आचार्य त्रिवेणी प्रसाद शुक्ल के पिताजी का निधन, मणिकर्णिका घाट पर हुआ अंतिम संस्कार !
भदोही/वाराणसी: काशी के सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. त्रिवेणी प्रसाद शुक्ल के पूज्य पिता श्री उमाशंकर शुक्ल जी का 95 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने 30 जुलाई 2026 को मिडवे हॉस्पिटल वाराणसी में अंतिम सांस ली। सादा जीवन उच्च विचार के साक्षात प्रतीक रहे श्री शुक्ला अपने अंतिम समय तक पूरी तरह स्वस्थ और सक्रिय थे। आज के दौर में भी उन्हें बीपी, शुगर या घुटनों के दर्द जैसी कोई बीमारी नहीं थी। वे अपने सभी नित्य कर्म स्वयं करते थे और उनकी देखने व सुनने की क्षमता भी पूरी तरह ठीक थी।
वे जीवनभर कृषि कार्य के साथ-साथ सामाजिक और धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे। अंतिम दिनों में केवल चार दिन अस्वस्थ रहने के बाद पांचवें दिन उनका प्राणांत हुआ। निधन के पश्चात उनके पार्थिव शरीर को उनके गृह जनपद भदोही लाया गया, जहां सैकड़ों ग्रामीणों ने अश्रुपूर्ण आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। उसी दिन रात्रि 11:00 बजे काशी के पवित्र मणिकर्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।

वे अपने पीछे एक भरा-पूरा और प्रतिष्ठित परिवार छोड़ गए हैं। उनके चार पुत्र हैं— बड़े पुत्र दिव्यदर्शन ट्रस्ट के संस्थापक/प्रबंध ट्रस्टी व सुप्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आचार्य त्रिवेणी प्रसाद शुक्ला हैं, द्वितीय पुत्र जगदंबा प्रसाद शुक्ल पूर्व ग्राम प्रधान हैं, तृतीय पुत्र कड़ेदिन शुक्ला व्यवसायी हैं और चतुर्थ पुत्र नागेश शुक्ला बैंकर हैं। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है।







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