सात समंदर पार पहुंची यूपी के आम की मिठास, पांच साल में 90 हजार क्विंटल निर्यात
योगी सरकार ने बाग से विदेशी बाजार तक मजबूत की निर्यात श्रृंखला, पांच पैक हाउस बने अहम कड़ी
विदेशी सफर में चौसा सबसे आगे, दशहरी, रटौल और बनारसी लंगड़ा की भी बढ़ी मांग

लखनऊ, 1 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के आम की मिठास अब देश की सीमाओं से आगे दुनिया के बाजारों तक पहुंच रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने किसानों की उपज को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए उत्पादन के साथ ब्रांडिंग, पैकेजिंग, प्रसंस्करण और निर्यात सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया है। प्रमुख आम उत्पादक क्षेत्रों में पैक हाउस और निर्यात सुविधाएं विकसित करने के साथ निर्यातकों को आर्थिक प्रोत्साहन भी दिया जा रहा है। इसका परिणाम है कि बीते पांच वित्तीय वर्षों में उत्तर प्रदेश से 90,844 क्विंटल …
[6:44 PM, 10/1/2026] +91 99997 88076: त्रेता युग की आस्था के पथ पर अयोध्या में विकास की नई तस्वीर, दीपोत्सव से पहले बदलेगा 14 कोसी परिक्रमा मार्ग का स्वरूप
1140 करोड़ रुपये से 31 किलोमीटर मार्ग का हो रहा चौड़ीकरण, फोरलेन बनने से श्रद्धालुओं को मिलेगा सुगम आवागमन
शौचालय, वाटर कियोस्क, टिन शेड, बैठने और प्रकाश की सुविधाओं से संवर रहा परिक्रमा पथ
पीली रेलिंग, आकर्षक रोशनी और पौधारोपण से आस्था के इस मार्ग को दिया जा रहा नया स्वरूप

अयोध्या, 1 अक्टूबर। रामनगरी की पहचान सिर्फ उसके मंदिरों और धार्मिक स्थलों से नहीं, बल्कि उन परंपराओं से भी है जिनसे सदियों से श्रद्धालुओं की आस्था जुड़ी रही है। इन्हीं परंपराओं में शामिल 14 कोसी परिक्रमा अब आधुनिक सुविधाओं और बेहतर आवागमन के साथ नए स्वरूप में दिखाई देने की ओर बढ़ रही है। श्रद्धालुओं के आस्था पथ को सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए परिक्रमा मार्ग का चौड़ीक…
[6:44 PM, 10/1/2026] +91 99997 88076: गांधी जयंती पर पूरे प्रदेश में मनाया जाएगा ‘सुधार उत्सव’
02 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में 11 मंत्रालयों के एजेंडे पर होगी चर्चा
सीएम योगी के विजन के अनुरूप रोजगार से राशन, पानी, जमीन और महिला सशक्तीकरण तक के मुद्दे ग्राम सभा के केंद्र में होंगे
ग्रामीण परिवारों को 125 दिन रोजगार की गारंटी, लखपति दीदियों को ‘करोड़पति दीदी’ बनाने की तैयारी
गांवों में जल संरक्षण, स्वच्छता, बाल विवाह और नशे के खिलाफ भी लिया जाएगा संकल्प

लखनऊ, 01 अक्टूबर : गांधी जयंती पर इस बार गांव की चौपाल सिर्फ समस्याएं गिनाने के लिए नहीं सजेगी, बल्कि अपने विकास की दिशा तय करने के लिए बैठेगी। गांव में सबसे पहले किसे रोजगार मिले, कहां पानी बचाया जाए, कौन सा तालाब फिर से जिंदा हो, स्वच्छता की कमी कैसे दूर हो और महिलाओं की आमदनी कैसे बढ़े, ऐसे सवालों पर ग्रामीण खुद ग्राम सभा में मंथन करेंगे। 02 अक्टूबर को ‘सुधार उत्सव’ के रूप में आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में डबल इंजन सरकार के 11 मंत्रालयों और विभागों का एजेंडा एक साथ गांव तक पहुंचेगा। इसमें 125 दिन रोजगार की गारंटी से लेकर लखपति दीदियों को ‘करोड़पति दीदी’ बनाने, सुरक्षित पेयजल, जल संरक्षण, उपभोक्ता अधिकार, सहकारिता, बाल विवाह और नशामुक्ति तक के विषय शामिल होंगे। सीएम योगी के विजन के अनुरूप सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ ग्राम सभा गांव की जरूरतों और कमियों को पहचानकर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने का भी मंच बनेगी।

ग्राम सभा तय करेगी कि गांव में कौन से काम सबसे पहले कराए जाने चाहिए
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण), यानी वीबी जीराम जी (VB-G RAM G) के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन की गई है। यह व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से शुरू हुई है। योजना में जल संरक्षण, आजीविका और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़े 375 तरह के काम शामिल हैं। ग्राम सभा यह तय करने में भूमिका निभाएगी कि गांव में कौन से काम सबसे पहले कराए जाने चाहिए।
‘करोड़पति दीदी’ बनाने में मदद करने का लक्ष्य
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं सालाना एक लाख रुपये या उससे अधिक घरेलू आय के स्तर तक पहुंचकर लखपति दीदी बन रही हैं।
महिलाओं को उद्यम शुरू करने, बाजार से जोड़ने और शी मार्ट (SHE-MARTs) जैसी पहलों के जरिए सहायता देने की योजना है। अब लखपति दीदियों को सालाना 10 लाख रुपये या उससे अधिक आय वाले स्तर तक पहुंचाकर ‘करोड़पति दीदी’ बनाने में मदद करने का लक्ष्य रखा गया है।
हर घर नल ही नहीं, लगातार साफ पानी पहुंचाने पर जोर
जल जीवन मिशन 2.0 में केवल घरों तक नल पहुंचाने के बजाय नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। ग्राम पंचायतें पानी के स्रोत, आपूर्ति में आने वाली दिक्कतों और रखरखाव की जरूरतों की समीक्षा करेंगी। इसी तरह स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के दूसरे चरण में गांवों को ओडीएफ प्लस मॉडल (ODF Plus Model) की ओर ले जाने की तैयारी है। ग्राम सभाओं में ठोस और तरल कचरा प्रबंधन, साफ-सफाई और कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांटने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। इसके अलावा गांवों में बारिश का पानी बचाने पर भी ग्राम सभाओं का विशेष जोर रहेगा।
ग्राम सभाएं ऐसे तालाबों और रिचार्ज पिट की पहचान कर सकेंगी जिन्हें दोबारा ठीक करने की जरूरत है। घरों और खेतों के आसपास नई जल पुनर्भरण संरचनाएं बनाने में भी स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी। इसका उद्देश्य भूजल स्तर बढ़ाने के साथ गर्मी और सूखे के दौरान गांवों में पानी की उपलब्धता बेहतर करना है।
ग्राम सभाओं के माध्यम से उपभोक्ता अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा
ग्राम सभाओं के माध्यम से लोगों को उपभोक्ता अधिकारों के प्रति भी जागरूक किया जाएगा। उपभोक्ता अपनी शिकायत के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर 1915 की मदद ले सकते हैं। ई-जागृति के जरिए शिकायत दर्ज करने और ऑनलाइन सुनवाई में हिस्सा लेने की सुविधा भी उपलब्ध है।
नए आपराधिक कानूनों के बारे में गांवों में बढ़ेगी जागरूकता
ग्राम सभाओं के जरिए लोगों को उनके अधिकारों, कानूनी सहायता और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जाएगी। नए कानूनों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के साथ डिजिटल साक्ष्यों और तकनीक के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है।
गांव-गांव तक पहुंचेगा सहकारिता का नेटवर्क
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सहकारी समितियों के डिजिटलीकरण और विस्तार पर भी जोर है। प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS), कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंकों और सहकारिता विभाग के कार्यालयों का कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है। इसके अलावा सभी ग्राम पंचायतों तक सहकारी व्यवस्था पहुंचाने के लिए नई बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियां, डेयरी सहकारी समितियां और मत्स्य सहकारी समितियां बनाने और मजबूत करने की पहल की जा रही है। इससे ग्रामीणों को ऋण, बाजार, डेयरी, मत्स्य पालन और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
बाल विवाह और नशे के खिलाफ भी ग्राम सभा में संकल्प
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने गांवों को बाल विवाह मुक्त बनाने पर जोर दिया है। ग्राम सभा अपने गांव को बाल विवाह मुक्त बनाने का प्रस्ताव पारित कर सकती है। इसके सत्यापन के बाद जिला स्तर से गांव को प्रमाण-पत्र जारी करने की व्यवस्था है। इसमें पंचायत प्रतिनिधियों के साथ माता-पिता और ग्रामीणों की भागीदारी भी मांगी गई है।
गांव खुद तय करेंगे विकास की प्राथमिकता : अमित कुमार सिंह
पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत पंचायतों को विकास से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। ग्राम पंचायतें अपनी ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तैयार कर ई ग्राम स्वराज (eGramSwaraj) पर अपलोड करती हैं। ग्राम सभा में गांव की जरूरतों और कमियों की पहचान कर प्राथमिकता वाले कामों को इस योजना में शामिल किया जा सकता है।
ग्रामीणों को मिल रहे संपत्ति के स्पष्ट रिकॉर्ड
स्वामित्व योजना के जरिए गांवों के आबादी वाले क्षेत्रों में घर और दूसरी आवासीय संपत्तियों का स्पष्ट रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इसके लिए डिजिटल नक्शों की मदद ली जाती है। इनके आधार पर संपत्ति की सीमा तय करने में मदद मिलती है। स्पष्ट रिकॉर्ड होने से जमीन-संपत्ति के विवाद कम करने और बैंक से ऋण लेने में भी लोगों को सुविधा मिलती है। महिलाओं को संपत्ति में मालिकाना मान्यता मिलने से उनकी स्थिति भी मजबूत होगी।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के नशा मुक्त भारत अभियान को भी ग्राम सभाओं से जोड़ा गया है। इसमें खासतौर पर बच्चों और युवाओं को नशे से बचाने, शुरुआती लक्षणों की पहचान करने और प्रभावित लोगों को परामर्श, उपचार एवं पुनर्वास तक पहुंचाने में परिवार और समुदाय की भागीदारी पर जोर दिया गया है। इस तरह 02 अक्टूबर की ग्राम सभाओं में गांव के विकास कार्यों की समीक्षा तक सीमित रहने के बजाय रोजगार, महिला आजीविका, पानी, स्वच्छता, राशन, जमीन, उपभोक्ता अधिकार, कानून, सहकारिता, बाल विवाह और नशामुक्ति जैसे मुद्दों को एक साथ गांव के एजेंडे में लाने की तैयारी है।








Users Today : 144
Users Yesterday : 71