March 17, 2026 5:12 am

Home » liveup » यूपी के डेयरी उत्पादों के निर्यात में 10% की अभूतपूर्व वृद्धि

यूपी के डेयरी उत्पादों के निर्यात में 10% की अभूतपूर्व वृद्धि

यूपी के डेयरी उत्पादों के निर्यात में 10% की अभूतपूर्व वृद्धि

योगी सरकार की नीतियों का असर, पशुपालन व डेयरी सेक्टर के निर्यात में उल्लेखनीय सुधार

444.10 करोड़ से बढ़कर अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच 489.24 करोड़ रुपये पहुंचा निर्यात

डेयरी, अंडे और प्राकृतिक शहद समेत उत्पादों की बढ़ती मांग से निर्यात को मिली गति

डेयरी प्रोसेसिंग, कोल्ड चेन और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को मिल रहा बढ़ावा

पशुपालकों की आय में इजाफा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई मजबूती

 

लखनऊ, 16 मार्च। पशुपालन और डेयरी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए योगी सरकार के कदमों का असर निर्यात में वृद्धि के रूप में सामने आ रहा है। उत्तर प्रदेश के डेयरी और संबंधित पशु-आधारित उत्पादों के निर्यात में विगत एक से डेढ़ वर्ष में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार “डेयरी उत्पाद, अंडे, प्राकृतिक शहद और खाद्य उत्पाद” श्रेणी के अंतर्गत आने वाले उत्पादों का निर्यात अप्रैल 2023 से नवंबर 2024 के दौरान 444.10 करोड़ रुपये था, जो अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच बढ़कर 489.24 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस प्रकार इस श्रेणी में 10.16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो करीब 45 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी को दर्शाती है।

निर्यात को मिल रही नई गति
यह श्रेणी केवल डेयरी उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अंडे, प्राकृतिक शहद और अन्य खाद्य पशु-आधारित उत्पाद भी शामिल हैं। इन सभी उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग ने उत्तर प्रदेश के निर्यात को नई गति दी है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, दूध, घी, पनीर, मक्खन, मिल्क पाउडर के साथ-साथ शहद और अंडों की गुणवत्ता में सुधार तथा प्रोसेसिंग सुविधाओं के विस्तार से प्रदेश की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता मजबूत हुई है। बेहतर पैकेजिंग, क्वालिटी कंट्रोल और सप्लाई चेन मैनेजमेंट ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई है।

 

योगी सरकार की पहल से मिला बढ़ावा
सीएम योगी के निर्देश पर राज्य में पशुपालन और डेयरी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की जा रहीं हैं। डेयरी प्रोसेसिंग यूनिट्स के विस्तार, कोल्ड चेन नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण और आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिला है। इसके साथ ही पशुपालकों को बेहतर नस्ल के पशु, प्रशिक्षण, पशु स्वास्थ्य सेवाएं और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। दुग्ध सहकारी समितियों और निजी डेयरी इकाइयों को प्रोत्साहन मिलने से ग्रामीण स्तर पर संग्रहण और विपणन तंत्र मजबूत हुआ है।

अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत
डेयरी और संबद्ध उत्पादों के निर्यात में आई यह वृद्धि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक संकेत है। इससे बड़ी संख्या में जुड़े किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि हो रही है और रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यदि प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार पर इसी तरह ध्यान दिया जाता रहा, तो उत्तर प्रदेश आने वाले समय में इस श्रेणी के निर्यात में और बड़ी छलांग लगा सकता है।

Liveupweb
Author: Liveupweb

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *