जब AIIMS ने जवाब दे दिया, तब वाराणसी के डॉ. पंकज सिंह ने दी नई जिंदगी: अंतिम स्टेज के मुंह के कैंसर की सफल सर्जरी, मरीज स्वस्थ होकर घर लौटी
पिनाक कैंसर केयर हॉस्पिटल, वाराणसी में वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. पंकज सिंह के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने किया जटिल ऑपरेशन, दो महीने के इलाज के बाद मरीज को मिली नई जिंदगी
वाराणसी, 25 जुलाई।
अखरी बाईपास स्थित पिनाक कैंसर केयर हॉस्पिटल में वरिष्ठ कैंसर सर्जन डॉ. पंकज सिंह और उनकी विशेषज्ञ टीम ने अंतिम स्टेज के मुंह के कैंसर से पीड़ित बिहार के कटिहार निवासी निक्की ओझा का सफल सर्जरी कर उन्हें नई जिंदगी दी है। शनिवार को मरीज को पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
अस्पताल में आयोजित पत्रकार वार्ता में डॉ. पंकज सिंह ने बताया कि निक्की ओझा पिछले लगभग दो वर्षों से मुंह के कैंसर से पीड़ित थीं। उनका इलाज कई स्थानों पर कराया गया, यहां तक कि दिल्ली स्थित एम्स में भी इलाज कराया गया, जहां उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए परिवार को बेहद कम जीवन-समय की आशंका जताई गई थी।
मरीज के पति रतन ओझा ने बताया कि सभी जगह से निराश होने के बाद वे अपनी पत्नी को लेकर काशी पहुंचे। उन्होंने कहा कि काशी मोक्ष की नगरी है, इसलिए अंतिम उम्मीद लेकर पिनाक कैंसर केयर हॉस्पिटल में भर्ती कराया। अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉ. पंकज सिंह के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने गहन जांच और उपचार शुरू किया तथा 2 जून 2026 को जटिल कैंसर सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की।
सर्जरी के बाद लगातार उपचार, निगरानी और पुनर्वास के चलते मरीज के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ। उपचार के बाद 25 जुलाई 2026 को उन्हें स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
पत्रकार वार्ता में डॉ. पंकज सिंह ने कहा कि इस प्रकार के अंतिम स्टेज के मामलों में मरीज के जीवित रहने की संभावना अत्यंत कम होती है। यह सफलता पूरी चिकित्सकीय टीम के समर्पण, आधुनिक उपचार पद्धति और ईश्वर की कृपा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि ऐसे मरीज, जिन्होंने अपनी उम्मीद छोड़ दी है, वे भी समय रहते सही विशेषज्ञ कैंसर सर्जन से परामर्श लें। सही समय पर उपचार से गंभीर से गंभीर कैंसर का भी सफल इलाज संभव है।
इस सफल उपचार में डॉ. पंकज सिंह के साथ डॉ. मिथलेश, प्लास्टिक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. अग्रहरि, डॉ. करिश्मा, डॉ. मोहित तथा एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. आदित्य सहित पूरी चिकित्सकीय टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अस्पताल प्रबंधन ने इस सफलता को टीमवर्क, आधुनिक चिकित्सा और मरीज के दृढ़ विश्वास का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।








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