वाराणसी से तीन ट्रेनों को हरी झंडी, रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव बोले-पीएम मोदी ने बुलेट ट्रेन के ‘नॉर्थ कॉरिडोर’ को मंजूरी दे दी है”
मुख्यमंत्री योगी और रेल मंत्री ने किया ट्रेनों का शुभारंभवाराणसी से पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलेगी
कुल तीन नई रेल सेवाओं को हरी झंडी
काशी से प्रयागराज तक मेमो ट्रेनों का संचालन दो आध्यात्मिक शहरों तथा शिक्षा के केंद्रों को जोड़ने का कार्य करेगी-मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ
दीपावली तथा छठ पूजा से पूर्व काशी समेत स्थानीय लोगों को इन ट्रेनों की सुविधा का मिलेगा फायदा, इसके लिए सभी काशीवासियों को सीएम योगी ने दिया धन्यवाद
आज काशी में घाटों पर साफ-सफाई के साथ सभी आधुनिक सुविधाओं को उपलब्ध कराया गया है-योगी आदित्यनाथ
बुलेट ट्रेन के नॉर्थ कॉरिडोर में वाराणसी, अयोध्या, आगरा समेत विभिन्न शहरों को शामिल किया गया है जिससे वाराणसी से दिल्ली की दूरी 3:33 मिनट की होगी-रेल मंत्री, अश्वनी वैष्णव
वाराणसी में 10 मेमू सर्विसेज का हुआ उद्घाटन, प्रधानमंत्री ने स्वयं इस मेमू सर्विसेज के संचालन हेतु निर्देशित किया है, ताकि बनारस के नौजवानों, व्यापारियों, किसानों सभी को फायदा हो-रेल मंत्री
वाराणसी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव द्वारा शनिवार को मंडुआडीह रेलवे स्टेशन से वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन समेत अन्य ट्रेन सेवाओं जिसमें बनारस-प्रयागराज रामबाग ट्रेन सर्विस व बनारस-राजा तालाब ट्रेन सर्विस को हरी झंडी दिखाकर उनके गंतव्य को रवाना किया गया। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन मेक इन इंडिया व आत्मनिर्भर भारत का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने अपने संबोधन में कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के संचालन से वाराणसी के युवा, प्रधानमंत्री को अपना धन्यवाद ज्ञापित करता है। एक ऐसी गाड़ी जिसमें यात्रियों की सुविधा समेत लोको पायलट व स्टाफ की सभी सुविधाओं का बारिकी से ध्यान रखा गया है। रेलवे द्वारा हम सभी वंचित वर्ग, मध्यम वर्ग की सुविधाओं का लगातार ध्यान रखते हैं। इस ट्रेन से रात में वाराणसी में सो जाइए और सुबह दिल्ली आगमन होगा तथा यही दिल्ली से वाराणसी के लिए भी है। इस ट्रेन का किराया भी नॉमिनल रखा गया है। शनिवार को वाराणसी में 10 मेमू सर्विसेज का उद्घाटन हुआ। प्रधानमंत्री ने स्वयं इस मेमू सर्विसेज के संचालन हेतु निर्देशित किया है ताकि बनारस के नौजवानों, व्यापारियों, किसानों सभी को फायदा हो। मेमो ट्रेन का किराया जिसमें वाराणसी से राजातालाब तक युवाओं, व्यापारियों हेतु एमएसटी का किराया 95 रुपये तथा वाराणसी से प्रयागराज रामबाग के लिए एमएसटी 220 रुपए रखा गया है। प्रधानमंत्री ने बुलेट ट्रेन के नॉर्थ कारीडोर को भी मंजूरी दे दी है, जिसमें वाराणसी, अयोध्या, आगरा समेत विभिन्न शहरों को शामिल किया गया है। वाराणसी से दिल्ली की दूरी 3:33 मिनट की होगी। उन्होंने कहा जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी तथा केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी तब उत्तर प्रदेश को केवल 1100 करोड़ रुपए का बजट मिलता था, लेकिन आज ये बीस गुना बढ़कर बीस हजार करोड़ रुपए हो चुका है। भारत की समृद्ध के साथ सशक्त भारत बनाने का कार्य भारतीय जनता पार्टी ही करेगी, आप सभी इसको हमेशा याद रखें।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रेन शुभारंभ कार्यक्रम में हर महादेव को उद्घोषित किया करते हुए वाराणसी-वंदे भारत स्लीपर ट्रेन तथा दो अन्य ट्रेन सेवा के शुभारंभ के मौके पर रेल समेत इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी विभाग के मंत्री अश्वनी वैष्णव का स्वागत किया। भारत की प्राचीन आध्यात्मिक नगरी एवं वर्तमान में प्रधानमंत्री की कर्मभूमि काशी में सभी का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री के नेतृत्व को सराहा। उन्होंने कहा कि आज लौहपुरूष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की 151वीं जयंती भी है, जिन्होंने अखंड भारत बनाने में प्रमुख योगदान दिया था। आज भारतीय रेल भी पूरब से पच्छिम, उत्तर से दक्षिण को जोड़कर स्वतन्त्रता सेनानियों के सपनों को सार्थक किया है। रेल मंत्री के प्रयासों की भी उन्होंने सराहना की कि किस प्रकार रेलवे को घाटे से निकालकर आधुनिक सुविधाओं से लैस किया है। उत्तर प्रदेश में सभी रेलवे लाइन को ब्राड गेज में परिवर्तित किया है। 15 फरवरी, 2019 को प्रधानमंत्री ने पहली वंदे भारत ट्रेन दिल्ली से वाराणसी का उद्घाटन किया था जो कि चेयर कार थी लेकिन ये स्लीपर ट्रेन है जो आध्यात्मिक राजधानी से राष्ट्रीय राजधानी को जोड़ने का कार्य करेगी। काशी से प्रयागराज तक मेमो ट्रेनों का संचालन दो आध्यामिक शहरों तथा शिक्षा के केंद्रों को जोड़ने का कार्य करेगी। आज सभी रेलवे क्रॉसिंग को कर्मचारियों से या अंडरपास से कवर कर लिया गया है जिससे दुर्घटना को रोकने में सफलता मिली है। रेल गाड़ियों की स्पीड बढ़ी है, जनता को लगातार सुविधा मिल रही है। फ्रेट कारीडोर से भी स्थानीय लोगों को बहुत फायदा हुआ है। आज काशी में सभी स्टेशनों पर साफ सफाई के साथ आधुनिक सुविधाओं को उपलब्ध कराया गया है। उत्तर प्रदेश के 157 स्टेशनों पर ये सुविधाएं मिली हैं। पहले रेलवे पटरियों पर बहुत गंदगी थी, बदबू आती थी लेकिन आज इन सभी को मजबूत इक्षाशक्ति, दृढ़ संकल्प व मजबूत विश्वास से खत्म करते हुए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। आज काशी में घाटों पर साफ-सफाई के साथ सभी आधुनिक सुविधाओं को उपलब्ध कराया गया है। प्रधानमंत्री ने मजबूती से जो दृढ़ संकल्प लिया था उनकी सुविधा देखने को मिल रही है। दीपावली तथा छठ पूजा से पूर्व काशी समेत स्थानीय लोगों को इन ट्रेनों की सुविधा का फायदा मिलेगा इसके लिए सभी काशी वासियों को हृदय से धन्यवाद।
स्थानीय विधायक सौरभ श्रीवास्तव द्वारा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य से निकालकर विकसित राज्य की तरफ अग्रसर किया गया है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री के प्रयासों से देश तथा प्रदेश विकास के नए गतिमान छू रहा है। उन्होंने कहा आज रेलवे केवल बड़े शहरों तक शिमित न होकर छोटे शहरों में भी पहुंची है, उसी क्रम में काशी की कनेक्टिविटी को मजबूत किया है। उन्होंने कहा वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत ट्रेन से पर्यटन को नई मजबूती मिली है।
कार्यक्रम में प्रयागराज रामबाग से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समेत स्थानीय विधायक वर्चुअल माध्यम से जुड़े थे। महाप्रबंधक उत्तर रेलवे द्वारा अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल, आयुष मंत्री डॉ दयाशंकर मिश्र दयालु, एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक डॉ अवधेश सिंह, विधायक डॉ सुनील पटेल, सदस्य विधान परिषद श्याम नारायण सिंह ‘विनीत सिंह’, विशाल सिंह चंचल, अन्नपूर्णा सिंह, राय धर्मेंद्र सिंह, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, अपर पुलिस कमिश्नर शिवहरी मीणा, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार समेत सम्बन्धित विभागों व रेलवे के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संयुक्त रूप से वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
बनारस-प्रयागराज रामबाग और बनारस सिटी-राजातालाब के बीच मेमू ट्रेन सेवाओं का भी किया शुभारंभ
नई ट्रेन सेवा से वाराणसी और राष्ट्रीय राजधानी के बीच रात्रिकालीन रेल संपर्क होगा मजबूत, यात्रियों के समय की होगी बचत–केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव
10 मेमू सेवाओं से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में स्थानीय रेल कनेक्टिविटी को मिलेगा विस्तार–केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव
त्योहारी सीजन में नई रेल सेवाओं से यात्रियों को मिलेगी अतिरिक्त सुविधा
आधुनिक रेल अवसंरचना से सुरक्षित, तेज और समयबद्ध रेल यात्रा का सपना हो रहा साकार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज संयुक्त रूप से बनारस रेलवे स्टेशन से वाराणसी-नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर बनारस-प्रयागराज रामबाग और बनारस सिटी-राजातालाब के बीच मेमू ट्रेन सेवाओं का भी शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुये केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार को निरंतर प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वाराणसी को एक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन और 10 मेमू सेवाओं की सौगात मिल रही है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के संचालन से वाराणसी और राष्ट्रीय राजधानी के बीच रात्रिकालीन रेल संपर्क मजबूत होगा। यात्रियों को लंबी दूरी की रात की यात्रा के लिए आधुनिक, आरामदायक और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। वहीं, मेमू सेवाओं के विस्तार से वाराणसी और आस – पास के क्षेत्रों में स्थानीय रेल संपर्क बेहतर होगा। इससे दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और आम नागरिकों को विशेष लाभ मिलेगा।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी की पहल पर कम दूरी की यात्रा को सुगम बनाने के उद्देश्य से मेमू सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। वाराणसी शहर के विभिन्न क्षेत्रों को आपस में जोड़ने के साथ ही बनारस को प्रयागराज से भी बेहतर रेल संपर्क प्रदान किया जा रहा है।
श्री वैष्णव ने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रियों की सुविधाओं के साथ-साथ लोको पायलट और अन्य रेल कर्मचारियों की सुविधाओं एवं सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी की हमेशा यह चिंता रही है कि रेलवे की सुविधाओं को मजबूत किया जाए और गरीब एवं मध्यम वर्ग के यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधाएं मिलें। ट्रेन का किराया भी किफायती रखा गया है।उन्होंने बताया कि वाराणसी क्षेत्र में संचालित होने वाली मेमू सेवाओं से विद्यार्थियों को भी विशेष लाभ मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए मासिक सीजन टिकट (एमएसटी) की सुविधा वाराणसी क्षेत्र में 95 रुपये और वाराणसी से प्रयागराज के लिए 220 रुपये निर्धारित की गई है।
बुलेट ट्रेन के नॉर्थ कॉरिडोर से कम होगी शहरों के बीच की दूरी
केंद्रीय रेल मंत्री ने कहा कि देश में हाईस्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बुलेट ट्रेन नॉर्थ कॉरिडोर के तहत दिल्ली, आगरा, कानपुर, लखनऊ, पटना और गुवाहाटी जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ने की योजना है।
केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने प्रस्तावित यात्रा समय का उल्लेख करते हुए कहा कि दिल्ली से कानपुर की दूरी लगभग एक घंटे 45 मिनट, दिल्ली से आगरा 59 मिनट, दिल्ली से लखनऊ दो घंटे 12 मिनट, वाराणसी से लखनऊ एक घंटे 21 मिनट, वाराणसी से पटना लगभग एक घंटे और वाराणसी से दिल्ली लगभग तीन घंटे 33 मिनट में तय की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है और इसमें मेक इन इंडिया की भावना को प्राथमिकता दी जाएगी। यह देश की आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ी सौगात साबित होगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश में रेलवे के बजट में हुई वृद्धि और राज्य में रेल बुनियादी ढांचे के विस्तार का भी उल्लेख किया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी को वंदे भारत स्लीपर ट्रेन और मेमू सेवाओं की सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन नई रेल सेवाओं से आम लोगों की यात्रा अधिक सुविधाजनक और किफायती होगी।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि मेमू ट्रेन सेवाओं से किसान, नौजवान, अधिवक्ता, व्यापारी और महिलाएं कम खर्च में यात्रा कर सकेंगे। इससे दैनिक यात्रियों को विशेष सुविधा मिलेगी और स्थानीय स्तर पर आवागमन सुगम होगा।
श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय रेल आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है। रेलवे के आधारभूत ढांचे में हुए सुधारों से यात्रा अधिक सुरक्षित और समयबद्ध हुई है। उन्होंने कहा कि पहले मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी, लेकिन अब वहां रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास जैसी व्यवस्थाओं के विकास से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिली है। इससे जान-माल की सुरक्षा के साथ-साथ समय की भी बचत हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मालगाड़ियों के लिए अलग रेल लाइन विकसित किए जाने से माल परिवहन की गति और दक्षता में सुधार हुआ है। इससे यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के संचालन को बेहतर बनाने में मदद मिली है। ट्रेनों की गति बढ़ने से विभिन्न शहरों के बीच यात्रा का समय कम हुआ है और लोगों को अपने गंतव्य तक तेजी से पहुंचने की सुविधा मिली है।
वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर: धार्मिक और राष्ट्रीय राजधानी के बीच बेहतर संपर्क
वाराणसी और नई दिल्ली के बीच वंदे भारत स्लीपर सेवा शुरू होने से भारत के प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल वाराणसी का राष्ट्रीय राजधानी से संपर्क और मजबूत होगा।

वाराणसी में पूरे वर्ष श्रद्धालुओं, देशी-विदेशी पर्यटकों, विद्यार्थियों, कारोबारियों और विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले लोगों का आवागमन होता है। नई दिल्ली के साथ बेहतर रात्रिकालीन रेल कनेक्टिविटी से धार्मिक, शैक्षणिक, व्यावसायिक, प्रशासनिक और पर्यटन संबंधी कार्यों के लिए यात्रा करने वाले लोगों को अधिक सुविधा मिलेगी।
यह ट्रेन वाराणसी से प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद होते हुए नई दिल्ली पहुंचेगी। इस मार्ग से कई प्रमुख शहरी केंद्रों के साथ आसपास के क्षेत्रों को भी बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध होगा।

वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस वाराणसी से रात 8 बजकर 50 मिनट पर रवाना होकर अगले दिन सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में यह नई दिल्ली से रात 9 बजकर 40 मिनट पर रवाना होकर अगले दिन सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर वाराणसी पहुंचेगी।
यह सेवा सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। वाराणसी से चलने वाली ट्रेन शुक्रवार को और नई दिल्ली से चलने वाली ट्रेन शनिवार को नहीं चलेगी। रात में यात्रा और अगली सुबह गंतव्य पर पहुंचने की सुविधा से यात्रियों को अपने समय का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी।
वंदे भारत स्लीपर: आधुनिक तकनीक और उन्नत सुविधाओं से लैस
लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्राओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में आधुनिक तकनीक, उन्नत सुरक्षा प्रणालियों और यात्रियों की सुविधा से जुड़ी कई विशेषताएं शामिल की गई हैं। इसका डिजाइन लंबी दूरी की यात्रा के दौरान आरामदायक माहौल उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।
ऊर्जा दक्षता और बेहतर प्रदर्शन
– ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के लिए रीजेनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम।
– डिब्बों के नीचे स्थापित आधुनिक प्रणोदन प्रणाली।
– उन्नत वायुगतिकीय डिजाइन, जिससे यात्रा अधिक सहज और आरामदायक होगी।
आधुनिक डिजाइन और सुविधाएं
– ऑस्टेनिटिक स्टेनलेस स्टील से निर्मित डिब्बे, जो EN15227 दुर्घटना सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं।
– पूरी तरह सीलबंद लचीला गैंगवे।
– केंद्रीय रूप से नियंत्रित स्वचालित स्लाइडिंग प्लग दरवाजे।
– डिब्बों के भीतर शोर कम करने और ध्वनि अवरोध की विशेष व्यवस्था।
– प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष एलईडी प्रकाश व्यवस्था।
– सेंसर आधारित इंटरकम्युनिकेशन दरवाजे।
उन्नत सुरक्षा और संरक्षा व्यवस्था
– EN45545 HL3 अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था।
– डिब्बों के अंतिम हिस्सों में अग्निरोधी दरवाजे।
– ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली (टीसीएएस)।
– धुआं एवं आग का पता लगाने वाली प्रणाली।
– यात्रियों की सुरक्षा और निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे।
– आपातकालीन स्थिति में यात्रियों के लिए अलार्म पुश बटन।
– आपदा प्रबंधन के लिए विशेष प्रकाश व्यवस्था।
यात्रियों के आराम और सुविधा पर विशेष ध्यान
– वैक्यूम निकासी प्रणाली वाले आधुनिक और स्वच्छ शौचालय।
– दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष बर्थ एवं शौचालय।
– पर्याप्त सामान रखने की जगह।
– तीन पिन वाले चार्जिंग सॉकेट और स्विच।
– टाइप-ए और टाइप-सी यूएसबी चार्जिंग पोर्ट।
– पीएपीआईएस आधारित चालक, गार्ड और यात्रियों के बीच संचार प्रणाली।
– प्रथम वातानुकूलित श्रेणी में गर्म पानी के साथ शॉवर की सुविधा।
– एक्सेस प्वाइंट नेटवर्क के साथ वाई-फाई राउटर।
– चालक केबिन में वातानुकूलन और रेल कर्मचारियों के लिए शौचालय।
इन आधुनिक सुविधाओं के माध्यम से भारतीय रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और सुविधाजनक रात्रिकालीन यात्रा उपलब्ध कराना है। नई वंदे भारत स्लीपर सेवा भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और देशभर में बेहतर रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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बहुत जल्द उत्तर प्रदेश में बुलेट ट्रेन का कॉरिडोर आने वाला है : अश्विनी वैष्णव”
दिल्ली से गुवाहाटी का यह नया कॉरिडोर बनने जा रहा है: अश्विनी वैष्णव
बुलेट ट्रेन अमीरों के लिए नहीं बल्कि गरीब और मध्यम परिवार के लोगों के लिए भी है:अश्विनी वैष्णव

रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने काशी स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों एवं नमो गंगा रेल सह सड़क पुल का किया निरीक्षण, यात्री सुविधाओं एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की ली जानकारी
माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी ने आज दिनांक 31 अक्टूबर, 2026 को काशी रेलवे स्टेशन एवं नमो गंगा रेल सह सड़क ब्रिज का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन के पुनर्विकास एवं आधुनिकीकरण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा निर्माणाधीन नए स्टेशन भवन, कॉनकोर्स, प्लेटफॉर्म एवं अन्य यात्री सुविधाओं के विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त की।
आज श्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि “माननीय प्रधानमंत्री ने उत्तरी बुलेट कॉरिडोर को मंजूरी दे दी हैं। उत्तर प्रदेश में बुलेट ट्रेन कॉरिडोर जल्द आने वाला है। ये बुलेट ट्रेन कॉरिडोर दिल्ली से गुवाहाटी तक तैयार होगा। यह उत्तरी कॉरिडोर के आने से दिल्ली और आगरा की बीच की दूरी महज 59 मिनट की रह जाएगी,दिल्ली से कानपुर के बीच की दूरी 1 घंटा 59 मिनट होगी,दिल्ली से लखनऊ की बीच की दूरी 2 घंटे 12 मिनट होगी,काशी से लखनऊ के बीच की दूरी 1 घंटे 21 मिनट होगी और काशी से पटना 1 घंटे में पहुंचा जा सकेगा,काशी से अगर दिल्ली की बात करें तो 3 घंटे 35 मिनट में पहुंचा जा सकेगा,वाराणसी से आगरा की अगर बात करें तो 2 घंटे 24 मिनट में पहुंचा जा सकेगा । बुलेट ट्रेन अमीरों के लिए नहीं बल्कि गरीब और मध्यम परिवार के लोगों के लिए भी है। विपक्ष भ्रम फैला रहा है कि किराया बहुत होगा किराया की जहां तक बात है फ्लाइट से भी कम होगी ।”
उन्होंने बताया कि काशी रेलवे स्टेशन को आधुनिक, विश्वस्तरीय एवं यात्री अनुकूल स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। स्टेशन के पुनर्विकास कार्य की स्वीकृत अनुमानित लागत 349.50 करोड़ रुपये है, जबकि 304.61 करोड़ रुपये की लागत से कार्य आवंटित किया गया है। कार्य आवंटन की तिथि 16 अगस्त, 2023 है। इस परियोजना का निष्पादन उत्तर रेलवे के निर्माण संगठन की संबंधित इकाई द्वारा किया जा रहा है।
पुनर्विकास योजना के अंतर्गत स्टेशन के उत्तर एवं दक्षिण दिशा में दो आधुनिक स्टेशन भवनों का निर्माण किया जा रहा है। दोनों भवन जी+2 (ग्राउंड प्लस दो मंजिल) संरचना के होंगे तथा प्रत्येक भवन का क्षेत्रफल लगभग 10,358 वर्ग मीटर होगा। इसके अतिरिक्त लगभग 10,622 वर्ग मीटर क्षेत्र में विशाल कॉनकोर्स का निर्माण किया जा रहा है। यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए 9 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज, नए प्लेटफॉर्म, प्लेटफॉर्म शेड एवं कवरिंग, पैदल यात्रियों के लिए कवर्ड पाथवे तथा कॉनकोर्स के ऊपर रूफिंग सहित अन्य विकास कार्य भी परियोजना का हिस्सा हैं।
स्टेशन के पुनर्विकास के पश्चात इसकी परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। वर्तमान में स्टेशन पर 4 रेलवे ट्रैक उपलब्ध हैं, जिन्हें बढ़ाकर 10 किया जाएगा। इसी प्रकार प्लेटफॉर्म की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की जाएगी तथा प्रत्येक प्लेटफॉर्म की लंबाई 600 मीटर होगी। वर्तमान में स्टेशन पर प्रतिदिन लगभग 1,954 यात्रियों की तुलना में पुनर्विकास के बाद यह क्षमता बढ़कर 13,261 यात्री प्रतिदिन हो जाएगी। वहीं ट्रेनों की संख्या वर्तमान 16 जोड़ी से बढ़कर 36 जोड़ी तक हो सकेगी।
यात्रियों की सुविधा एवं सुगम आवागमन के लिए स्टेशन पर 30 लिफ्ट एवं 23 एस्केलेटर की व्यवस्था की जाएगी। फुट ओवर ब्रिज की चौड़ाई वर्तमान 6 मीटर से बढ़ाकर 9 मीटर की जाएगी तथा सीढ़ियों की संख्या 3 से बढ़ाकर 26 की जाएगी। इससे यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म तक पहुंचने तथा स्टेशन के विभिन्न हिस्सों में आवागमन करने में सुविधा होगी। प्रतीक्षालय एवं बैठने की व्यवस्था को भी व्यापक रूप से विकसित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत उत्तर एवं दक्षिण स्टेशन भवनों में लगभग 2,300-2,300 वर्ग मीटर क्षेत्रफल के प्रतीक्षालय विकसित किए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक में लगभग 650 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। इसके अतिरिक्त लगभग 5,114 वर्ग मीटर के कॉनकोर्स क्षेत्र में लगभग 1,800 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी। इस प्रकार कुल लगभग 9,714 वर्ग मीटर क्षेत्र में करीब 3,100 यात्रियों के बैठने की सुविधा उपलब्ध होगी।
स्टेशन परिसर में पार्किंग व्यवस्था का भी विस्तार किया जा रहा है। वर्तमान में उपलब्ध 115 ईसीएस (इक्विवेलेंट कार स्पेस) की तुलना में पुनर्विकास के अंतर्गत लगभग 10,175 वर्ग मीटर क्षेत्र में 440 ईसीएस की पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। भविष्य में इस क्षमता को 800 ईसीएस तक विस्तारित करने की योजना भी प्रस्तावित है।
स्टेशन परिसर में लगभग 66,758 वर्ग मीटर क्षेत्र में बाहरी विकास कार्य, लगभग 2,021 वर्ग मीटर क्षेत्र में पैदल यात्रियों के लिए कवर्ड पाथवे तथा लगभग 10,622 वर्ग मीटर क्षेत्र में कॉनकोर्स के ऊपर रूफिंग का कार्य भी प्रस्तावित है। इन कार्यों से स्टेशन परिसर का समग्र विकास होगा तथा यात्रियों को मौसम के अनुकूल सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।
काशी रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास वाराणसी की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्ता को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। परियोजना पूर्ण होने के बाद स्टेशन की यात्री क्षमता, रेल परिचालन एवं आवागमन व्यवस्था में व्यापक सुधार होगा। आधुनिक स्टेशन भवन, विशाल कॉनकोर्स, विस्तृत प्लेटफॉर्म, लिफ्ट, एस्केलेटर, बेहतर प्रतीक्षालय एवं पार्किंग जैसी सुविधाएं यात्रियों को अधिक सुविधाजनक एवं बेहतर रेल यात्रा का अनुभव प्रदान करेंगी।
रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी ने आज वाराणसी में गंगा नदी पर निर्माणाधीन नमो गंगा रेल-सह-सड़क पुल ( नमो ब्रिज) के निर्माण कार्यस्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्यों, तकनीकी व्यवस्थाओं एवं कार्य की प्रगति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
यह महत्वपूर्ण रेल-सह-सड़क पुल उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल के अंतर्गत निर्मित किया जा रहा है। लगभग 1,074.6 मीटर लंबाई वाले इस पुल की स्वीकृत अनुमानित लागत ₹1,380.87 करोड़ है, जबकि निर्माण कार्य हेतु ₹1,201.37 करोड़ की लागत से अनुबंध आवंटित किया गया है। इस परियोजना में कुल 10 स्पैन का निर्माण किया जाना है, जिसमें 108.5 मीटर के 8 स्पैन तथा 103.3 मीटर के 2 स्पैन शामिल हैं। पुल की आधारभूत संरचना में 9 पियर एवं 2 एबटमेंट सहित कुल 11 सब-स्ट्रक्चर बनाए जा रहे हैं। इसके लिए 60 मीटर तक की गहराई वाले डबल-डी वेल का निर्माण भी प्रस्तावित है।
इस पुल की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें दो स्तरों पर रेल एवं सड़क यातायात की व्यवस्था की गई है। पुल के निचले तल पर रेल परिचालन के लिए कुल चार रेल लाइनें (दो अप एवं दो डाउन लाइनें) विकसित की जा रही हैं, जिन पर 2×25 केवी ओवरहेड इलेक्ट्रिक उपकरण (ओएचई) प्रणाली स्थापित की जाएगी। वहीं, ऊपरी तल पर छह लेन के राष्ट्रीय राजमार्ग के अनुरूप सड़क मार्ग विकसित किया जा रहा है, जिसमें विद्युत व्यवस्था, क्रैश बैरियर एवं अन्य आवश्यक सड़क सुरक्षा सुविधाएं शामिल होंगी।
इस अवसर पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे और उन्होंने रेल मंत्री जी को स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों की प्रगति एवं प्रस्तावित यात्री सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।








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