वाराणसी | 19 मार्च 2026
नगर निगम वाराणसी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति से पहले राजस्व वसूली की रिपोर्ट जारी की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है
कि यदि 31 मार्च 2026 तक करों का भुगतान नहीं किया गया, तो अगले वित्तीय वर्ष में भारी जुर्माने के साथ वसूली की जाएगी।
संपत्ति कर (Property Tax) की स्थिति
नगर निगम के आंकड़ों के अनुसार, इस साल टैक्स वसूली में काफी तेजी देखी गई है:
लक्ष्य और वसूली: वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 225 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा गया था, जिसके सापेक्ष 18 मार्च 2026 तक 1.80 लाख भवन स्वामियों से 192.23 करोड़ रुपये वसूले जा चुके हैं।
छूट का लाभ: सरचार्ज में दी गई विशेष छूट के तहत अब तक 27,352 भवन स्वामियों ने 36.19 करोड़ रुपये जमा किए, जिससे उन्हें 15.88 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
सुविधाएं: नागरिक
www.nnvns.org.in पर ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं या सुबह 10 से शाम 5 बजे तक जोनल कंप्यूटर केंद्रों पर जा सकते हैं। साथ ही, राजस्व निरीक्षक ‘एम०पास०’ डिवाइस लेकर घर-घर जाकर भी वसूली कर रहे हैं।
करेत्तर राजस्व (Non-Tax Revenue) और व्यावसायिक दुकानें
नगर निगम के अंतर्गत आने वाली दुकानों और अन्य मदों से भी राजस्व वसूली जारी है:
कुल मदें: विज्ञापन, सिनेमा घर, होटल, अस्पताल, शराब की दुकानें और बारात घर समेत कुल 23 मदों से वसूली की जा रही है।
दुकानें और QR कोड: नगर निगम की कुल 1924 दुकानें हैं। वाराणसी नगर निगम ने सभी दुकानों में QR कोड की सुविधा दी है,
जिससे दुकानदार आसानी से अपना मासिक किराया जमा कर रहे हैं।
लक्ष्य: इस मद में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 101.94 करोड़ रुपये का लक्ष्य है, जिसमें से अब तक 88.78 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं।
अंतिम चेतावनी: 31 मार्च के बाद लगेगा 50% विलंब शुल्क
नगर निगम ने सभी प्रतिष्ठानों और भवन स्वामियों को सख्त निर्देश दिए हैं:
व्यावसायिक प्रति
31 मार्च तक नहीं जमा किया टैक्स, तो भरना होगा जुर्माना
टैक्स जमा न करने वालों पर अप्रैल माह में होगी कड़ी कार्यवाही
-प्रेस वार्ता में नगर आयुक्त बोले- सरचार्ज पर छूट का लाभ उठाने के लिए अब भी 12 दिनों का मौका
-नगर निगम की वेबसाइट के माध्यम से घर बैठे आनलाइन भी टैक्स जमा करने की सुविधा
-अब तक 1.80 लाख भवन स्वामियों से वसूला गया 192.23 करोड़ रुपये का टैक्स

वाराणसी : कर चोरी नहीं, कर में देरी करना भी अब महंगा पड़ेगा । यदि आपने 31 मार्च तक गृहकर, जलकर व सीवरकर नहीं जमा करते हैं, तो अगले वित्तीय वर्ष में आपको मूल राशि के साथ भारी ब्याज और विलंब शुल्क का सामना करना पड़ेगा। ऐसे में अतिरिक्त आर्थिक चपत व विधिक कार्रवाई से बचने के तत्काल टैक्स जमा करना ही बेहतर होगा । नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति से पहले कर वसूली अभियान में पूरी ताकत झोंक दी है।
यह जानकारी गुरुवार को नगर निगम सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने दी । उन्होंने बताया कि वर्तमान वर्ष संपत्ति कर वसूली के लिए 225 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष 18 मार्च तक 1.80 लाख भवन स्वामियों से 192.23 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब महज 12 दिन शेष हैं। ऐसे में जिन भवन स्वामियों ने अब तक टैक्स जमा नहीं किया है, वे 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से भुगतान कर दें। यदि इस अवधि तक कर जमा नहीं होता है, तो अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 के बिल में पिछला बकाया ब्याज सहित जोड़कर वसूला जाएगा तथा साथ ही नियमानुसार विधिक रूप से कड़ी कार्यवाही भी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, करेत्तर मदों जैसे दुकानों के किराए और लाइसेंस शुल्क में देरी होने पर मूल धनराशि पर 50 प्रतिशत विलंब शुल्क लगाया जाएगा।
सररर्ज छूट का हजारों ने उठाया लाभ
उन्होंने बताया गया कि सदन द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार 63,414 भवन स्वामियों को सरचार्ज के रूप में 72.07 करोड़ रुपये की छूट दी गई थी। इसी क्रम में फरवरी 2026 से 18 मार्च तक चले विशेष अभियान में 27,352 लोगों ने 36.19 करोड़ रुपये जमा किए, जिससे उन्हें 15.88 करोड़ रुपये की छूट का सीधा लाभ मिला।
आनलाइन भी टैक्स जमा करने की सुविधा
घर बैठे आनलाइन भी टैक्स जमा किया जा सकता है । नगर निगम की वेबसाइट www.nnvns.org.in पर जाकर घर बैठे टैक्स जमा किया जा सकता है। इसके सभी जोनों पर सुबह 10 से शाम 5 बजे तक कंप्यूटरीकृत टैक्स कलेक्शन सेंटर संचालित हैं। वहीं राजस्व निरीक्षक एम-पॉस डिवाइस के साथ घर-घर जाकर भी कर संग्रह कर रहे हैं।
50 प्रतिशत देना होगा विलंब शुल्क
नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम की 1924 दुकानों और अन्य 23 मदों (होटल, लॉज, अस्पताल, विज्ञापन आदि) से भी राजस्व वसूली तेज कर दी गई है। पिछले वित्तीय वर्ष में इन मदों से 71.32 करोड़ की वसूली हुई थी, जबकि इस वर्ष 101.94 करोड़ के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 88.78 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। दुकानों के किराए के लिए क्यूआर कोड की सुविधा भी दी गई है।कोड की सुविधा प्रदान की गयी है, जिसके माध्यम से दुकानदारों के द्वारा अपना मासिक किराया जमा किया जाता है। उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक दुकानों का किराया, अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) शुल्क जमा नही किया जाता है तो अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 में मूल धनराशि पर, विलंब शुल्क 50 प्रतिशत जोड़कर वसूली की जायेगी।







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