आईआईवीआर में एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत किसानों को वितरण किए गए ग्राफ्टेड बैंगन के पौधे
राजातालाब।भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान शाहंशाहपुर द्वारा निक्रा परियोजना एवं एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत वाराणसी जनपद के किसानों को वितरण किए गए ग्राफ्टेड बैंगन का पौध, जिसका उद्देश्य सब्जी उत्पादन में नवीन तकनीकों को बढ़ावा देना एवं किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करना है। संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि ग्राफ्टिंग तकनीक से सब्जी फसलों की उत्पादन क्षमता एवं गुणवत्ता में वृद्धि होती है। साथ ही यह मृदा जनित रोगों एवं प्रतिकूल परिस्थितियों से फसलों की सुरक्षा प्रदान करती है, जिससे कीटनाशकों के उपयोग एवं उत्पादन लागत में कमी आती है और किसानों को अधिक लाभ प्राप्त होता है। इस अवसर पर सब्जी उत्पादन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अनंत बहादुर ने कहा कि ग्राफ्टिंग तकनीक सब्जी उत्पादन में उद्यमिता और स्वरोजगार की नई संभावनाएँ उत्पन्न कर रही है। उन्होंने बताया कि यह तकनीक विशेष रूप से टमाटर, बैंगन तथा सोलानेसी कुल की अन्य सब्जी फसलों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. जागेश तिवारी ने किसानों से इस तकनीक को बड़े स्तर पर अपनाने तथा इसे गाँव-गाँव तक पहुँचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्राफ्टिंग तकनीक कृषि को अधिक टिकाऊ एवं लाभकारी बनाने के साथ-साथ आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। कार्यक्रम के दौरान शोधकर्ता अनीष कुमार सिंह ने किसानों को ग्राफ्टिंग तकनीक की वैज्ञानिक विधि, ग्राफ्टेड पौधों की देखभाल, रोपण प्रबंधन तथा व्यावसायिक उत्पादन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान कीं।






Users Today : 2
Users Yesterday : 18