गोरक्षपीठ में सीएम योगी ने मनाया गोपाल का प्राकट्योत्सव
मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में विधि विधान से की पूजा-अर्चना, प्राकट्य के बाद प्रभु श्रीकृष्ण के लड्डू गोपाल स्वरूप को पालने में झुलाया
महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में बाल गोपाल को दुलारकर भजनों का भी आनंद उठाया गोरक्षपीठाधीश्वर ने
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा से लेकर गोरखपुर तक, योगेश्वर की साधना में रमे रहे गोरक्षपीठाधीश्वर

गोरखपुर, 4 सितंबर। भक्ति, प्रेम व धर्म के शाश्वत आलोक, गोपाल, जगतपाल, पूर्ण परब्रह्म, भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्योत्सव का पवित्र पर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी शिवावतार महायोगी गोरखनाथ की साधनास्थली गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक श्रद्धा, भव्यता एवं हर्षोल्लास से मनाया गया। गोरक्षपीठ के इस पारंपरिक कार्यक्रम का नेतृत्व करने के लिए गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार रात लखनऊ से गोरखपुर पहुंचे।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार सुबह से मध्य रात्रि तक, मथुरा से लेकर लखनऊ और गोरखपुर तक, समस्त योगियों के परमेश्वर माने जाने वाले योगेश्वर श्रीकृष्ण की साधना में रमे रहे। सुबह उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा स्थित जन्मभूमि मंदिर में कान्हा की विधि विधान से आराधना कर प्रदेशवासियों के सुखमय जीवन की प्रार्थना की। शाम को वह लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में सम्मिलित हुए और फिर रात में गोरखनाथ मंदिर पहुंचकर उन्होंने पारंपरिक श्रीकृष्ण जन्मोत्सव समारोह में प्रभु के प्राकट्य अनुष्ठान को पूर्ण कराया।
गोरखनाथ मंदिर पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने सबसे पहले शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन किया। इसके बाद उन्होंने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर मत्था टेक पुष्पार्चन किया, उनका आशीर्वाद लिया। गोरखनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के पावन उपलक्ष्य में महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में भजन संध्या का आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री यहां पहुंचे और सुमधुर भजनों का आनंद उठाते हुए राधा-कृष्ण बने बच्चों को दुलारकर उन्हें उपहार देते रहे।

गोरक्षपीठाधीश्वर ने मध्य रात्रि गोरखनाथ मंदिर के गर्भगृह में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर विधि विधान से विशिष्ट पूजा अर्चना की। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के बाद ‘नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की’ और ‘श्रीकृष्ण गोविंद हरे मुरारी, हे नाथ नारायण वासुदेव’ की मंगल धुन, सोहर गीत और घंटों-घड़ियाल की ध्वनि के बीच गोरक्षपीठाधीश्वर उन्हें गोद में लेकर गर्भगृह से बाहर आए। सीएम योगी ने, प्रभु श्रीहरि के बाल स्वरूप ‘लड्डू गोपाल’ को फूलों से सजे पालने में बैठाकर श्रद्धाभाव से उन्हें झुलाया और आरती उतारी। प्रभु श्रीकृष्ण का प्राकट्य अनुष्ठान पूर्ण होने के उपरांत मंदिर की तरफ से श्रद्धालुओं को फलाहार और प्रसाद वितरित किया गया।








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