन से लेकर इस अवैध बिल्डिंग का निर्माण का कार्य आपकी ही सरकार के दौरान हुआ था। आपने इसे सील करके सील खोलने का काम किया था। ध्वस्तीकरण के आदेश को रद करने का काम किया था। ये दर्दनाक घटना आप के ही सरकार के कुकृत्यों का यह नतीजा है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने सारे कार्यक्रम रद करके स्वयं तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। पीड़ित परिवारों से मिले और उन्हें न्याय दिलाने के लिए रात में ही कार्रवाई शुरू कर दी गई। चार अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। जितने भी लोग इस घटना में जवाबदेह पाए जाएंगे सभी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री जी ने एसआईटी का गठन भी कर दिया है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि जिन लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों को खोया है, उनके दर्द को समझते हुए सरकार हर संभव मदद और न्याय सुनिश्चित करेगी।
बॉक्स
अखिलेश सरकार में कैसे मिली भवन निर्माण की इजाजत?
अखिलेश सरकार के भ्रष्टाचार वाले इकोसिस्टम ने पूरे प्रदेश में ऐसी खतरनाक इमारतों को बनाने का रास्ता खोल दिया, जो आज लोगों की जान ले रही हैं। ये भवन 1980 में लॉटरी से आवंटित तो हुआ था, लेकिन असली खेल अखिलेश यादव के राज में हुआ।
20 अगस्त 2014 को अखिलेश सरकार ने 1992 वर्गफुट का आवासीय नक्शा पास कर दिया। 2016 में अवैध निर्माण का मुकदमा दर्ज हुआ, 10 मई 2016 को ध्वस्तीकरण का आदेश भी आ गया। लेकिन मात्र 2 महीने बाद, 5 जुलाई 2016 को अखिलेश सरकार ने ध्वस्तीकरण का आदेश रद्द कर दिया। आखिर क्यों और किसके दबाव में?
सैटेलाइट तस्वीरें भी सब कुछ बेनकाब करती हैं। दिसंबर 2015 में प्लॉट बिल्कुल खाली था, मगर फरवरी 2016 में निर्माण शुरू हुआ और जून 2016 तक इमारत बनकर तैयार हो गई। यानी नियम-कानून को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से नक्शा पास कराया गया, निर्माण कराया गया और सब अखिलेश सरकार की नाक के नीचे चलता रहा। क्या अखिलेश के समय किसी अधिकारी पर कार्रवाई हुई? क्या कोई जवाबदेही तय हुई? बिल्कुल नहीं! ये अग्निकांड अखिलेश यादव सरकार की भ्रष्टाचार और लापरवाही का जीता-जागता सबूत है।
[8:16 PM, 6/23/2026] +91 99997 88076: विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार सख्त, अवैध कोचिंग संस्थानों के खिलाफ पूरे प्रदेश में जारी रहेगा विशेष अभियान
सभी जिलाधिकारियों को लगातार सर्वे और कार्रवाई के निर्देश, पंजीकृत कोचिंग संस्थानों का भी हो रहा सुरक्षा ऑडिट
सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण को लेकर नहीं किया जाएगा कोई समझौता
किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगाः उच्च शिक्षा मंत्री
लखनऊ, 23 जून । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक वातावरण देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में प्रदेशभर में संचालित कोचिंग संस्थानों के विनियमन को प्रभावी बनाने तथा अवैध रूप से चल रहे कोचिंग सेंटरों के विरुद्ध विशेष अभियान तेजी के साथ चलाया जा रहा है।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि सभी जिलाधिकारियों को निर्देश है कि वे अपने जनपदों में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों का व्यापक सर्वेक्षण कर सूची तैयार करें। जो संस्थान उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम, 2002 के अंतर्गत पंजीकृत नहीं हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। पंजीकृत संस्थानों का भी सुरक्षा मानकों के अनुरूप निरीक्षण कराया जा रहा है। इसमें भवन व्यवस्था, अग्निशमन, विद्युत सुरक्षा तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच शामिल है। किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उच्च शिक्षा मंत्री उपाध्याय ने कहा कि योगी सरकार शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित सर्वोपरि हैं। सभी संबंधित विभागों के समन्वय से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रदेश में संचालित प्रत्येक कोचिंग संस्थान निर्धारित मानकों का पालन करे।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सुरक्षित, व्यवस्थित और विश्वसनीय शैक्षिक वातावरण तैयार किया जा रहा है। शासन की प्राथमिकता है कि प्रत्येक विद्यार्थी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित शिक्षण वातावरण मिले और कोचिंग संस्थानों में निर्धारित मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित हो।
इस संबंध में विशेष सचिव उच्च शिक्षा निधि श्रीवास्तव द्वारा पत्र भी जारी किया गया। अब जिलाधिकारियों द्वारा अपने जनपदों में अभियान चलाकर बिना पंजीकरण संचालित संस्थानों की पहचान और अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के साथ ही पंजीकृत संस्थानों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण भी कराया जा रहा है।








Users Today : 38
Users Yesterday : 46