भौतिकवाद की अंधी दौड़ में कमजोर पड़ता अपनत्व, बिखर रहे परिवार बदलती जीवनशैली ने रिश्तों की परिभाषा बदली, दिखावे और सामाजिक प्रतिष्ठा की होड़ में पीछे छूट रहे संस्कार वाराणसी।
भौतिकवाद की अंधी दौड़ में कमजोर पड़ता अपनत्व, बिखर रहे परिवार बदलती जीवनशैली ने रिश्तों की परिभाषा बदली, दिखावे और सामाजिक प्रतिष्ठा की होड़ में पीछे छूट रहे संस्कार वाराणसी। आधुनिकता और विकास के दौर में भारतीय समाज तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है। कभी संयुक्त परिवार, आपसी सहयोग और अपनत्व भारतीय…
Users Today : 121
Users Yesterday : 180