एयरपोर्ट, औद्योगिक निवेश और मेगा प्रोजेक्ट्स से बदल रही जेवर-यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र की तस्वीर
डाटा सेंटर, फिल्म सिटी और मैन्युफैक्चरिंग हब से यीडा क्षेत्र बन रहा मल्टी-इंडस्ट्री कॉरिडोर
एयरपोर्ट के चलते जमीन की मांग और कीमतों में उछाल, रियल एस्टेट निवेशकों के लिए उभर रहा हॉटस्पॉट

गौतमबुद्धनगर, 28 मार्च। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) क्षेत्र उत्तर प्रदेश के
सबसे तेजी से विकसित होते औद्योगिक और रियल एस्टेट हब के रूप में उभर रहा है। बड़े पैमाने पर निवेश, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और मेगा प्रोजेक्ट्स के चलते यह क्षेत्र अब देश के प्रमुख विकास केंद्रों में शामिल होने की ओर अग्रसर है।
डाटा सेंटर से फिल्म सिटी तक, मल्टी-सेक्टर ग्रोथ
यमुना औद्योगिक क्षेत्र में डाटा सेंटर पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स हब और वेयरहाउसिंग सेक्टर में तेजी से निवेश बढ़ रहा है। इसके साथ ही नोएडा फिल्म सिटी इस क्षेत्र को मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का भी बड़ा केंद्र बनाने जा रही है। फिल्म सिटी का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति पर है और जल्द ही यहां ‘मॉम 2’ फिल्म की शूटिंग भी शुरू होने वाली है। फिल्म सिटी में फिल्म इंस्टीट्यूट के निर्माण का भी प्रस्ताव है, जिसका लाभ हजारों युवाओं को मिलेगा जो इस क्षेत्र में भविष्य बनाना चाहते हैं। इसी तरह, डाटा सेंटर हब बनने से इस क्षेत्र में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो रहा है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बना सबसे बड़ा गेमचेंजर
इस पूरे क्षेत्र के विकास में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। एयरपोर्ट के निर्माण और संचालन से न केवल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि यह क्षेत्र एक बड़े लॉजिस्टिक्स और ट्रांजिट हब के रूप में विकसित होगा। एयरपोर्ट के कारण आसपास के इलाकों में जमीन की मांग तेजी से बढ़ी है और प्रॉपर्टी की कीमतों में लगातार उछाल देखा जा रहा है।
रियल एस्टेट सेक्टर में जबरदस्त उछाल
यमुना औद्योगिक क्षेत्र में रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बड़े डेवलपर्स टाउनशिप, प्लॉटिंग स्कीम और ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट लॉन्च कर रहे हैं। निवेशकों के लिए यह क्षेत्र “फ्यूचर ग्रोथ जोन” बन चुका है, जहां बेहतर रिटर्न की संभावनाएं जताई जा रही हैं। खासकर एयरपोर्ट और औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के आसपास के क्षेत्रों में निवेश की मांग सबसे अधिक है।
बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ी रफ्तार
यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली, नोएडा, आगरा और अन्य प्रमुख शहरों से उत्कृष्ट कनेक्टिविटी इस क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत है। इसके अलावा प्रस्तावित मेट्रो विस्तार, नई सड़क परियोजनाएं और फ्रेट कॉरिडोर इस क्षेत्र को और अधिक सुगम और निवेश के अनुकूल बना रहे हैं।
सरकारी नीतियों का मिल रहा पूरा लाभ
प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई औद्योगिक नीतियां, सिंगल विंडो सिस्टम और निवेशकों को दी जा रही रियायतें इस क्षेत्र में निवेश को आकर्षित कर रहीं हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली, पानी, सुरक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे उद्योगों को अनुकूल वातावरण मिल रहा है।
रोजगार और शहरीकरण का नया केंद्र
डाटा सेंटर, फिल्म सिटी, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और एयरपोर्ट जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स के चलते लाखों युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। तेजी से हो रहा शहरीकरण इस क्षेत्र को आने वाले वर्षों में उत्तर भारत का सबसे बड़ा औद्योगिक और रीयल एस्टेट हब बना सकता है।








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