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सेवा संकल्प बाइक यात्रा तिरुपति से करीब 2,000 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर वाराणसी पहुँची

सेवा संकल्प बाइक यात्रा तिरुपति से करीब 2,000 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर वाराणसी पहुँची

कृष्णा और गोदावरी का पवित्र जल लेकर 25 युवा राइडर्स पहुँचे काशी, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय एकात्मता का दिया संदेश

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू एवं आईटी एवं शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के मार्गदर्शन में तेलुगु नाडु स्टूडेंट्स फेडरेशन (TNSF) और तेलुगु युवा द्वारा आयोजित सेवा संकल्प बाइक यात्रा आज तिरुपति से वाराणसी पहुँच गई।
30 सितंबर 2026 को तिरुपति से प्रारंभ हुई इस यात्रा में 25 युवा राइडर्स ने पांच राज्यों से होकर करीब 2,000 किलोमीटर की दूरी तय की। यह यात्रा युवाओं
भागीदारी, सेवा, आध्यात्मिकता, विकास और राष्ट्रीय एकात्मता के संदेश को लेकर काशी पहुँची।
यात्रा का शुभारंभ तिरुमला की पहाड़ियों की तलहटी में प्रार्थना और भगवान श्री वेंकटेश्वर के आशीर्वाद के साथ हुआ। इसके बाद राइडर्स ने आंध्र प्रदेश,तेलंगाना,
महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से होकर यात्रा की। विभिन्न स्थानों पर TDP, BJP, JSP तथा स्थानीय कार्यकर्ताओं और नागरिकों द्वारा यात्रियों का स्वागत किया गया।
इस यात्रा का विशेष आकर्षण पवित्र जल कलश रहा, जिसमें यात्रा के दौरान विभिन्न पवित्र नदियों का जल एकत्र किया गया। विजयवाड़ा में कृष्णा नदी और भद्राचलम में गोदावरी नदी का पवित्र जल एकत्र कर उसे काशी तक लाया गया। यह जल माँ गंगा को समर्पित किया गया।
यात्रा के दौरान राइडर्स ने श्रीकालहस्ती मंदिर, विजयवाड़ा का कनक दुर्गा मंदिर, भद्राचलम का श्री राम मंदिर तथा महाराष्ट्र स्थित चंपा आश्रम शांति धाम मंदिर सहित अनेक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के दर्शन किए।
यात्रा के प्रमुख पड़ावों में तिरुपति – श्रीकालहस्ती – कावली,कावली-मातूर-चिलकलूरिपेट-गुंटूर-मंगलागिर,
मंगलागिरी-विजयवाड़ा-मायलावरम-भद्राचलम,
भद्राचलम-वारंगल-करीमनगर-पेद्दापल्ली-रामागुंडम-
मंचेरियल, मंचेरियल-आदिलाबाद-नागपुर तथा नागपुर-जबलपुर-रीवा-प्रयागराज-वाराणसी शामिल रहे।
यात्रा के दौरान नागपुर में एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा, जहाँ अनिमिनी रवि नायडू और एम. वी. प्रणव गोपाल ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस से
मुलाकात की और उन्हें तिरुमला तिरुपति देवस्थानम का प्रसाद भेंट किया।
वाराणसी पहुँचने पर राइडर्स का सांसद (राज्यसभा) विजय चिंताकायला एवं सना सतीश बाबू ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस स्वागत समारोह में उत्तर प्रदेश
सरकार में स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क तथा पंजीयन विभाग के मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल जी भी उपस्थित रहे और उन्होंने यात्रा के प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए इसके उद्देश्य एवं भावना की सराहना की। उत्तर प्रदेश विधानसभा की आधिकारिक सूची में रविन्द्र जायसवाल को इन विभागों के लिए मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
इस अवसर पर सांसद (राज्यसभा) श्री विजय चिंताकायला ने कहा, “यह केवल एक बाइक रैली नहीं, भारत की सांस्कृतिक एकता की जीवंत यात्रा है। आदि शंकराचार्य सदियों पहले चारों दिशाओं में मठ स्थापित कर यही संदेश दिया था कि भारत केवल भौगोलिक सीमाओं का देश नहीं, एक साझा सांस्कृतिक चेतना है। आज वही भाव इस यात्रा में जीवंत है।” तिरुपति से काशी तक पवित्र जल लेकर पहुँची यह यात्रा केवल एक बाइक यात्रा नहीं रही, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय एकात्मता का प्रतीक बनी।
दक्षिण भारत की कृष्णा और गोदावरी जैसी पवित्र नदियों का जल जब उत्तर भारत की गंगा की ओर आया, तो इसने भारत की उस सनातन परंपरा को अभिव्यक्त किया, जिसमें अलग-अलग क्षेत्र, भाषाएँ, परम्पराएँ और आस्थाएँ एक साझा सांस्कृतिक चेतना से जुड़ी हुई हैं।
यह यात्रा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू एवं नारा लोकेश के नेतृत्व और विजन को भी प्रतिबिंबित करती है, जिन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में विकास, युवा सहभागिता, नवाचार और एक समृद्ध आंध्र प्रदेश के निर्माण को निरंतर प्राथमिकता दी है। राज्य के विकास के एजेंडे को आगे हुए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के व्यापक राष्ट्रीय विकास के विजन के साथ समन्वय की भावना ने विकास और जनसेवा के संकल्प को नई गति दी है, जो विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत के व्यापक लक्ष्य में योगदान
करती है। सेवा संकल्प यात्रा ने भी इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए युवाओं, सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक आस्था और एक सशक्त, विकसित एवं

 


आत्मनिर्भर भारत के साझा संकल्प को एक साथ जोड़ा। तिरुपति से काशी तक की यह यात्रा युवाशक्ति और सांस्कृतिक एकात्मता का संदेश लेकर आगे बढ़ी। 25 युवा राइडर्स ने पूरे मार्ग में सेवा, संकल्प, आध्यात्मिकता, विकास और राष्ट्र की एकता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाया। जहाँ यात्रा का आध्यात्मिक समापन 6 अक्टूबर 2026 को वाराणसी में हुआ, राइडर्स ने गंगा आरती में भाग लिया तथा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना और जलाभिषेक के माध्यम से यात्रा के दौरान एकत्र किए गए कृष्णा और गोदावरी के पवित्र जल को माँ गंगा को समर्पित किया। इस अवसर के साथ तिरुपति से प्रारंभ हुई यह यात्रा अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उद्देश्य के साथ संपन्न हुई। तिरुपति से काशी तक पाँच राज्य, करीब 2,000 किलोमीटर, कृष्णा और गोदावरी का पवित्र जल और 25 युवा राइडर्स भारत की सेवा, संस्कृति और एकता का संकल्प लेकर।

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Author: Liveupweb

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