वित्त मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने वाराणसी में विकास कार्यों, जनसुविधाओं एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी
निरीक्षण, समीक्षा बैठकों और जनसुनवाई के माध्यम से अधिकारियों को दिए समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशील कार्यशैली के निर्देश

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के माननीय वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना ने शनिवार को अपने एक दिवसीय वाराणसी प्रवास के दौरान विकास कार्यों, जनसुविधाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा संगठनात्मक गतिविधियों की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की प्राथमिकता आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है तथा प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि सरकार की योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
प्रातः 7 बजे रामनगर पहुंचने पर वित्त मंत्री ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके उपरांत उन्होंने एक मलिन बस्ती एवं बैंक ऑफ बड़ौदा के समीप स्थित गलियों का स्थलीय निरीक्षण कर स्वच्छता, पेयजल, जलनिकासी, सड़क, प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय नागरिकों से संवाद करते हुए उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उनका लाभ आम नागरिक को प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देना चाहिए। निरीक्षण कार्यक्रम के संयोजक श्री सृजन श्रीवास्तव रहे।
इसके पश्चात सर्किट हाउस में वित्त विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने विभागीय कार्यों एवं वित्तीय प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें तथा कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता बनाए रखें। बैठक में कैंट विधायक श्री सौरभ श्रीवास्तव एवं अजगरा विधायक श्री त्रिभुवन राम भी उपस्थित रहे।
इसके बाद वित्त मंत्री महापौर श्री अशोक तिवारी के आवास पर आयोजित भारतीय जनता पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में शामिल हुए। बैठक में मंत्री श्री रविन्द्र जायसवाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष श्री अशोक चौरसिया, महानगर अध्यक्ष श्री प्रदीप अग्रहरि, जिला अध्यक्ष श्री राम सकल पटेल, विधायक श्री सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. नीलकंठ तिवारी, श्री अवधेश सिंह, श्री त्रिभुवन राम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्य, सेवापुरी विधायक प्रतिनिधि श्रीमती अदिति पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
संसदीय जनसंपर्क कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान वित्त मंत्री ने बड़ी संख्या में आए लोगों की समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष, संवेदनशील एवं त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं बल्कि जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही का सशक्त माध्यम है। इस अवसर पर कैंट विधायक श्री सौरभ श्रीवास्तव, महापौर श्री अशोक तिवारी, सेवापुरी विधायक प्रतिनिधि श्रीमती अदिति पटेल तथा संसदीय जनसंपर्क कार्यालय प्रभारी श्री शिवशरण पाठक उपस्थित रहे।
इसके उपरांत वित्त मंत्री ने संत रविदास जन्मस्थली पर निर्माणाधीन म्यूजियम एवं सभा स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति एवं समयसीमा की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य निर्धारित समय में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। निरीक्षण के दौरान कैंट विधायक श्री सौरभ श्रीवास्तव, रोहनिया विधायक श्री सुनील पटेल, अजगरा विधायक श्री त्रिभुवन राम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अपने प्रवास के अंतिम चरण में वित्त मंत्री काशी विद्यापीठ ब्लॉक पहुंचे, जहां आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता करने के साथ ही विकास योजनाओं एवं विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक योजना की नियमित मॉनिटरिंग की जाए, पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभ उपलब्ध कराया जाए तथा विकास कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में कैंट विधायक श्री सौरभ श्रीवास्तव, रोहनिया विधायक श्री सुनील पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्य, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि श्री प्रवेश पटेल, श्री अरुण सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में वित्त मंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ है—जनता की समस्याओं का समय पर समाधान, विकास कार्यों की गुणवत्ता और शासन की योजनाओं का अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी क्रियान्वयन। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे पूरी संवेदनशीलता, ईमानदारी एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें, ताकि प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।








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