आईसीएआर के 98वें स्थापना दिवस पर आईआईवीआर में उत्साहपूर्ण आयोजन
नई दिल्ली में कृषि मंत्री की उपस्थिति में 6 निजी कंपनियों के साथ 12 अनुबंध (एमओयू)
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में वृक्षारोपण, सजीव प्रसारण एवं किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

वाराणसी, 16 जुलाई। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के 98वें स्थापना दिवस के अवसर पर, सब्जी अनुसंधान एवं विकास के अधिदेश के साथ कार्यरत परिषद के अग्रणी संस्थान भा.कृ.अनु.प.–भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आई.आई.वी.आर.), वाराणसी में आज विविध कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। देशभर में फैले परिषद के 110 से अधिक अनुसंधान संस्थानों में एक प्रमुख संस्थान के रूप में आई.आई.वी.आर. ने इस गौरवशाली अवसर को उत्साह एवं समर्पण के साथ मनाया।
आइआइवीआर में कार्यक्रम का शुभारम्भ वृक्षारोपण कार्यक्रम से हुआ, जिसमें कार्यवाहक निदेशक डॉ. अनन्त बहादुर के नेतृत्व में संस्थान के वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों की टीम ने संस्थान के फार्म क्षेत्र एवं परिसर में 200 से अधिक वृक्ष पौधों का रोपण किया। इन पौधों को इस संकल्प के साथ रोपा गया कि ये आईसीएआर एवं इसके संस्थानों के साथ बढ़ते हुए अन्नदाता किसान एवं राष्ट्र की सेवा में सहभागी बनें।
इस अवसर पर नई दिल्ली स्थित एनएएएस काम्प्लेक्स में मुख्य समारोह आयोजित किया गया जिसके सजीव प्रसारण में आईसीएआर के विभिन्न संस्थानों के वैज्ञानिकों एवं अधिकारीयों ने भाग लिया. इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार नई दिल्ली स्थित नास (NAAS) परिसर में आयोजित आईसीएआर स्थापना दिवस के मुख्य सजीव कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। यह गरिमामय समारोह माननीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ, जिसमें विभिन्न सम्बद्ध विभागों के माननीय राज्य मंत्रीगण भी उपस्थित रहे। सचिव (डेयर) एवं महानिदेशक (आईसीएआर) डॉ. एम.एल. जाट ने विगत वर्षों में परिषद की विकास-यात्रा एवं उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण किया। नई दिल्ली से प्रसारित इस सजीव कार्यक्रम को संस्थान में सभी वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से देखा तथा परिषद की उपलब्धियों को गर्व के साथ आत्मसात किया।
आइआइवीआर के लिए गर्व का क्षण है कि इस अवसर पर देश की 6 बीज उत्पादक कंपनियों के साथ सब्जी बीज उत्पादन एवं विपणन हेतु कुल 12 समझौते किये गए. संस्थान के लिए यह अत्यंत गौरव का क्षण रहा कि आईसीएआर के 98वें स्थापना दिवस के अवसर पर, कृषि मंत्री एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में भा.कृ.अनु.प.–भा.स.अ.सं., वाराणसी ने अपनी सब्जी किस्मों/संकरों के व्यावसायीकरण हेतु 6 निजी कंपनियों के साथ कुल 12 समझौता-ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर संस्थान की ओर से निदेशक डॉ. राजेश कुमार, उप महानिदेशक डॉ. संजय कुमार सिंह एवं आई.टी.एम.यू. सदस्य-सचिव डॉ. इंदिवर प्रसाद उपस्थित रहे। व्यावसायीकरण हेतु चयनित संस्थान की किस्मों एवं संकर प्रजातियों में संकर मिर्च — काशी रत्ना एवं काशी गरिमा; संकर टमाटर — काशी अभिमान; मटर किस्म — काशी अगेती एवं काशी पूर्वी; भिंडी किस्म — काशी सहिष्णु एवं काशी उत्कर्ष; करमुआ (वाटर स्पिनैच) किस्म — काशी मनु; लोबिया किस्म — काशी निधि एवं मूली किस्म — काशी आर्द्रा शामिल हैं. आज जिन कंपनियों के साथ समझौता-ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए, उनमें से डीसीएम श्रीराम लिमिटेड, गुरुग्राम, हरियाणा, फतेह सीड्स, बलिया, उत्तर प्रदेश, बी.एल. सीड्स, जालौन, उत्तर प्रदेश, एस.आर.जी.पी. एग्री प्राइवेट लिमिटेड, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश, अशोका एगटेक प्राइवेट लिमिटेड, बेगूसराय, बिहार एवं अनन्या सीड प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्ली प्रमुख हैं. संस्थान के निदेशक डॉ राजेश कुमार ने आशा व्यक्त की है कि इन व्यावसायिक अनुबंधों से संस्थान द्वारा विकसित उन्नत सब्जी किस्मों एवं संकरों के गुणवत्तापूर्ण बीज व्यापक स्तर पर किसानों तक पहुँच सकेंगे, जिससे सब्जी उत्पादकता एवं किसानों की आय में वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
इस अवसर पर एक किसान प्रशिक्षण एवं कृषि इनपुट वितरण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया. अपराह्न में, स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में प्रधान वैज्ञानिक डॉ. नीरज सिंह एवं डॉ. सुदर्शन मौर्य के संयोजन में एक किसान प्रशिक्षण-सह-निवेश वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 75 से अधिक किसानों ने भाग लिया। इस अवसर पर किसानों को विभिन्न सब्जी बीज पैकेट के साथ-साथ जैविक एवं सूक्ष्मजीवीय निवेश (बायोलॉजिकल एवं माइक्रोबियल इनपुट) का वितरण किया गया, ताकि वे टिकाऊ एवं लाभकारी सब्जी उत्पादन को अपना सकें। स्थापना दिवस कार्यक्रम का समापन किसान-हित के संकल्प के साथ किया गया. संस्थान परिवार ने इस अवसर पर परिषद की गौरवशाली यात्रा को नमन करते हुए अन्नदाता किसान एवं राष्ट्र की सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया। संस्थान द्वारा विकसित ‘काशी’ श्रृंखला की उन्नत किस्में एवं संकर बीज देश के किसानों की समृद्धि और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सतत योगदान देते रहेंगे।
जारीकर्ता : डॉ डी. पी. सिंह, अध्यक्ष, मीडिया प्रकोष्ठ, भा.कृ.अनु.प.–भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी








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