चंद्रप्रभा डैम पर आधी रात में पहुंचे जलशक्ति मंत्री
स्वतंत्र देव सिंह ने किया औचक निरीक्षण, गेट से हो रहे पानी के रिसाव का लिया जायजा
अधिकारियों से ली डैम की स्थिति की जानकारी, विशेषज्ञ टीम बुलाकर तकनीकी जांच कराने के निर्देश
चंदौली। चंद्रप्रभा डैम से पानी के रिसाव की जानकारी के बीच जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मंगलवार की रात अचानक डैम पहुंचकर निरीक्षण किया। मंत्री के बिना पूर्व सूचना अचानक डैम पहुंचने से मौके पर मौजूद अधिकारियों में हलचल मच गई। उन्होंने डैम के गेट सहित आसपास के हिस्सों का निरीक्षण कर पानी के रिसाव की स्थिति को स्वयं देखा और अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली।
रात में डैम पहुंचे जलशक्ति मंत्री ने सबसे पहले गेट से हो रहे पानी के रिसाव का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से रिसाव की स्थिति, पानी के स्तर और डैम की वर्तमान स्थिति के संबंध में जानकारी ली। अधिकारियों ने मंत्री को डैम से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की जानकारी दी।
रिसाव वाले स्थान पर पहुंचकर देखी स्थिति
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने डैम के उस हिस्से को भी देखा, जहां से पानी का रिसाव हो रहा है। उन्होंने अधिकारियों से रिसाव के कारणों और इसे नियंत्रित करने के लिए अब तक किए गए प्रयासों के बारे में जानकारी ली। मंत्री ने निर्देश दिया कि डैम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए।
तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञ टीम बुलाने के निर्देश
जलशक्ति मंत्री ने डैम की स्थिति की तकनीकी जांच कराने के लिए विशेषज्ञ टीम बुलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों से डैम का परीक्षण कराकर रिसाव के कारणों का पता लगाया जाए और जांच के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएं। अधिकारियों को डैम की सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं पर गंभीरता से नजर रखने को कहा गया।
अधिकारियों से ली पूरी जानकारी
औचक निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों से डैम के रखरखाव, जलस्तर, गेट की स्थिति और रिसाव से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया कि डैम की निगरानी में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। जरूरत पड़ने पर तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराने को भी कहा।
मंत्री के रात्रिकालीन औचक निरीक्षण को लेकर विभागीय अधिकारियों में भी सक्रियता बढ़ गई। निरीक्षण के बाद अधिकारियों को डैम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और तकनीकी जांच के लिए आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।








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