वाराणसी में आयुष्मान योजना बनी गरीबों का सहारा, लाखों परिवारों को मिला जीवनदान
वाराणसी में हैं 12,55,309 आयुष्मान कार्ड धारक
वय वंदना कार्ड बनाने में वाराणसी प्रदेश में तीसरे स्थान पर

वाराणसी, 25 मार्चः गंभीर बीमारियां जब किसी परिवार पर अचानक संकट बनकर आती हैं तो अक्सर आर्थिक तंगी के कारण अपने भी मुंह मोड़ लेते हैं। ऐसे कठिन समय में गरीब और असहाय लोगों के लिए आयुष्मान भारत योजना एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है। मोदी -योगी सरकार की यह महत्वाकांक्षी पहल लोगों के जीवन को नई दिशा दे रही है। वाराणसी में 12,55,309 आयुष्मान कार्ड धारक हैं। 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों का वय वंदन कार्ड बनाने में वाराणसी प्रदेश में तीसरे स्थान पर है।
आयुष्मान योजना सिर्फ स्वास्थ्य योजना नहीं, बल्कि गरीबों के लिए जीवन का संबल बन चुकी है। इस योजना का दायरा लगातार बढ़ रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजेश प्रसाद ने बताया कि जिले में अब तक 2,97,787 परिवार योजना से जुड़ चुके हैं, जिनमें कुल 12,55,309 लाभार्थी शामिल हैं। विशेष रूप से 70 वर्ष से अधिक आयु के 71,093 बुजुर्गों को वय वंदन कार्ड के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की गई है।
सीएमओ ने जानकारी दिया कि अब तक वाराणसी में आयुष्मान योजना के तहत लाभार्थियों का 5,69,08,06,075 रुपये से उपचार किया जा चुका है। यह राशि इस बात का प्रमाण है कि योजना वास्तव में जरूरतमंदों के लिए जीवन रक्षक साबित हो रही है। सरकार की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सही नीतियों और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ गरीबों और वंचितों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। आज वाराणसी का हर वह परिवार, जो कभी इलाज के खर्च से डरता था, अब आत्मविश्वास के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा रहा है।
आयुष्मान भारत योजना के जिला सूचना प्रणाली प्रबंधक नवेंद्र सिंह ने बताया कि समग्र आयुष्मान कार्ड निर्माण में वाराणसी प्रदेश में छठे स्थान, जबकि इलाज कराने के मामले में दसवें स्थान पर बना हुआ है। यह आंकड़े बताते हैं कि बड़ी संख्या में लोग इस योजना का लाभ उठाकर बेहतर इलाज प्राप्त कर रहे हैं।
जिले में कुल 235 अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत उपचार की सुविधा उपलब्ध है। इनमें 30 सरकारी और 205 निजी अस्पताल शामिल हैं। इससे गरीबों को नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल पा रहा है, जो पहले केवल बड़े शहरों या महंगे अस्पतालों तक सीमित था।
[6:41 pm, 25/03/2026] Ratnesh Rai: योगी सरकार ‘मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना’ से श्रमिकों के परिवार के हेल्थ और वेल्थ पर देर रही ध्यान
प्रसव से लेकर मैटरनिटी लीव के दौरान वेतन और नवजात के नाम से फिक्स्ड डिपॉजिट तक करा रही सरकार
वित्तीय वर्ष 2025-26 में वाराणसी मंडल में ही 463 लाभार्थियों को 1.72 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि वितरित की जा चुकी
वाराणसी,25मार्च
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दे रही है, खासकर उन श्रमिक परिवारों की महिलाओं पर जहां खुद या उनके पति मजदूरी से जुड़े हैं। महज श्रम विभाग में पंजीकरण के जरिए इन महिलाओं को ‘मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना’ का लाभ मिल रहा है, जिसमें प्रसव व्यवस्था से लेकर मैटरनिटी लीव के दौरान वेतन और नवजात के नाम से फिक्स्ड डिपॉजिट तक की सुविधा शामिल है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में वाराणसी मंडल में ही 463 से अधिक लाभार्थियों को 1.72 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि वितरित की जा चुकी है, जो सरकार की इस पहल की सफलता को रेखांकित करती है।
योगी सरकार द्वारा श्रमिकों के परिवार के लिए चलाई जा रही मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना हेल्थ और वेल्थ दोनों का ख्याल रख रही है । वाराणसी क्षेत्र के उपश्रमायुक्त डॉ महेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा इस योजना की शुरुआत राज्य की गरीब महिलाओं के लिए चलाई जा रही है। इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को प्रसव से पूर्व और प्रसव के बाद आराम देने के उद्देश्य से कुछ आर्थिक मदद दी जाती है। ताकि ऐसी अवस्था में माता के खानपान का ध्यान रखा जा सकें। इस योजना के अंतर्गत श्रमिक महिलाओं या श्रमिक पुरुष की पत्नी को लाभ मिलता है,साथ ही आवेदक द्वारा भवन एवं अन्य सन्न निर्माण श्रमिक के रूप में वर्ष में कम से कम 90 दिन कार्य पूर्ण किया गया हो। और श्रम विभाग में पंजीकृत हो।
उपश्रमायुक्त ने बताया कि वाराणसी मंडल में वित्तीय वर्ष 2025 -26 में पंजीकृत 463 श्रमिक लाभार्थियों को ₹ 17204981 रुपये की मदद मिली
ज़िले लाभार्थियों भुगतान की गई रही राशि
वाराणसी 243 9867103
जौनपुर 61 2893958
गाज़ीपुर 87 2355000
चंदौली 72 2088920








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